सड़क से नागपुर से पुणे 8 घंटे में पहुंचना होगा मुमकिन, नितिन गडकरी ने कही यह बड़ी बात
राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में घोषणा की है कि नए ग्रीन एक्सप्रेसवे की मदद से सड़क से नागपुर से पुणे पहुंचने में सिर्फ 8 घंटे लगने वाले हैं। वर्तमान में इस सफर को पूरा करने में 15 घंटे का समय लगता है क्योकि दोनों शहरों की दूरी 716 किमी है। दोनों शहर को जोड़ने का काम राष्ट्रीय हाईवे 753सी करता है और नए एक्सप्रेसवे से सफर का समय आधा हो जाएगा।

देश में तेज-स्पीड वाले बढ़ते एक्सप्रेसवे के नेटवर्क के बारें में कहते हुए नितिन गडकरी ने नागपुर व पुणे को जोड़ने की बात कही, जो कि महाराष्ट्र की दो बड़े शहर है। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के आने के बाद यात्री सिर्फ 8 घंटे में यह सफर पूरा कर पायेंगे। इस एक्सप्रेसवे को नागपुर-छत्रपति संभाजी (औरंगाबाद) एक्सेस कंट्रोल ग्रीन एक्सप्रेसवे नाम दिया जाएगा।

इस एक्सप्रेसवे को नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा जो कि 701 किमी लंबी है। गडकरी ने जानकारी दी है कि इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवेस अथॉरिटी ऑफ इंडिया पूरा करने वाली है। यह एक्सप्रेसवे पुणे-बैंगलोर एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट करने वाली है। यह एक्सप्रेसवे दो रिजर्व फारेस्ट से गुजरने वाली है और सूरत-चेन्नई एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट होगी।

वहीं यह नई एक्सप्रेसवे नागपुर व मुंबई के सफर को भी कम कर देगी। इसके कारण नागपुर व मुंबई की दूरी सड़क से सिर्फ 11 घंटे रह जायेगी। इसके पहले नितिन गडकरी ने मुंबई से बैंगलोर के सफर के समय को कम करने की बात कही थी। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने घोषणा की है कि सरकार दोनों शहरों को एक नए ग्रीन एक्सप्रेसवे से जोड़ने की तैयारी कर रही है जिससे दोनों बड़े शहरों के बीच आने-जाने का समय कम होकर सिर्फ 5 घंटे ही रह जाएगा।

गडकरी ने यह भी कहा कि इस एक्सप्रेसवे से पुणे और बेंगलुरु के बीच यात्रा का समय भी कम होकर सिर्फ 3.5-4 घंटे रह जाएगा। हालांकि, नितिन गडकरी ने इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के समय का खुलासा नहीं किया। बता दें कि वर्तमान में बेंगलुरु और मुंबई के बीच 1,000 किलोमीटर की यात्रा में 17 घंटे से भी अधिक समय लगता है।

गडकरी ने कहा कि भारत सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में पूरे भारत में ग्रीन एक्सप्रेसवे का निर्माण शामिल है। जिसका उद्देश्य देश भर में सड़क संपर्क में व्यापक सुधार करना है। इसके तहत लगभग 27 ग्रीन एक्सप्रेस हाईवे की योजना बनाई गई है। इसके अलावा 8 घंटे में दिल्ली-श्रीनगर, 6 घंटे में दिल्ली-कटरा, 10 घंटे में दिल्ली-मुंबई, 2 घंटे में चेन्नई-बैंगलोर और आधे घंटे में लखनऊ-कानपुर जैसे शहरों को जोड़ने वाले एक्सप्रेसवे तैयार किया जा रहे हैं।

गडकरी ने कहा कि गोरखपुर को सिलीगुड़ी और वाराणसी को कोलकाता से जोड़ने के लिए भी हाईवे प्रोजेक्ट की योजना तैयार की जा रही है। गडकरी ने कहा कि नेशनल वाटर ग्रिड की तरह ही नेशनल हाईवे ग्रिड का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में टोल से भारत सरकार को 40,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो रहा है, वहीं 2024 तक इसके 1.40 लाख करोड़ रुपये तक होने की संभावना है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
नितिन गडकरी देश के अधिकतर बड़े शहरों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने की बात कह चुके हैं और ऐसे में वह लगातार कई नए एक्सप्रेसवे की घोषणा कर रहे हैं। अब देखना होगा यह प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा।


Click it and Unblock the Notifications