Nitin Gadkari ने बताया ग्रीन हाइड्रोजन की कीमत कितनी होगी, सिर्फ 1.65 रुपये/किमी पर चलेगी कार
हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में केंद्रीय परिवहन मंत्री, Nitin Gadkari ने हरित हाइड्रोजन की कीमत लगभग 70 रुपये से 80 रुपये प्रति किलोग्राम या एक डॉलर के निशान पर रखने की सरकार की योजनाओं के बारे में जानकारी दी है। बता दें कि सरकार ने कुछ महीनों पहले भारत में ईंधन-सेल इलेक्ट्रिक वाहनों (FCEV) को पेश करने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन शुरू किया था।

अब नितिन गडकरी ने इसकी कीमत के बारे में जानकारी साझा की है। कई लोगों के दिमाग में यह सवाल उठेगा कि आखिर ईंधन-सेल इलेक्ट्रिक वाहनों से इलेक्ट्रिक व्हीकल कितने अगल हैं और क्यों अलग हैं? तो चलिए आपको इसके बारे में पूरी जानकारी देते हैं।

एक FCEV और एक इलेक्ट्रिक वाहन के बीच प्राथमिक अंतर यह है कि FCEV में वाहन के इलेक्ट्रिक मोटर्स को बिजली देने के लिए हाइड्रोजन का उपयोग करने वाले ईंधन सेल लगाए जाते हैं और एक्सटीरियर चार्जिंग की आवश्यकता नहीं होती है।

वहीं दूसरी ओर एक इलेक्ट्रिक वाहन में, एक बहुत बड़ा बैटरी पैक होता है, जो एक्सटर्नल पावर स्रोत से शक्ति प्राप्त करता है। कीमत की बात करें तो हरित हाइड्रोजन के उत्पादन की लागत तीन से चार डॉलर प्रति किलोग्राम यानी करीब 230 रुपये और 350 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच होती है।

भारत सहित सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं इसे एक या दो डॉलर प्रति किलोग्राम यानी करीब 80 रुपये या 150 रुपये प्रति किलोग्राम तक लाने के लिए इसे कम करने की दिशा में काम कर रही हैं। 15 अगस्त, 2021 को भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन का शुभारंभ किया।

इसका उद्देश्य सरकार को अपने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने और भारत को हरित हाइड्रोजन हब बनाने में मदद करना है। इसके परिणामस्वरूप साल 2030 तक 50 लाख टन हरित हाइड्रोजन का लक्ष्य उत्पादन रखा गया है। हालांकि मौजूदा समय में हाइड्रोजन चलित कारें सीमित हैं।

अभी के लिए, दुनिया में केवल दो मास-मार्केट कारें उपलब्ध हैं, जो हाइड्रोजन पर चलती हैं, जिनमें Toyota Mirai और Hyundai Nexo शामिल हैं। जानकारी के अनुसार Toyota Mirai हाइड्रोजन ईंधन के एकल टैंक (5.6 किग्रा H2) पर 647 किमी की रेंज प्रदान करती है।

इसलिए, हाइड्रोजन के लिए 70 रुपये प्रति किलोग्राम के लक्षित मूल्य को देखते हुए, सेडान की चलने की लागत लगभग 1.65 रुपये प्रति किमी होगी। इसलिए हाइड्रोजन के लिए 70 रुपये प्रति किलोग्राम के लक्षित मूल्य को देखते हुए, सेडान की चलने की लागत लगभग 1.65 रुपये प्रति किमी होगी।

पिछले कुछ महीनों से नितिन गडकरी Toyota Mirai को दिल्ली में अपनी दैनिक कार को तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। भारत सरकार की ऑटोमोटिव टेस्टिंग एजेंसी, iCAT (इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी) भी Toyota Mirai का परीक्षण कर रही है।


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