साल 2023 तक Maruti Suzuki बनाएगी E20 ईंधन आधारित कारें, जानें क्या होता है यह ईंधन
देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। ऐसे में ग्राहक वैकल्पिक ईंधनों की ओर रुख कर रहे हैं। वाहन निर्माता कंपनियां भी CNG और अन्य वैकल्पिक ईंधनों से चलने वाली कारों को बना रही हैं। इसी कड़ी में देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने हाल ही में इथेनॉल ईंधन पर स्विच करने की पुष्टि की है।

एक साक्षात्कार में Maruti Suzuki ने जानकारी दी है कि कंपनी अप्रैल 2023 तक अपनी पूरी लाइनअप को E20 ईंधन के अनुसार अपडेट करने की योजना बना रही है। आपको बता दें कि E20 का मतलब होता है कि 80 प्रतिशत पेट्रोल के साथ 20 प्रतिशत का इथेनॉल मिश्रण।

इस खबर की पुष्टि के बाद हम कह सकते हैं कि पेट्रोल और CNG के साथ, फ्लेक्स ईंधन जल्द ही Maruti Suzuki का तीसरा वैकल्पिक ईंधन होगा। आपको बता दें कि एक फ्लेक्स ईंधन वाला इंजन मूल रूप से स्टैंडअलोन या मिश्रित ईंधन पर चल सकता है।

मौजूदा समय की बात करें तो इस समय की कारें मौजूदा इंजन सेटिंग्स के साथ 5 से 10 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के साथ चल सकती हैं। इसके अलावा Maruti Suzuki ने इस बात की पुष्टि भी की है कि कंपनी तब तक इंजन ट्यूनिंग का काम भी पूरा कर लेंगे।

कार निर्माता कंपनियों को अनुपालन इंजन सामग्री का उपयोग करने और कम्पोनेंट्स, संपीड़न अनुपात और ईंधन पंप जैसी विशिष्ट चीजों में संशोधन करने की आवश्यकता होती है। Maruti Suzuki ने आश्वासन दिया है कि E20 शिफ्ट केवल एक छोटे से अंतर से कीमतों में बढ़ोतरी करेगी।

ईंधन अर्थव्यवस्था में एक अंतर से गिरावट की उम्मीद है, लेकिन सरकार मिश्रित ईंधन पर टैक्स कम करने की योजना बना रही है। चूंकि इथेनॉल स्थानीय रूप से कच्चे माल से बनाया जाता है, इसलिए कोई आयात परेशानी नहीं होगी और उम्मीद की जा सकती है कि इसकी कीमत पेट्रोल से कम होनी चाहिए।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार की योजना साल 2025 तक सभी कारों को E20 ब्लेंड के अनुकूल बनाने की है। इसलिए देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki को सबसे पहले E20 कारों को लाना चाहिए, उसके बाद अन्य निर्माताओं का स्थान होना चाहिए।

आपको बता दें कि बीते साल ही केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, नितिन गडकरी ने खुलासा किया था कि सरकार जल्द ही कार निर्माताओं से अपने पोर्टफोलियो में फ्लेक्स ईंधन से चलने वाले इंजन पेश करने को लेकर एक आदेश के तौर पर पारित करने जा रही है।

सरकार का अंतिम उद्देश्य शुद्ध इथेनॉल (E100) है, जिसमें फ्लेक्स-फ्यूल वाहन चलने में सक्षम हैं। इथेनॉल के बढ़ते उपयोग के कई फायदे हैं। सबसे पहले यह भारत के तेल आयात बिलों को कम करेगा और देश में अधिशेष क्रॉप उत्पादन का बेहतर उपयोग करेगा।


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