इलेक्ट्रिक कार से लंबे ट्रिप पर जाने की कर रहे हैं प्लानिंग? जान लें किन समस्याओं का करना पड़ सकता है सामना
भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बाजार पिछले दो-तीन वर्षों में प्रभावशाली ढंग से बढ़ा है। खरीदारों के पास आज बड़े पैमाने पर बाजार में इलेक्ट्रिक कारों का एक व्यापक विकल्प है। इनमें से कई 300 किलोमीटर से अधिक रेंज देने का दावा भी करती हैं। फिलहाल, इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए चार्जिंग स्टेशनों की कमी है लेकिन अगर आप बड़े शहर में रहते हैं तो चार्जिंग स्टेशन ढूंढने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ती है।

फिर भी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करना एक बड़ी समस्या है। और इस वजह कई लोग इलेक्ट्रिक कार से लंबी दूरी का सफर करने से कतराते हैं। अगर आप भी इलेक्ट्रिक कार चलाते हैं और वीकेंड पर किसी ट्रिप पर जाना चाहते हैं, तो आपको जरूर पता होना चाहिए कि ट्रिप पर इलेक्ट्रिक कार से जुड़ी किन समस्याओं का आपको सामना करना पड़ सकता है। आइये जानते हैं....

मिलेगी हमेशा कम रेंज
दरअसल, कार कंपनियां इलेक्ट्रिक कारों में जितनी रेंज का दावा करती हैं, असल परिस्थितियों में उतनी रेंज नहीं मिलती है। इलेक्ट्रिक कारों की रेंज ड्राइविंग के आदर्श मानकों पर तय की जाती है, लेकिन असल में कार के वजन, पैसेंजर की संख्या और सड़क की स्थिति के अनुसार इलेक्ट्रिक कार की रेंज बदलती रहती है।

मान लीजिये की एक इलेक्ट्रिक कार की रेंज 450 किलोमीटर है। तो ऐसे में उसकी असल रेंज 370 से 400 किलोमीटर तक ही होगी। इसलिए अगर आप शहर के बाहर जा रहे हैं जहां चार्जिंग स्टेशन की कमी है, तो ट्रिप पर निकलने से पहले लौटने के लिए बचने वाले चार्ज का अनुमान लगा लें और उस हिसाब से ही अपने ट्रिप की प्लानिंग करें।

चार्जिंग की होगी समस्या
भारत के कई बड़े शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध होने लगे हैं, लेकिन अब भी इनकी उपलब्धता पेट्रोल पंप के जैसे नहीं है। ऐसा भी हो सकता है कि आप ट्रिप पर जिस जगह जाने की प्लानिंग कर रहे हो वहां आस-पास चार्जिंग स्टेशन उपलब्ध न हो। ऐसे में चार्ज खत्म होने पर आपको समस्या का सामना करना पद सकता है।

चार्जिंग में घंटों करना पड़ेगा इंतजार
अगर ट्रिप के दौरान आप अपनी इलेक्ट्रिक कार को चार्ज करना चाहते हैं, तो ऐसे में ट्रिप का समय लंबा हो सकता है। अमूमन एक इलेक्ट्रिक कार को पूरी तरह चार्ज होने में 3-4 घंटे का समय लगता है। ऐसे में आपके साथ कार में सफर कर रहे अन्य लोगों को भी इंतजार करना पड़ेगा। यह जरूरी नहीं है कि आपको सफर के दौरान फास्ट चार्जर मिले या चार्जिंग स्टेशन खाली ही हो। इसलिए ट्रिप पर निकलने से पहले इसकी भी प्लानिंग कर लें।

चार्जर या चार्जिंग स्टेशन हो सकता है खराब
इलेक्ट्रिक कार में कई इलेक्ट्रिक उपकरण लगे होते हैं। ऐसे में इस्तेमाल करने में लापरवाही बरतने पर ये खराब भी हो सकते हैं। कई बार चार्जिंग स्टेशन भी पूरी तरह तैयार नहीं होते या उनमें कुछ पॉइंट्स रिपेयरिंग के आभाव में खराब पड़े रहते हैं। इसके अलावा कई बार मैप पर चार्जिंग स्टेशनों को लोकेट कर पाना भी मुश्किल होता है।

रिपेयरिंग में हो सकती है दिक्कत
आमतौर पर लोकप्रिय पेट्रोल-डीजल कार मॉडलों के कल-पुर्जे हर जगह उपलब्ध होते हैं। अगर ट्रिप के दौरान कार में छोटी-मोटी गड़बड़ी आती है तो आप उसे खुद से भी रिपेयर कर सकते हैं या किसी नजदीकी मकैनिक के पास भी ले जा सकते हैं।

हालांकि, ऐसा इलेक्ट्रिक कारों के साथ नहीं होता। नई तरह की तकनीक और बनावट होने के कारण इलेक्ट्रिक कारों के कल-पूर्जे और रिप्लेसमेंट पार्ट्स आसानी से उपलब्ध नहीं होते हैं। ऐसे में अगर आपकी इलेक्ट्रिक कार में गड़बड़ी आ गई तो आपको परेशानी हो सकती है। हालांकि, इलेक्ट्रिक कार बेचने वाली कई कंपनियां आजकल टोइंग या रोड साइड असिस्टेंस सर्विस का विकल्प दे रही हैं जिससे इलेक्ट्रिक कार ग्राहकों की समस्या थोड़ी कम हुई है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
अगर आप इलेक्ट्रिक कार खरीदने की सोच रहे हैं तो अपनी जरूरत को ध्यान में रखते हुए फैसला लें। अगर आप वीकेंड ट्रिप पर जाने के आदि हैं या कार से हमेशा लंबी दूसरी का सफर करना चाहते हैं तो इलेक्ट्रिक कार आपके लिए नहीं है। मौजूदा समय में छोटे शहरों में चार्जिंग स्टेशनों का अभाव है, इसके चलते आपको चार्जिंग की समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है।


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