भारत में ग्राहक एसयूवी कारों को कर रहें हैं सबसे ज्यादा पसंद, 5 साल में 36 नए एसयूवी माॅडल हुए लाॅन्च
दुनिया के बाकि हिस्सों की तरह भारत में भी एसयूवी कारों को काफी पसंद किया जा रहा है। देश में एसयूवी कारों की मांग आसमान छू रही है। यही वजह है कि पिछले एक दशक से भी कम समय में वाहन निर्माताओं ने देश में 36 एसयूवी कारों को लॉन्च किया है। पीटीआई की एक रिपोर्ट दावा किया गया है कि पिछले पांच वर्षों में भारत में 36 एसयूवी मॉडलों को लॉन्च किया गया है जो अब तक सबसे अधिक है।

वर्तमान में एसयूवी के लिए ऐसा क्रेज है कि कुछ सबसे लोकप्रिय मॉडलों की प्रतीक्षा अवधि दो साल से अधिक पहुंच गई है। इसके बावजूद, नए ऑर्डर अभी भी आ रहे हैं। महामारी से संबंधित व्यवधानों के कारण, देश भर के उपभोक्ता यात्रा के अपने निजी तरीकों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

इससे व्यक्तिगत वाहनों की बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है। दूसरी ओर, भारतीय सड़क स्थितियों में व्यावहारिकता के कारण एसयूवी जैसी बड़ी और सख्त कारें खरीदारों से अधिक आकर्षण प्राप्त कर रही हैं।

इतना ही नहीं, हाई-एंड फीचर्स वाले टॉप-एंड वेरिएंट ग्राहकों को सबसे ज्यादा पसंद आ रहे हैं। सनरूफ और कनेक्टेड टेक्नोलॉजी जैसी सुविधाओं की विशेष रूप से खरीदारों से अधिक मांग देखी जा रही है। हालांकि, एसयूवी कारों की बढ़ती बिक्री का खामियाजा हैचबैक और सेडान कारों को उठाना पड़ रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में हैचबैक और सेडान कारों की हिस्सेदारी लगातार कम हुई है।

मारुति सुजुकी इंडिया के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (बिक्री और विपणन) शशांक श्रीवास्तव के अनुसार एसयूवी सेगमेंट में पिछले कुछ वर्षों में बड़ी वृद्धि देखी गई है। उन्होंने कहा, "एसयूवी सेगमेंट का योगदान, जो उद्योग का लगभग 19 प्रतिशत था, अब 2021-22 में 40 प्रतिशत हो गया है और हम इसे और आगे बढ़ते हुए देख रहे हैं।"

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि कॉम्पैक्ट एसयूवी या एंट्री-लेवल एसयूवी की पूरे सेगमेंट में सबसे ज्यादा मांग है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पिछले साल बेची गई 30.68 लाख यूनिट्स में से एंट्री लेवल एसयूवी की हिस्सेदारी 6.52 लाख यूनिट थी।

भारत की कुछ सबसे ज्यादा बिकने वाली एसयूवी कारों में टाटा नेक्सन, हुंडई क्रेटा, टाटा पंच, हुंडई वेन्यू, किया सॉनेट, महिंद्रा एक्सयूवी700 जैसी कई कारें शामिल हैं। क्रेडिट रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) ने एक रिपोर्ट में बताया है कि पहली बार कार खरीदने वाले ग्राहक हैचबैक कारों की जगह कॉम्पैक्ट एसयूवी कारों को खरीदना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसके चलते बाजार में कई कंपनियों ने हैचबैक की कीमत पर कॉम्पैक्ट एसयूवी कारों को उतारना शुरू कर दिया है।

कॉम्पैक्ट एसयूवी कारें पेट्रोल और डीजल इंजन में कई नई सुविधाओं और उपकरणों के साथ किफायती कीमत पर पेश की जा रही हैं, जिससे एसयूवी और हैचबैक की कीमतों में अंतर कम हो गया है। क्रिसिल ने अपने रिसर्च में बताया है कि एसयूवी कारों की बढ़ती मांग भारतीय कार बाजार को दिशा दे रही है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि एसयूवी कारों की तरफ ग्राहकों के बढ़ रहे झुकाव से हैचबैक कारों को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है। छोटी कारों का बाजार वित्तीय वर्ष 2012 में 65 प्रतिशत था, जो मौजूदा वित्तीय वर्ष में घटकर 45 प्रतिशत रह गया है। एक रिपोर्ट में यह भी दावा किया है कि वित्तीय वर्ष 2026 तक एसयूवी कारों का बाजार बढ़कर 53 प्रतिशत हो जाएगा, जो मौजूदा समय में 39 प्रतिशत है।


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