मर्सिडीज बेंज भी रूस में समेटेगी अपना बोरिया बिस्तर, बेचने वाली है अपनी फैक्ट्री
मर्सिडीज बेंज रूस में अपने बिजनेस को बंद करने वाली है और ऐसा करने वाली है वह दुनिया की चौथी कार कंपनी होने वाली है। मर्सिडीज बेंज ने हाल ही में जानकारी दी है कि वह रूस में अपने एसेट्स को लोकल निवेशकों को बेचने वाली है जिसमें कंपनी की मास्को के पास स्थित फैक्ट्री भी शामिल है। कंपनी को बिजनेस बंद करने से 2 बिलियन यूरो का नुकसान होने वाला है।

मर्सिडीज बेंज अपने रूस स्थित प्लांट में ई क्लास सेडान का उत्पादन किया करती थी लेकिन वहां उत्पादन इस साल के मार्च महीने से ही बंद किया जा चुका है। इस फैक्ट्री में 1000 से अधिक कर्मचारी काम किया करते थे। उत्पादन बंद होने से बिक्री में भी बड़ी कमी आई है। कंपनी ने इस साल रूस में जनवरी से सितंबर तक 9558 यूनिट की बिक्री की है जो कि पिछले साल के मुकाबले 70% कम है।

कंपनी ने बताया कि उनके लोकल सब्सिडरी को एव्टोडोम को बेचा जाएगा जो कि लोकल डीलर चेन है। रूस के ग्राहक चाहते है कि देश में मर्सिडीज बेंज कारों का उत्पादन जारी रहे। मर्सिडीज बेंज के पास वर्तमान में कमाज नाम रुसी ट्रक कंपनी का 15% हिस्सेदारी भी है लेकिन देश छोड़ने से यह प्रभावित नहीं होगा। इस हिस्सेदारी को अगले साल डायमलर ट्रक को सौंप दिया जाएगा।

मर्सिडीज बेंज दुनिया भर में अपनी लग्जरी कारों के लिए जानी जाती है और रूस कंपनी के लिए एक बड़ा बाजार हुआ करती थी। ऐसे में बिजनेस बंद करने से नुकसान तुरंत होगा ही लेकिन कुल बिक्री में भी बड़ा फर्क आने वाला है। ऐसे में कंपनी नई जगह पर व्यापार की तलाश कर सकती है।

इसके पहले निसान, रेनॉल्ट व टोयोटा जैसी कंपनिया भी रूस में बिजनेस बंद करने की घोषणा कर चुकी है। इससे कंपनियों को बड़ा घाटा हो रहा है और वह औने पौने दाम में अपने एसेट्स बेच रही है। रूसी सरकार के अनुबंध के अनुसार, कारोबार बंद करने पर निसान को अपने प्लांट सहित पूरी संपत्ति रूसी सरकार के हवाले करनी होगी।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद मार्च 2022 से निसान ने रूसी प्लांट में उत्पादन बंद कर दिया था। निसान मोटर कंपनी लिमिटेड रूस में अपना कारोबार 1 यूरो यानी 0.97 डॉलर में सरकारी स्वामित्व वाली इकाई को सौंप देगी। इस सौदे में निसान को 686.5 मिलियन डॉलर का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है।

भारत में मर्सिडीज देश की सबसे बड़ी लग्जरी कार निर्माता कंपनी है और लगातार नए मॉडल्स ला रही है। हाल ही में कंपनी ने ईक्यूएस 580 को लॉन्च किया है। कंपनी ने इसे 1.55 करोड़ रुपये की एक्स-शोरूम कीमत पर उतारा है। Mercedes-Benz EQS 580 कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार है जिसे भारत में ही कंपनी पुणे के चाकन प्लांट में असेम्बल किया जा रहा है। इस मॉडल की उपलब्धता के साथ, यह EQC और EQS 53 के बाद अपने पोर्टफोलियो में जर्मन कार निर्माता की तीसरी इलेक्ट्रिक कार है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
रूस और यूक्रेन युद्ध के कारण बिजनेस बहुत प्रभावित हुई है और ऐसे में एक के बाद एक बड़ी कार कंपनियां रूस में बिजनेस बंद कर रही है। ऐसे में कंपनियों को बहुत घाटा भी झेलना पड़ रहा है। अब देखना होगा हालात कब बेहतर होंगे।


Click it and Unblock the Notifications








