अब भारतीय कारों को मिलेंगे अपने सेफ्टी स्टार्स, जल्द शुरू होने वाला है Bharat NCAP प्रोग्राम
काफी समय से जानकारी सामने आ रही है कि भारत में निर्मित कारों के लिए Bharat NCAP क्रैश टेस्ट प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कई ट्वीट्स के माध्यम से Bharat NCAP (न्यू कार असेस्मेंट प्रोग्राम) शुरू करने के लिए मसौदा अधिसूचना को मंजूरी देने की घोषणा की है।

इस प्रोग्राम के तहत भारतीय बाजार में लॉन्च की गई, नई कारों को Global NCAP की तरह ही सेफ्टी स्टार रेटिंग दी जाएगी, लेकिन यह टेस्टिंग मौजूदा भारतीय नियमों और ड्राइविंग स्थितियों को ध्यान में रखते हुए की जाएगी। इस प्रोग्राम की घोषणा पहली बार साल 2016 में की गई थी।

इस प्रोग्राम का उद्देश्य साल 2030 के अंत तक भारत में सड़क दुर्घटनाओं और मौतों की संख्या को 50 प्रतिशत तक कम करना है, जो भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है। Gadkari ने कहा कि Bharat NCAP एक उपभोक्ता केंद्रित मंच होगा जो ग्राहकों को उनकी सेफ्टी स्टार रेटिंग के आधार पर सुरक्षित कारों को चुनने में मदद करेगा।

यह भारत के लिए सुरक्षित कारों के निर्माण के लिए OEM (ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स) के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी पैदा करेगा और बढ़ावा देगा। Nitin Gadkari ने कहा कि "Bharat NCAP भारत को दुनिया में नंबर-1 ऑटोमोबाइल हब बनाने के मिशन के साथ हमारे ऑटोमोबाइल उद्योग को आत्मानिर्भर को बनाने में एक महत्वपूर्ण साधन साबित होगा।"

अब तक Global NCAP ने भारत के लिए सुरक्षित कार के तहत मेड-इन-इंडिया कारों का परीक्षण किया है। जिसके तहत XUV700, XUV300, Tata Nexon, Punch और Altroz जैसी SUVs को क्रेश में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए 5-स्टार सेफ्टी स्टार दिए जा चुके हैं।

वहीं दूसरी ओर Maruti Suzuki S-Presso, Swift, Hyundai Grand i10 Nios और हाल ही में Citroen C3 जैसी छोटी कारों को 0 से 3-स्टार सेफ्टी रेटिंग दी जा चुकी हैं। Bharat NCAP के मापदंडों को वैश्विक क्रैश टेस्ट प्रोटोकॉल के साथ जोड़ा जाएगा और वे हमारे इन-हाउस टेस्टिंग फेसेलिटी में आयोजित किए जाएंगे।

ध्यान देने वाली बात यह है कि Global NCAP जो अलग-अलग वयस्क और चाइल्ड सेफ्टी रेटिंग प्रदान करता है, वहीं Bharat NCAP उन दोनों को मिलाएगा और एक इंटीग्रेटेड सेफ्टी रेटिंग प्रदान करेगा। भारतीय क्रैश टेस्ट केवल पैसिव सेफ्टी टेस्ट और ICE वाहनों तक ही सीमित नहीं होंगे।

इस प्रोग्राम के तहत EVs और CNG वाहनों को भी क्रैश टेस्ट किया जाएगा। सरकार ने इस नए प्रोग्राम को लिए लागू करने की तारीख 1 अप्रैल 2023 निर्धारित की है। इस प्रकार अधिसूचना जारी करने के साथ सरकार ने CMVR (केंद्रीय मोटर वाहन नियम), 1989 में एक नया नियम 126E डाला है।


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