Mercedes C-Class को किया इलेक्ट्रिक कार में तब्दील, जानें क्या है इस कनवर्जन की कीमत
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) स्टार्टअप Tadpole Projects ने 2000 के दशक की शुरुआत में W203 Mercedes-Benz C-Class पर आधारित एक नई EV रूपांतरण किट बनाई है। यह स्टॉक वाहन के पेट्रोल या डीजल इंजन को एक बीस्पोक ऑल-इलेक्ट्रिक पावरट्रेन से बदल देता है, जो 150 किमी तक की रेंज प्रदान करता है।

Tadpole Projects दिल्ली की एक कंपनी है, जिसने साल 1948 की वोक्सवैगन बीटल और साल 1936 की ऑस्टिन 10 जैसी प्रतिष्ठित कारों को EVs में परिवर्तित किया है। Mercedes-Benz C-Class 2003 C180 मॉडल है, जो संभवतः 1.8-लीटर सुपरचार्ज्ड पेट्रोल इंजन के साथ आती थी।

स्टैंडर्ड तौर पर Mercedes-Benz C-Class EV में एक पूर्ण चार्ज पर 150 किमी तक रेंज देने का दावा किया जा रहा है, लेकिन आप 250 किमी तक की सीमा के साथ EV कनवर्जन किट की उम्मीद कर सकते हैं और इसके साथ एक डीसी फास्ट चार्जिंग विकल्प भी उपलब्ध है।

इसकी स्टैंडर्ड 150 किमी रेंज मॉडल को पूरा करने के लिए एसी पावर में पांच से छह घंटे का समय लगता है। स्टॉक Mercedes-Benz C-Class C180 का मूल पेट्रोल इंजन लगभग 140 बीएचपी की पावर का उत्पादन करता है, लेकिन नई इलेक्ट्रिक मोटर 55 बीएचपी की पावर प्रदान करती है।

ईवी मालिक की पसंद के आधार पर इसे 90 किमी प्रति घंटे से 150 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड पर सेट किया जा सकता है। यह अभी भी स्टॉक Mercedes-Benz C-Class C180, 220 किमी प्रति घंटे की शीर्ष गति से कम है, लेकिन यह एक EV के लिए काफी सम्मानजनक है।

उदाहरण के तौर पर आपको बता दें कि Tata Nexon EV और MG ZS EV क्रमशः 120 किमी प्रति घंटे और 140 किमी प्रति घंटे की टॉप स्पीड प्रदान करते हैं। Tadpole Projects की Mercedes किट दिल्ली में लग्जरी कार मालिकों के हाथ में एक सफल उत्पादन सकती है।

ऐसा इसलिए क्योंकि दिल्ली सरकार ने दस साल से पुराने डीजल वाहनों और पंद्रह साल से पुराने पेट्रोल वाहनों के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। सबसे बड़ा मुद्दा इस कनवर्जन किट की कीमत का, जिसके बारे में कंपनी ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है।

लेकिन इसके बाद भी भी माना जा रहा है कि Tadpole Projects अपनी Mercedes किट को 6 से 9 लाख रुपये से अधिक की कीमत पर बाजार में पेश कर सकती है। मौजूदा समय में सरकार EV कनवर्जन के लिए कोई सब्सिडी या अन्य रियायतें नहीं देती है।

बता दें कि हाल ही में दिल्ली सरकार ने दक्षिणी दिल्ली के एक निवासी के घर पर अपनी सिंगल-विंडो फेसेलिटी के तहत पहला निजी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट स्थापित किया है। यह फेसेलिटी BSES डिस्कॉम BRPL क्षेत्र के तहत स्थापित की गई थी।

दक्षिणी दिल्ली के मुनिरका इलाके में DDA के फ्लैटों में चार्जिंग प्वाइंट लगाया गया था। फेसेलिटी के तहत दूसरा निजी EV चार्जर पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में लगाया गया था। पिछले नवंबर में शुरू की गई सिंगल-विंडो फेसेलिटी का उद्देश्य शहर में निजी और अर्ध-सार्वजनिक स्थानों जैसे अपार्टमेंट, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी, अस्पताल, मॉल और थिएटर में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के तेजी से विस्तार की सुविधा प्रदान करना है।


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