मारुति की बाजार हिस्सेदारी 8 साल में हुई सबसे कम, टाटा मोटर्स दे रही है कड़ी टक्कर

पिछले कुछ सालों से भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार उतार-चढ़ाव से गुजर रहा है। भारत में बीएस4 से बीएस6 वाहनों में परिवर्तन और कोरोना महामारी के बाद से ऑटोमोबाइल बाजार में मांग को धीमा कर दिया है। इन परिवर्तनों का न केवल ग्राहकों की मांगों पर प्रभाव डाला, बल्कि भारत के शीर्ष वाहन निर्माताओं की स्थिति को भी प्रभावित किया। इसी बीच देश की सबसे बड़ी कार निर्माता, मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी 43.65 प्रतिशत के साथ 8 साल के सबसे कम स्तर पर आ गई है। कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2021-2022 में कुल 13,31,558 यूनिट्स की बिक्री दर्ज कराई।

मारुति की बाजार हिस्सेदारी 8 साल में हुई सबसे कम, टाटा मोटर्स दे रही है कड़ी टक्कर

वहीं दूसरी ओर, टाटा मोटर्स की बाजार हिस्सेदारी आश्चर्यजनक रूप से बढ़कर 12.14 प्रतिशत हो गई है जो पिछले 13 साल के उच्चतम स्तर पर है। कंपनी ने इस दौरान समान अवधि में 3,70,372 यूनिट्स यात्री वाहनों की बिक्री की है। इससे टाटा मोटर्स, हुंडई के ठीक बाद भारत की तीसरी सबसे बड़ी कार निर्माता बन गई है। वित्त वर्ष 2022 में हुंडई की बाजार हिस्सेदारी घटकर 15.78 प्रतिशत रह गई है। कंपनी ने बाजार में कुल 4,81,500 यूनिट वाहनों की बिक्री की है।

मारुति की बाजार हिस्सेदारी 8 साल में हुई सबसे कम, टाटा मोटर्स दे रही है कड़ी टक्कर

जबकि मारुति सुजुकी आज भी कार बाजार का नेतृत्व कर रही है, पहले कार निर्माता ने हमेशा लगभग 50 प्रतिशत की बाजार हिस्सेदारी बनाए रखी थी। वास्तव में, कोरोना काल के पहले, वित्त वर्ष 2020 और वित्त वर्ष 2019 के दौरान, मारुति सुजुकी की बाजार हिस्सेदारी क्रमशः 51 प्रतिशत और 51.22 प्रतिशत थी। हालांकि, वित्त वर्ष 2021 में कोविड के चरम के दौरान यह गिरकर 47.72 फीसदी पर आ गया।

मारुति की बाजार हिस्सेदारी 8 साल में हुई सबसे कम, टाटा मोटर्स दे रही है कड़ी टक्कर

कोरोना महामारी के अलावा डीजल वाहनों का बंद होना, मारुति के वाहनों की बिक्री कम होने की एक बड़ी वजह है। मारुति सुजुकी ने बीएस6 उत्सर्जन नियमों के लागू होने के बाद भारत में डीजल मॉडलों को बंद कर दिया। जिसके चलते कंपनी डीजल कारों के 20 प्रतिशत के बाजार से बाहर हो गई।

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एक और पहलू जिसके कारण मारुति की बाजार हिस्सेदारी में गिरावट आई है, वह है एसयूवी की बढ़ती मांग। अभी, कंपनी के पोर्टफोलियो में एकमात्र एसयूवी विटारा ब्रेजा है, जबकि टाटा मोटर्स, हुंडई, किया और महिंद्रा जैसे प्रतिद्वंद्वी कई उत्पादों के साथ एसयूवी सेगमेंट की कमान संभाल रहे हैं। हालांकि, मारुति यूटिलिटी व्हीकल स्पेस में अपने खेल को बढ़ा रही है और अगले कुछ वर्षों में इस स्पेस में नए मॉडलों को पेश करेगी।

मारुति की बाजार हिस्सेदारी 8 साल में हुई सबसे कम, टाटा मोटर्स दे रही है कड़ी टक्कर

मारुति सुजुकी इंडिया ने बुधवार को 19,731 मारुति ईको मॉडल को रिकॉल करने की घोषणा की है। कंपनी ने इन वाहनों को रिकॉल करने का कारण गलत रिम साइज को बताया है। कंपनी ने एक आधिकारिक सूचना में बताया कि नियमित निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मारुति ईको मॉडलों में गलत साइज के रिम लगे हैं। इन मॉडलों का उत्पादन 19 जुलाई 2021 से 5 अक्टूबर 2021 के बीच किया गया है। कंपनी ने बताया कि इससे मॉडलों में किसी भी प्रकार का खतरा यह परफॉर्मेंस में कमी उत्पन्न नहीं होती है।

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कंपनी प्रभावित ग्राहकों को जल्द ही आधिकारिक तौर पर सूचना देगी जिसमें उन्हें अपने वाहन को ठीक कराने से संबंधित निर्देश दिया जाएगा। कंपनी का कहना है कि मारुति सुजुकी के अधिकृत डीलरशिप पर इन वाहनों में सुधार किया जाएगा। मारुति ईको किफायती एमपीवी श्रेणी में कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली मॉडल है। इसे कार्गो और पैसेंजर वैरिएंट में पेश किया गया है। कंपनी ने पिछले साल कुछ नए फीचर्स के साथ ईको को अपडेट किया था।

Article Published On: Thursday, April 7, 2022, 20:30 [IST]
English summary
Maruti suzuki market share lowest in 8 years details
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