मारुति सुजुकी छोटी कारें बनाना कर सकती है बंद, जानें कंपनी के चेयरमैन ने ऐसा क्यों कहा
मारुति सुजुकी भविष्य में अपनी छोटी कारों को बंद कर सकती है। हाल ही में मारुति सुजुकी के चेयरमैन, आर सी भार्गव ने कहा कि सरकार की नीतियों से छोटे वाहन महंगे हो रहे हैं और आम लोगों की पहुंच से बाहर जा रहे हैं, ऐसे में यह अलाभकारी साबित होते हैं तो कंपनी इन्हें बंद करने में कोई भी संकोच नहीं करने वाली है।

नई नीतियां
भारतीय बाजार में पिछले दो साल के भीतर ही बीएस6 उत्सर्जन मानक लागू किया गया है, इसके बाद कोरोना की वजह से रा मेटेरियल महंगी हुई है, ऐसे में मारुति सुजुकी ने 2021 में कार की कीमत में 4 बार व 2022 में 3 बार पहले ही वृद्धि कर चुकी है। कंपनी के एंट्री लेवल मॉडल्स बहुत महंगे हो चुके है और अब सरकार 6 एयरबैग की अनिवार्यता वाली नियम लाने जा रही है।

इस पर भार्गव ने कहा कि इससे कारों की कीमत में वृद्धि होगी और शायद यह सड़क हादसों में होने वाली घटना को कम करने में मदद भी ना करें। उनका कहना है कि कंपनी कॉम्पैक्ट वाहनों की बिक्री से बहुत लाभ नहीं कमाती है। कंपनी वर्तमान में छोटे कारों में एकतरफा राज करती है और अल्टो व एस-प्रेसो जैसे मॉडल्स को टक्कर देने के लिए कोई मॉडल उपलब्ध नहीं है।

इसके पहले भी कंपनी ने सरकार से इस फैसले पर फिर से विचार करने की अपील की थी। कार कंपनियों को डर है कि इस नियम के वजह से किफायती कारों की कीमत काफी बढ़ जाएगी जिसका सीधा असर कारों की बिक्री पर पड़ेगा। कार कंपनियों का कहना है कि पिछले कुछ सालों से भारत में ऑटोमोबाइल उद्योग अपने सबसे खराब दौर से गुजर रहा है।

समस्या
कोरोना महामारी के वजह से चल रही सेमीकंडक्टर की कमी और सप्लाई चेन की अव्यवस्था ने वाहनों के उत्पाद और बिक्री को और भी प्रभावित किया है। इससे सभी तरह के वाहनों की कीमत में भी अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। अब कारों के लिए आने वाले 6 एयरबैग के नियम से एंट्री-लेवल की सभी कारें महंगी हो जाएंगी। ऐसे में वह लोग जो दोपहिया वाहन से कार की तरफ जाना चाहते हैं उनकी समस्या और बढ़ जाएगी।

इस साल की शुरुआत में केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि वह इस साल अक्टूबर से कारों में 6 एयरबैग के नियम को अनिवार्य करेंगे। नया नियम उन कारों पर लागू होगा जिनकी सवारी क्षमता कम से कम 8 लोगों की है। गडकरी ने कहा था कि यह नियम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाया जा रहा है। उन्होंने सड़क हादसों में यात्रियों के बुरी तरह घायल होने और मौत के लिए कारों में एयरबैग की कमी को बताया था।

चुनौती
कार कंपनियों का कहना है कि इस नियम ने आने के बाद सस्ती कारें महंगी हो जाएंगी। वर्तमान में 10 लाख रुपये से ऊपर की कीमत वाली कारों में ही छह एयरबैग दिए जाते हैं। इन कारों में दो फ्रंट एयर बैग के साथ दो साइड और दो कर्टेन एयर बैग होते हैं। सस्ती कारों में अतिरिक्त एयरबैग को जोड़ने से कीमत में 20,000 रुपये से 25,000 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। कार निर्माताओं ने कहा है कि इससे भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली सस्ती कारों की कीमत में इजाफा होगा जिससे बिक्री पर असर पड़ सकता है।

सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि कार ग्राहक डुअल एयरबैग, एबीएस, सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम जैसे सेफ्टी फीचर्स पर ज्यादा ध्यान देते हैं। कार निर्माता इन विकल्पों को अब एंट्री-लेवल कारों में भी पेश करने लगे हैं। इसके अतिरिक्त अन्य फीचर्स को जोड़ने से कार 1 लाख रुपये से 1।20 रुपये तक महंगी हो जाती है। इससे भारत में पहले से ही बिक्री के लिए मशक्कत कर रही एंट्री-लेवल की छोटी कारें और महंगी हो जाएंगी।

ड्राइवस्पार्क के विचार
मारुति सुजुकी की कारें अपने सेफ्टी फीचर्स की कमी के लिए जानी जाती है और सरकार अब इस व्यवस्था को ठीक करना चाह रही है लेकिन मारुति सुजुकी इससे कीमत में वृद्धि की बात कह रही है। ऐसे में सरकार व देश की सबसे कार निर्माता कंपनी को मिलकर इसका समाधान निकालना होगा ताकि आम लोगों भी कार खरीद सके।


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