खरीदने जा रहे हैं प्रीमियम हैचबैक कार? तो पहले जान लें कितनी है सुरक्षित, जानें क्या है सेफ्टी रेटिंग
कार की सेफ्टी के मामले में अब भारतीय कार ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ने लगी है। अब कार ग्राहक केवल माइलेज ही नहीं, बल्कि कार में मिलने वाले सेफ्टी फीचर्स की भी जांच-पड़ताल कर रहे हैं। यूं तो भारतीय कार बाजार में कई कंपनियां फीचर्स से भरपूर कार बनाने का दावा करती हैं, लेकिन उनकी असलियत क्रैश टेस्ट के समय सामने आ जाती है। आज हम आपको बताएंगे भारत में बिकने वाली सबसे सुरक्षित प्रीमियम हैचबैक कारों के बारे में, जिन्हें क्रैश टेस्ट में सबसे ज्यादा रेटिंग दिए गए हैं।

1. टाटा अल्ट्रोज
भारतीय कार बाजार में टाटा मोटर्स सबसे सुरक्षित कार बनाने वाली कंपनियों में शुमार है। टाटा की कारों के सभी नए मॉडल्स 4 या 5 स्टार NCAP (एनसीएपी) सेफ्टी रेटिंग के साथ आते हैं। बात करें Tata Altroz (टाटा अल्ट्रोज) की तो, यह देश की सबसे सुरक्षित प्रीमियम हैचबैक है, जिसे ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में एडल्ट सेफ्टी के लिए 5-स्टार और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 3 स्टार रेटिंग दिए गए हैं।

सेफ्टी फीचर्स की बात करें तो, Tata Altroz के सभी वेरिएंट में स्टैंडर्ड तौर पर डुअल एयरबैग दिए गए हैं। वहीं इसके टॉप वेरिएंट में डुअल एयरबैग के साथ साइड और कर्टेन एयरबैग्स भी मिलते हैं।

2. फॉक्सवैगन पोलो
जर्मन कार निर्माता फॉक्सवैगन की पोलो हैचबैक सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में काफी पसंद की जाती है। फॉक्सवैगन दुनिया भर में भरोसेमंद और बेहतर परफॉर्मेंस वाली कारें बनाने के लिए मशहूर है। Volkswagen Polo (फॉक्सवैगन पोलो) को भारत में साल 2010 से बेचा जा रहा है। तब से लेकर आज तक इस कार के डिजाइन से लेकर फीचर्स में कई तरह के सुधार किए गए हैं।

2014 में आयोजित ग्लोबल एनसीएपी (Global NCAP) क्रैश टेस्ट में, Polo एडल्ट सेफ्टी में 4-स्टार और चाइल्ड सेफ्टी में 3-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त करने में सफल रही थी। कंपनी 2014 से इस कार के सेफ्टी फीचर्स का वही आधार लेकर चल रही है, इसलिए वर्तमान Polo भी वही वही सेफ्टी रेटिंग के साथ आती है।

3. मारुति सुजुकी बलेनो
ग्लोबल NCAP द्वारा मारुति बलेनो का परीक्षण नहीं किया गया है, लेकिन यूरो NCAP ने भारत में निर्मित बलेनो पर क्रैश परीक्षण किया है। ऑन-बोर्ड रडार-आधारित ब्रेकिंग सिस्टम (स्वचालित आपातकालीन ब्रेकिंग) के साथ, सुजुकी बलेनो ने समग्र रूप से 4-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त की है। इसके बिना, बलेनो को केवल 3-स्टार सुरक्षा रेटिंग मिले हैं। चूंकि भारतीय संस्करण में स्वचालित ब्रेकिंग सिस्टम नहीं है, इसलिए इसे केवल 3-स्टार रेटिंग ही मिले हैं। मारुति बलेनो के ग्लोबल सेफ्टी रेटिंग तब सामने आएंगे जब इसका परीक्षण ग्लोबल NCAP करेगी।

4. टोयोटा ग्लैंजा
काफी लोगों को इस बात की जानकारी नहीं होगी कि Toyota Glanza (टोयोटा ग्लैंजा) मारुति बलेनो का रीबैज मॉडल है, जिसमें कोई तकनीकी या यांत्रिक बदलाव नहीं किया गया है। इसमें न केवल एक ही प्लेटफॉर्म और इंजन हैं, बल्कि एक ही बॉडी पैनल और यहां तक कि एक ही इंटीरियर बिल्ड भी है। ऐसे में बलेनो की सेफ्टी रेटिंग सीधे ग्लैंजा पर लागू होती है।

5. हुंडई आई20
Hyundai i20 (हुंडई आई20) को हाल ही में भारत में इसके थर्ड जनरेशन अवतार में लॉन्च किया गया था। यह कार काफी नई है और इसलिए ग्लोबल एनसीएपी परीक्षण से नहीं गुजारी है। पिछले जनरेशन मॉडल (Elite i20) को एडल्ट सेफ्टी के लिए 3-स्टार और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 2-स्टार सुरक्षा रेटिंग मिले थे। जहां तक नए जनरेशन मॉडल का सवाल है, हमें उम्मीद है कि हाल ही में परीक्षण किए गए हुंडई ग्रैंड i10 Nios के विपरीत, यह बेहतर सुरक्षा रेटिंग लेन में कामयाब होगी।

6. होंडा जैज
अंतरराष्ट्रीय बाजार में Honda Jazz (होंडा जैज) को कई अपडेट दिए गए हैं लेकिन भारत में 2015 के फेसलिफ्ट संस्करण के बाद इसे अपडेट नहीं किया गया है। Honda Jaz यूरो एनसीएपी (Euro NCAP) में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग और ऑस्ट्रेलियाई एनसीएपी में 5-स्टार सुरक्षा रेटिंग प्राप्त करने में कामयाब रही, जो काफी प्रभावशाली है। हालांकि, भारतीय मॉडल के अपडेट नहीं होने के चलते यह सुरक्षा में अपने अंतरराष्ट्रीय मॉडलों से कम है।


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