मारुति सुजुकी का सोनीपत प्लांट होगा कंपनी का सबसे बड़ा प्रोडक्शन यूनिट, उत्पादन जल्द होगा शुरू
मारुति सुजुकी इंडिया वर्तमान में अपनी नई उत्पादन सुविधा पर काम शुरू करने के लिए कमर कस रही है। कंपनी का नया उत्पादन संयंत्र जो हरियाणा के सोनीपत में 900 एकड़ में फैला है, गुरुग्राम के प्लांट की जगह लेगा और भारत में मारुति सुजुकी का सबसे बड़ा प्लांट होगा। वर्तमान में, गुरुग्राम और मानेसर में कंपनी की मौजूदा सुविधाओं में से प्रत्येक में तीन असेंबली लाइनें हैं, और इनकी संयुक्त उत्पादन क्षमता 1.5 मिलियन यूनिट है। दूसरी ओर, नई सोनीपत सुविधा में चार असेंबली लाइन होने की संभावना है, और इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 1 मिलियन यूनिट होने की उम्मीद है।

हरियाणा संयंत्रों में उत्पादित वाहनों के अलावा, मारुति सुजुकी गुजरात में सुजुकी मोटर गुजरात (एसएमजी) से भी वाहन लेती है, जिसका पूर्ण स्वामित्व उसकी मूल कंपनी सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पास है। सोनीपत में आगामी संयंत्र कंपनी की गुरुग्राम सुविधा की जगह लेगा, जो भारत में कंपनी की पहली उत्पादन सुविधा थी।

इसी प्लांट से मारुति ने 1983 में सपनी सबसे पॉपुलर कार मारुति 800 का उत्पादन शुरू किया था। हालांकि, यह प्लांट अब कंपनी के लिए सुविधाजनक नहीं है। कंपनी के गुरुग्राम प्लांट के आस-पास कई रिहायशी इलाके हैं, जिससे लोगों को हर दिन ट्रैफिक और सड़क जाम की समस्या का सामना करना पड़ता है।

दिसंबर 2021 में, कंपनी का कुल वाहन उत्पादन 1,52,029 यूनिट रहा, जो 2020 में इसी महीने में निर्मित 1,55,127 यूनिट की तुलना में लगभग 2 प्रतिशत कम है। कंपनी ने बताया कि वर्तमान में चल रहे सेमीकंडक्टर की कमी के चलते इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आपूर्ति बाधित रही, जिसके कारण उत्पादन में मामूली प्रभाव पड़ा।

दिसंबर 2020 में बेचे गए 1,60,226 यूनिट वाहनों की तुलना में दिसंबर 2021 में कंपनी की कुल बिक्री 4 प्रतिशत घटकर 1,53,149 यूनिट रही। हालांकि, अप्रैल-दिसंबर 2021 के बीच, कंपनी की कुल बिक्री 11,63,823 यूनिट रही, जो 2020 में इसी अवधि के दौरान बेचे गए 9,65,626 यूनिट वाहनों की तुलना में 4 प्रतिशत अधिक था।

मारुति सुजुकी ने जनवरी में अपनी कार मॉडलों की कीमत में 0.1 से 4 फीसदी की वृद्धि की है। कंपनी ने शनिवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि पिछले एक साल में, कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के कारण वाहन उत्पादन महंगा हो गया है। इसलिए, कंपनी मूल्य वृद्धि के माध्यम से अतिरिक्त लागत के प्रभाव को कम करने का प्रयास कर रही है।

कंपनी ऑल्टो हैचबैक से लेकर एस-क्रॉस एसयूवी तक कई मॉडल्स बेचती है, जिनकी कीमत 3.15 लाख रुपये से 12.56 लाख रुपये के बीच है। ऑटो प्रमुख ने पिछले साल अपने वाहन की कीमतों में तीन बार बढ़ोतरी की है। कंपनी ने पिछले साल जनवरी में 1.4 प्रतिशत, अप्रैल में 1.6 प्रतिशत और सितंबर में 1.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जो कुल 4.9 प्रतिशत है।

कंपनी के अनुसार, पिछले एक वर्ष में स्टील, एल्यूमीनियम, तांबा, प्लास्टिक और आवश्यक वस्तुओं की लागत में वृद्धि के कारण कंपनी को कीमतों में बढ़ोतरी करने के लिए मजबूर होना पड़ा। पिछले महीन एमएसआई के वरिष्ठ कार्यकारी निदेशक (विपणन और बिक्री) शशांक श्रीवास्तव ने कहा था कि कंपनी की सामग्री लागत, जो ओईएम की लागत संरचना का लगभग 75-80 प्रतिशत है, वह बढ़ गई है।

मारुति सुजुकी ने भारत में नई सेलेरियो के सीएनजी संस्करण को लॉन्च कर दिया है। मारुति सेलेरियो सीएनजी को भारत में 6.58 लाख रुपये (एक्स-शोरूम, दिल्ली) की कीमत पर उतारा गया है। मारुति की अधिकांश अन्य सीएनजी मॉडलों के विपरीत, फैक्ट्री-फिटेड सीएनजी किट को बेस LXi वेरिएंट के जगह मिड-स्पेक VXi ट्रिम में पेश किया जा रहा है।

सेलेरियो सीएनजी में ज्यादा माइलेज तो मिलेगी लेकिन इसके लिए ग्राहकों को शुरूआत में अपनी जेब ढीली करनी पड़ेगी, क्योंकि पेट्रोल से चलने वाले सेलेरियो की तुलना में सीएनजी मॉडल की कीमत 95,000 रुपये अधिक है।

मारुति का दावा है कि सेलेरियो सीएनजी अब तक की सबसे अधिक माइलेज देने वाली सीएनजी कार है। मारुति के अनुसार सेलेरियो सीएनजी एक किलो सीएनजी पर 35.60 किलोमीटर की माइलेज दे सकती है। जबकि पेट्रोल इंजन वाली नई सेलेरियो की माइलेज 26.68 किलोमीटर प्रति लीटर है।


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