टाटा मोटर्स इस वित्तीय वर्ष में बेचेगी 50 हजार इलेक्ट्रिक कारें, सेमीकंडक्टर का भी करेगी निर्माण
टाटा मोटर्स (Tata Motors) का लक्ष्य इस वित्तीय वर्ष में 50,000 यूनिट इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बेचने का है। वहीं कंपनी अगले वित्त वर्ष में इसे दोगुना करके 1,00,000 यूनिट करना चाहती है। यहां तक कि कार निर्माता चिप की कमी का मुकाबला करने के लिए सभी मोर्चों पर काम कर रही है। टाटा समूह की कंपनी टाटा मोटर्स, जो वित्त वर्ष 2023 की दूसरी छमाही को पहली छमाही की तुलना में उल्लेखनीय रूप से बेहतर होने की उम्मीद कर रही है, इस वित्तीय वर्ष में कुल 5,00,000 कारों की बिक्री की उम्मीद करती है।

इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में भारी इजाफा
टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2020 में 1,000 से भी कम इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री की थी, वहीं वित्त वर्ष 2021 में कंपनी ने लगभग 5,000 इलेक्ट्रिक कार बेचने में कामयाब रही। वहीं वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने 19,500 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कारें बेचीं। साफ तौर पर देखा जा सकता है कि टाटा मोटर्स भारत में इलेक्ट्रिक कारों की एक बड़ी निर्माता बन कर उभर रही है। तीन वित्तीय वर्ष में टाटा मोटर्स के इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री में 353 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

इस वित्तीय वर्ष में कंपनी की योजनाओं पर टिप्पणी करते हुए, टाटा मोटर्स के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा, "हम अपनी ईवी बिक्री को समग्र बिक्री के प्रतिशत के रूप में बहुत महत्वपूर्ण दर से बढ़ाने के लिए दृढ़ हैं। हम एक आक्रामक विकास पथ पर हैं और सुरक्षा हमारे लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण तत्व है, इसलिए हम निश्चित रूप से यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई दुर्घटना न हो और ईवी उत्कृष्ट सुरक्षा सुविधाएँ प्रदान करें।"

उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स द्वारा बेचे जाने वाले वाहनों में से लगभग 7.4 प्रतिशत इलेक्ट्रिक हैं, और यह 58-60 प्रतिशत हो जाएगा लेकिन इसमें समय लगेगा। कंपनी 2025 तक अपने ईवी पोर्टफोलियो को 10 वाहनों तक विस्तारित करने की भी योजना बना रही है। हालांकि, कंपनी की ईवी स्कूटर या बाइक में कोई "रुचि" नहीं है।

कारों की मासिक बिक्री बढ़ी
बाजार की स्थिति में सुधार होने के कारण कंपनी ने पिछले महीने 45,000 यूनिट्स की मासिक बिक्री दर्ज कराई है। कंपनी का कहना है कि इस वित्त वर्ष में बिक्री में 5 लाख यूनिट्स को पार कर जाएगी। कंपनी उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने पर भी ध्यान दे रही है। कार निर्माता ने गुजरात के साणंद में फोर्ड की सुविधा का अधिग्रहण उत्पादन क्षमता को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने के लिए किया है।

चारद्रशेखरन के अनुसार, टाटा मोटर्स समूह का लक्ष्य 2039 तक जेएलआर, 2040 तक पैसेंजर वाहनों और 2045 तक कमर्शियल वाहनों से उत्सर्जन को शून्य करना है। टाटा मोटर्स वित्त वर्ष 2023 में लगभग 32,000 करोड़ रुपये का निवेश ग्रीन मोबिलिटी में करेगी।

टाटा करेगी चिप निर्माण में निवेश
टाटा मोटर्स आने वाले दिनों में देश में सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाने वाली है। हाल ही में वाहन निर्माता ने जापान की सेमीकंडक्टर कंपनी, रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन (Renesas Electronics Corporation) से सेमीकंडक्टर के डिजाइन, विकास और उत्पादन के लिए साझेदारी की है। यह साझेदारी टाटा समूह की सहायक कंपनी तेजस नेटवर्क्स लिमिटेड और रेनेसास इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच हुई है।

अगली पीढ़ी के वायरलेस नेटवर्क उपकरणों के उत्पादन के लिए रेनेसास तेजस के साथ काम करेगा, जिसमें 4जी से 5जी और ओपन रेडियो एक्सेस नेटवर्क (ओ-आरएएन) के लिए दूरसंचार नेटवर्क में उपयोग की जाने वाली रेडियो इकाइयों (आरयू) के लिए सेमीकंडक्टर समाधान के डिजाइन और विकास शामिल हैं।


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