Tata Motors प्रतिवर्ष 5 लाख यूनिट कार के उत्पादन का बना रही लक्ष्य, जानें
Tata Motors की बिक्री शानदार चल रही है लेकिन कंपनी मांग को पूरा नहीं कर पा रही है। Tata Motors अब प्रतिवर्ष 5 लाख यूनिट कार उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही है, कंपनी इसके लिए नए प्लांट में भी उत्पादन शुरू कर सकती है। ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष में पहले कुछ महीनों में 40,000 यूनिट व उसके बाद 50,000 यूनिट कार बिक्री का लक्ष्य लेकर चल रही है।

पिछले 2 साल में कंपनी की बिक्री शानदार रही है और महीने दर महीने तथा साल दर साल बिक्री को बेहतर कर रही है, कंपनी कुछ महीने पहले बिक्री के लिहाज से पहली बार दूसरे स्थान पर रही थी। यह सब कंपनी ने महामारी व चिप की कमी के बावजूद किया, कंपनी इन समस्याओं से निपटने में कामयाब रही जिस वजह से उत्पादन अच्छा बना रहा और बिक्री आंकड़ें शानदार रहे हैं।

वित्तीय वर्ष 20 में कंपनी ने 1,31,197 यूनिट की बिक्री की थी और अब वित्तीय वर्ष 22 में 3,50,000 यूनिट का लक्ष्य लेकर चल रही है। अब भविष्य में कंपनी नेक्सन, अल्ट्रोज व पंच मॉडल पर फोकस करने वाली है क्योकि यह सबसे फायदे वाली मॉडल है। सप्लायर्स को कहा गया है कि नेक्सन के 15,000 यूनिट प्रति महीने के लिए तैयार रहने को कहा गया है जिसमें से 3000 यूनिट इलेक्ट्रिक वैरिएंट के होने वाले हैं।

नेक्सन ईवी के लंबे रेंज को जल्द ही लाया जाना है और उसके बाद इसकी मांग और भी बढ़ सकती है। इसके साथ ही कंपनी अल्ट्रोज व पंच के 10,000 यूनिट की बिक्री का लक्ष्य लेकर चल रही है। कंपनी ने अल्ट्रोज को ऑटोमेटिक वैरिएंट के विकल्प के साथ लाया गया है, इसके साथ ही पंच को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और इसके बाद बाकि बचे हुए लक्ष्य को हैरियर, सफारी, टियागो/टिगोर में बांटा जाएगा।

कंपनी जब सानंद प्लांट में उत्पादन शुरू करेगी तो क्षमता बढ़कर 7,20,000 यूनिट हो जायेगी, सानंद प्लांट की क्षमता 2,40,000 यूनिट है। इस प्लांट में नए मॉडल्स, इलेक्ट्रिक, सीएनजी आदि का उत्पादन किया जाएगा। अब देखना होगा कंपनी इस प्लांट में उत्पादन कितनी जल्दी शुरू किया जाएगा और कब तक कंपनी इसकी पूरी क्षमता को प्राप्त कर पायेगा।

पिछले साल फोर्ड मोटर्स के भारत में उत्पादन बंद करने के निर्णय के बाद, टाटा मोटर्स ने कंपनी के साणंद प्लांट को खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। साणंद प्लांट में फोर्ड मोटर्स ने 4,500 करोड़ रुपये का निवेश किया था। फोर्ड मोटर्स के इस प्लांट की क्षमता हर साल 2.5 लाख से 2.7 लाख इंजन के उत्पादन की थी। हालांकि टाटा मोटर्स इस प्लांट में अपने इंजन का उत्पादन नहीं करने वाली है।

Tata Motors का प्लांट गुजरात में पहले से ही मौजूद है, जो Ford India प्लांट के काफी करीब है। इसके पहले Tata Motors, Ford के तमिलनाडु स्थित प्लांट को भी खरीदने की कोशिश कर रही थी। Tata Motors का तमिलनाडु में एक भी प्लांट मौजूद नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक Ford India के चेन्नई प्लांट को खरीदने के लिए Tata Motors पहले ही तमिलनाडु सरकार से मिल चुकी है।

Tata Motors के पोर्टफोलियो में SUV सेगमेंट में Tata Nexon, Harrier और Safari मौजूद है, वहीं हैचबैक और सेडान सेगमेंट में Tata Tiago, Tigor और Altroz शामिल है। कंपनी का लक्ष्य साल 2025 तक कुल 10 इलेक्ट्रिक वाहन को अपने लाइनअप में जोड़ना है। इस इलेक्ट्रिक वाहन में दो Electric Cars Tata Nexon EV और Tata Tigor EV को कंपनी पहले ही लॉन्च कर चुकी है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
टाटा मोटर्स को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है और उत्पादन में कमी के चलते मांग पूरा नहीं कर पा रही है, ऐसे में कंपनी नए प्लांट के साथ उत्पादन को बढ़ाने का लक्ष्य लेकर चल रही है।


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