ओला व उबर नहीं होगी मर्ज, सीईओ भाविष अग्रवाल ने दावे को किया खारिज
हाल ही में खबर आई थी कि ओला व उबर मर्ज होने वाली है और एक साथ आने वाली है। लेकिन ओला के सीईओ भाविष अग्रवाल ने कहा कि यह बकवास खबर है। कुछ समय पहले कहा जा रहा था कि ओला व उबर आगे नही बढ़ पजा रही है और समान इन्वेस्टर होने की वजह से दोनों कंपनियां एक साथ ही जाए, इस खबर को भाविष ने पूरी तरह से नकार दिया है।

भाविष अग्रवाल ने ट्वीट करके कहा कि "यह बकवास है। हम लाभदायक है और अच्छी तरह से बढ़ रहे हैं। अगर कोई अन्य कंपनी भारत में अपना व्यापार छोड़ना चाहती है तो उसका स्वागत है। हम कभी साथ में नहीं आयेंगे।" ऐसे में ओला की तरफ से इंकार कर दिया गया है, ऐसे में ओला व उबर दोनों ही कंपनी अलग काम करना जारी रखेंगी।

बतातें चले कि टैक्सी राइड सर्विस के व्यापार में ओला व उबर इंडिया मुख्य प्रतिस्पर्धी है। दोनों ही कंपनियां भारतीय बाजार में अधिक ग्राहक बनाने वे ड्राइवर्स को आकर्षित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च चुकी है। लेकिन कोविड के बाद से दोनों ही कंपनियों के व्यापार को धक्का पहुंचा है क्योकि ग्राहक अब पर्सनल ट्रांसपोर्ट को अधिक तरजीह दे रहे हैं।

ओला ने कई व्यापार किये बंद
भारत में ओला की कई शाखाएं हैं, जिनके माध्यम से कंपनी अलग-अलग उद्योग में काम कर रही है। इनमें राइड-शेयरिंग (Ola Cabs), यूज्ड कार (Ola Cars), क्यू-कॉमर्स (Ola Dash) और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण शाखा Ola Electric शामिल हैं। इस शाखा के तहत कंपनी मौजूदा समय में इलेक्ट्रिक स्कूटरों को भारतीय बाजार में बेच रही है।

अब जब ओला ने अपने लक्ष्य को चार-पहिया इलेक्ट्रिक वाहन में विस्तारित करने की योजना बनाई है, तो ऐसे में कंपनी ने ओला कार्स, जोकि यूज्ड कार्स के कारोबार का प्लेटफॉर्म है और इसके साथ-साथ ओला डैश को भी बंद करने का फैसला किया है। बता दें कि ओला कार्स प्लेटफॉर्म सिर्फ 8 माह पहले ही शुरू हुआ था।

कंपनी के प्रवक्ता ने इस योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि "ओला ने अपनी प्राथमिकताओं का पुनर्मूल्यांकन किया है और ओला डैश (कंपनी का त्वरित वाणिज्य व्यवसाय) को बंद करने का फैसला किया है। ओला इलेक्ट्रिक के लिए गो-टू-मार्केट रणनीति को मजबूत करने पर अधिक ध्यान केंद्रित करने के लिए ओला अपने ओला कार्स के कारोबार को भी पुनर्व्यवस्थित करेगी।"

उबर करेगी मदद
ऑनलाइन कैब कंपनी उबर ने सोमवार को यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका (ईएमईए) बाजार में अपने सबसे बड़े वाहन आपूर्ति भागीदार मूव (Moove) को भारत में लाने की घोषणा की, ताकि कैब ड्राइविंग के पेशे में उतरने वाले लोगों को कैब खरीदने में मदद मिल सके। उबर के मुताबिक ड्राइवर-पार्टनर अपनी हर दिन की कमाई के कुछ हिस्से का उपयोग कैब खरीदने के लिए कर सकते हैं। यह सर्विस सबसे पहले मुंबई, बेंगलुरु और हैदराबाद में शुरू की जाएगी।

ड्राइवस्पार्क के विचार
ओला व उबर के मर्ज होने की खबर को भाविष ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है और कभी मर्ज ना होने की भी बात कही है। ऐसे में यह कंपनी सहित पूरे बाजार के लिए सीधा सन्देश है कि ओला कैब सर्विस में टिकने के लिए आये है और इस क्षेत्र को छोड़कर नहीं जाने वाले हैं।


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