पेट्रोल-डीजल-सीएनजी जाइए भूल; इस ईंधन से चलेगी वैगनआर, जानें
मारुति सुजुकी की वैगनआर हैचबैक में फ्लेक्स ईंधन का विकल्प देखने को मिल सकता है। कंपनी ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम)के एक प्रदर्शनी में वैगनआर को फ्लैक्स फ्यूल के रूप में झलक दिखाई है।
कार निर्माता ने कहा कि मास सेगमेंट वाहन का प्रोटोटाइप मॉडल बीएस 6 चरण- II उत्सर्जन मानदंडों के अनुकूल होगा। कार्बन को करने के लिए कंपनी इथेनॉल प्रौद्योगिकी प्रदर्शनी में प्रदर्शित वैगनआर को मारुति सुजुकी ने स्थानीय रूप से विकसित किया है।

कंपनी कॉर्पोरेट औसत ईंधन अर्थव्यवस्था (CAFE) मानदंडों के तहत अधिक किफायती और स्वच्छ इथेनॉल आधारित ईंधन में लाने के भारत के लक्ष्य में योगदान करना चाहती है। इवेंट में प्रदर्शित वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल कार में आधुनिक इंजन लगा है, जिसे इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल का उपयोग करने के लिए डिजाइन किया गया है।
इंजन नए फ्यूल सिस्टम टेक्नोलॉजी के साथ आता है। इसमें कोल्ड स्टार्ट असिस्ट के लिए हीटेड फ्यूल रेल और इथेनॉल प्रतिशत का पता लगाने के लिए इथेनॉल सेंसर मिलता है। इससे इसे उच्च इथेनॉल मिश्रणों (E20-E85) के अनुकूल बनने में मदद मिलती है।

मारुति ने इंजन के साथ-साथ कार के स्थायित्व के लिए इंजन प्रबंधन प्रणाली, ईंधन पंप और ईंधन इंजेक्टर और अन्य मैकेनिकल कंपोनेंट को भी अपग्रेड किया है। मारुति सुजुकी ने पुष्टि की है कि वह 2025 तक कॉम्पैक्ट सेगमेंट के लिए अपना पहला फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल पेश करेगी।
कार में E85 ईंधन पर चलने वाले इथेनॉल ईंधन आधारित वैगन आर फ्लेक्स फ्यूल प्रोटोटाइप वाहन समान शक्ति प्रदर्शन सुनिश्चित करते हुए पारंपरिक गैसोलीन वैगन आर मॉडल की तुलना में टेलपाइप जीएचजी उत्सर्जन को 79% तक कम करने में मदद करेगा।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी लगातार प्रदूषण को कम करने पर जोर दे रहे हैं। इसी प्रयास में मारुति आने वाले दिनों में इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल के साथ फ्लेक्स फ्यूल टेक्नोलॉजी का मूल्यांकन करने की योजना बना रही है। CAFE मानदंडों के दूसरे चरण का उद्देश्य वाहनों के CO2 उत्सर्जन को कम करके उनकी ईंधन खपत को कम करना है। सीएएफई II नियमों के तहत, औसत कॉर्पोरेट सीओ2 उत्सर्जन 113 ग्राम/किमी से कम होना चाहिए।


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