MG Motor India की कारों की बिक्री 43 फीसदी बढ़ी, इन माॅडलों की रही भारी डिमांड
एमजी मोटर इंडिया (MG Motors) ने 2021 में हुई बिक्री के आंकड़ों को जारी किया है। कंपनी ने अनुसार, 2021 में कुल वाहनों की बिक्री 2020 में हुई बिक्री के मुकाबले 43 प्रतिशत अधिक रही। कोरोना महामारी के प्रभाव से बाहर निकलने के बाद पिछले साल कंपनी ने अपने सभी कार मॉडलों की बिक्री में भारी वृद्धि दर्ज कि। वहीं MG Astor एसयूवी को भी ग्राहकों की जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली।

वर्ष 2020 की तुलना में, कंपनी ने वर्ष 2021 में हेक्टर की बिक्री में 21.5%, ZS EV की बिक्री में 145% और ग्लोस्टर की बिक्री में 252% की वृद्धि दर्ज की है। MG Motor India गुजरात के हलोल में अत्याधुनिक विनिर्माण सुविधा में वाहनों का निर्माण करती है। इस प्लांट की वार्षिक उत्पादन क्षमता 80,000 वाहनों की है और इसमें लगभग 2,500 कर्मचारी कार्यरत हैं।

एमजी मोटर्स इंडिया भारत में कनेक्टेड, ऑटोनॉमस, शेयर्ड और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तकनीक से लैस वाहनों को उतार रही है। कंपनी ने भारत में कई फर्स्ट इन सेगमेंट फीचर्स के साथ अपनी कारों को पेश किया है। जिसमें भारत की पहली इंटरनेट एसयूवी - एमजी हेक्टर, भारत की पहली प्योर इलेक्ट्रिक इंटरनेट एसयूवी - एमजी जेडएस ईवी, और भारत की पहली ऑटोनॉमस (लेवल 1) प्रीमियम एसयूवी - एमजी ग्लोस्टर और एमजी एस्टोर शामिल हैं।

आपको बता दें कि ब्रांड ने हाल ही में भारत में नॉन फंजिबल टोकन (non fungible token- NFT) को लॉन्च किया है। ब्रिटिश ऑटोमोबाइल ब्रांड एनएफटी लॉन्च करने वाली भारत की पहली कार निर्माता बन गई है। कार निर्माता एनएफटी से जमा होने वाले फंड का उपयोग सामुदायिक सेवा के लिए करेगी।

कंपनी 28 दिसंबर, 2021 से NFT की बिक्री शुरू कर चुकी है। कार निर्माता लॉन्च कलेक्शन के हिस्से के रूप में 1,111 यूनिट डिजिटल क्रिएटिव पेश किया है। कंपनी ने अपने पहले NFT को KoineArt के NgageN प्लेटफॉर्म पर पेश किया, जिसे विशेष रूप से MG के लेनदेन के लिए अनुकूलित किया गया है।

NFT एक नॉन फंजिबल टोकन है। NFT बिटकॉइन या अन्य क्रिप्टोकरेंसी जैसा ही क्रिप्टो टोकन है। NFT एक तरह का यूनिक डिजिटल असेट होता है जो वैल्यू जनरेट करता है। उदाहरण के तौर पर अगर दो लोगों के पास बिटकॉइन हैं तो वो उन्हें एक्सचेंज कर सकते हैं। एनएफटी डिजिटल संपत्ति जैसे डिजिटल आर्ट, म्यूजिक, फिल्म, गेम्स या किसी कलेक्शन में मिल सकता है।

क्योंकि ये यूनिक आर्ट पीस होते हैं और इसका हर टोकन अपने आप में यूनिक होता है, इसलिए इन्हे विनिमय नहीं किया जा सकता। इस डिजिटल टोकन को ओनरशिप का वैलिड सर्टिफिकेट प्राप्त होता है।

जिस भी व्यक्ति का आर्ट इस कैटगरी में आता है, उसके आर्ट को ओनरशिप का सर्टिफिकेट मिल जाता है। डिजिटल सर्टिफिकेट यह तय करता है कि उसका डुप्लीकेट नहीं बनाया जा सकता जिससे ओनर को कॉपीराइट का अधिकार मिल जाता है।

नॉन फंजिबल टोकन का इस्तेमाल डिजिटल असेट्स या सामानों के लिए किया जा सकता है जो एक दूसरे से अलग होते हैं। इससे उनकी कीमत और यूनिकनेस साबित होती है। ये वर्चुअल गेम्स से आर्टवर्क तक हर चीज के लिए स्वीकृति प्रदान कर सकते हैं। NFT को स्टैंडर्ड और ट्रेडिशनल एक्सचेंजेज में ट्रेड नहीं किया जा सकता है। इन्हें केवल डिजिटल मार्केटप्लेस में खरीदा या बेचा जा सकता है।


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