Mercedes Benz की कार में इस गड़बड़ी के कारण लग सकती है आग, 8 लाख कारों को करेगी रिकाॅल
मर्सिडीज-बेंज ने बड़ी संख्या में कार मालिकों को अपने चुनिंदा वाहनों में तकनीकी खराबी के कारण संभावित आग के जोखिम के बारे में सूचित किया है। हालांकि, जर्मन लग्जरी कार निर्माता ने यह भी कहा कि इस समय इस गड़बड़ी को ठीक करने के लिए कारों को रिकॉल करना संभव नहीं है क्योंकि इस खराबी को ठीक करने के लिए आवश्यक पुर्जे उपलब्ध नहीं हैं।

हालांकि, जर्मन कार निर्माता ने समस्या से ग्रसित कारों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मर्सिडीज-बेंज की लगभग 8 लाख कारों में ये खराबी पाई गई है। इसके अलावा, यह भी पुष्टि नहीं की गई है कि मर्सिडीज-बेंज के वाहनों में तकनीकी खराबी जर्मन बाजार तक सीमित है या विश्व स्तर पर।

कारों में क्या है गड़बड़ी?
मर्सिडीज-बेंज ने कहा है कि उसकी कुछ चुनिंदा मॉडलों के कूलेंट पंप में एक संभावित रिसाव पाया गया है जिससे इंजन के पूर्जे गर्म हो सकते हैं और इससे इंजन में आग लगने का खतरा बढ़ गया है। मर्सिडीज की मूल कंपनी डेमलर ने कहा है कि इस तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित मर्सिडीज-बेंज कार मॉडलों में जीएलई, जीएलएस, सी-क्लास, ई-क्लास, एस-क्लास, ई-क्लास कूप, ई-क्लास कन्वर्टिबल, जीएलसी, सीएलएस और जी-क्लास शामिल हैं। इन प्रभावित वाहनों का उत्पादन जनवरी 2017 और अक्टूबर 2021 के बीच किया गया था।

कार निर्माता ने कहा ही कि जैसे ही आवश्यक कल-पूर्जे उपलब्ध होंगे, इस समस्या को ठीक करने के लिए कंपनी प्रभावित मर्सिडीज-बेंज कारों के लिए एक रिकॉल जारी करेगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन प्रभावित वाहनों का रिकॉल जनवरी के मध्य में शुरू किया जा सकता है।

मर्सिडीज-बेंज प्रभावित वाहन मालिकों को एक पत्र में सुझाव दिया है कि ऐसे वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें और लंबी दूरी के लिए न चलाएं। कंपनी ने यह भी कहा कि रिकॉल से प्रभावित वाहन के मालिक को हमेशा निकटतम मर्सिडीज-बेंज सर्विस पार्टनर से तुरंत संपर्क करना चाहिए।

रिपोर्ट में बताया गया है कि इन कारों की रिकॉल में कोरोना महामारी से उत्पन्न वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधा के कारण देरी हो रही है। कंपनी ने बताया है कि जैसे ही रिप्लेसमेंट पुर्जों की खेप कंपनी तक पहुंच जाएगी, वह बिना देर किए कारों की रिकॉल जारी करेगी।

बता दें कि जनवरी 2022 से मर्सिडीज-बेंज भारत में अपनी कारों की कीमत बढ़ाने वाली है। कंपनी ने बताया है कि इस महीने कुछ मॉडलों की कीमतों में 2 फीसदी तक की बढ़ोतरी की जा सकती है। कंपनी ने कीमत में बढ़ोतरी का कारण लगातार बढ़ रहे कच्चे माल की कीमत और परिचालन लागत में वृद्धि को बताया है। हालांकि, कंपनी ने यह भी भरोसा दिलाया है कि कीमत में वृद्धि का असर ग्राहकों पर बेहद मामूली होगा।

लग्जरी कार निर्माता मर्सिडीज-बेंज ने हाल ही में अपनी फ्यूचरिस्टिक इलेक्ट्रिक कार EQXX का खुलासा किया है। कंपनी का दवा है कि इस इलेक्ट्रिक एक बार चार्ज होने पर 1,000 किलोमीटर की रेंज दे सकती है। यह वाहन एक नए प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म का हिस्सा है जिसे कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों की दक्षता में सुधार लाने के लिए तैयार कर रही है।

पिछले साल जब मर्सिडीज-बेंज ने EQXX के कॉन्सेप्ट मॉडल का खुलासा किया था, उस समय इसकी रेंज 1,200 किलोमीटर बताई गई थी। हालांकि, नए मॉडल की रेंज 1,000 किलोमीटर तक सीमित है। मर्सिडीज-बेंज का कहना है कि यह कार अब तक की सबसे एफिसिएंट इलेक्ट्रिक कार है जो 1,000 किलोमीटर से अधिक की रेंज के साथ आती है। कंपनी इसकी बुकिंग जनवरी 2022 में शुरू करने वाली है। हालांकि, इसकी बुकिंग भारत में उपलब्ध नहीं होगी।

मर्सिडीज ज्यादा रेंज देने वाली कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक कारों को विकसित करने पर ध्यान दे रही है और VISION EQXX के साथ कंपनी ने पहली उपलब्धि हासिल की है। कार निर्माता का कहना है कि वह ऐसी कारों को विकसित करना चाहती है जो सिंगल चार्ज पर 1000 किलोमीटर तक की रेंज दे जबकि बैटरी की खपत केवल एक यूनिट किलोवाट ऑवर में हो।

मर्सिडीज-बेंज EQXX 100 किलोमीटर के सफर में केवल 1 किलोवाट ऑवर ऊर्जा की खपत करती है। इस वजह से इसकी क्षमता मर्सिडीज-बेंज की EQ इलेक्ट्रिक कारों से भी अधिक है। EQXX इलेक्ट्रिक कारों में लगाई जाने वाली बैटरी सेल का घनत्व EQ की बैटरी के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक है। इस वजह से EQXX की बैटरी ज्यादा चार्ज स्टोर करने में सक्षम है।


Click it and Unblock the Notifications








