इस त्योहारी सीजन में बढ़ेगी कार बाजार की रौनक, नई कारों के लाॅन्च के साथ बिक्री में आएगी तेजी
कोरोना महामारी के चलते दो साल मंदी झेलने के बाद ऑटोमोबाइल बाजार में एक बार फिर रौनक लौट रही है। ऑटो विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल की दूसरी छमाही में त्योहारों के दौरान वाहनों की बिक्री में जबरदस्त इजाफा होगा। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डालर्स एसोसिएशन (FADA) का कहना है कि साल त्योहारों में पिछले साल के मुकाबले दोगुना ज्यादा नई कारें लॉन्च होंगी।

मारुति सुजुकी, हुंडई और टोयोटा जैसी कार कंपनियां अपने नए मॉडलों को उतारने की तौयारी कर रही हैं। नई कारों की बात करें तो, इस साल सितंबर के आस-पास मारुति ग्रैंड विटारा, टोयोटा हाइराइडर और नई हुंडई टक्सन को लॉन्च करने की तैयारी चल रही है।

फाडा के अध्यक्ष, विंकेश गुलाटी ने बताया कि पिछला दो साल भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए बेहद खराब रहा। वाहन कंपनियों को अपना उत्पादन बंद करना पड़ा और शोरूम के बंद होने से कई महीनों तक बिक्री भी कम हुई। इसका सीधा नुकसान वाहन कंपनियों और डीलर्स को उठाना पड़ा।

त्योहारी सीजन में बढ़ेगी बिक्री
उन्होंने कहा कि इस साल की शुरूआत से वाहनों की बिक्री में मजबूती देखी जा रही है। दिलचस्प बात यह है कि पिछले कुछ महीनों से वाहन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद बिक्री बढ़ रही है। ईंधन की बढ़ती कीमतों से भी वाहन बाजार प्रभावित नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले त्योहारी महीनों में वाहन बिक्री के चरम पर होने की उम्मीद है।

एसयूवी कारों की मांग बढ़ी
गुलाटी ने कहा कि नई कार मॉडलों में एसयूवी कारों का दबदबा बढ़ेगा। लॉन्च होने वाली नई कारों में 90 प्रतिशत एसयूवी मॉडल्स होंगे। उन्होंने बताया कि कार डीलरशिप पर ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इनमें से ज्यादातर ग्राहक एसयूवी या कॉम्पैक्ट एसयूवी कारों को खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

मौजूदा समय में नई कारों की डिलीवरी के लिए लंबी वेटिंग चल रही है। हालांकि, इसके बावजूद लोग अपनी पसंदीदा कार के लिए 4-6 महीने का इंतजार करने के लिए तैयार हैं। जानकारी के मुताबिक, भारत में लगभग 6.5 लाख कारों की डिलीवरी पेंडिंग है। इसमें मारुति की 3.5 लाख कारें और टाटा, महिंद्रा, हुंडई और टोयोटा कि 3 लाख कारें हैं जिनकी डिलीवरी ग्राहकों क किया जाना है।

दोपहिया वाहनों की बिक्री घटी
फाडा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि दोपहाया वाहनों की स्थिर बिक्री चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि दोपहिया वाहनों की कम बिक्री के पीछे कई वजह हैं। पेट्रोल की अधिक कीमत के चलते अब बाइक और स्कूटर चलाना महंगा हो गया है। इसके अलावा दो साल में बाइक की कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। इसलिए अब लोग इलेक्ट्रिक वाहनों के तरफ आकर्षित हो रहे हैं। पेट्रोल बाइक या स्कूटर की तुलना में इलेक्ट्रिक स्कूटर को चलाना किफायती है।

फेम-2 सब्सिडी और राज्य सरकारों द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत पेट्रोल वाहनों के लगभग बराबर आ गई है। फाडा अध्यक्ष ने कहा कि बीएस-4 से बीएस-6 में बदलाव ने दोपहिया वाहनों को काफी महंगा कर दिया है।


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