मारुति ने रेलवे से किया 2.33 लाख कारों का डिस्पैच, बचाया 17.40 करोड़ लीटर डीजल
मारुति सुजुकी इंडिया ने भारतीय रेलवे नेटवर्क की मदद से पिछले वित्तीय वर्ष (2021-22) में 2.33 लाख कारों का डिस्पैच किया। कंपनी पिछले 8 सालों से अपने वाहनों के डिस्पैच के लिए भारतीय रेलवे की फ्रेट सर्विस का इस्तेमाल कर रही है। कंपनी का कहना है कि वह रेलवे फ्रेट के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन को भी कम कर रही है।

कंपनी के अनुसार, अगर वह इतने कारों को ट्रक से डिस्पैच करती तो ट्रकों को 1.56 लाख से भी ज्यादा ट्रिप करने पड़ते। वहीं इस दौरान 17.40 करोड़ लीटर डीजल की खपत होती। मारुति ने बताया कि रेलवे की सर्विस से वह ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन भी कम कर रही है। पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, मारुति सुजुकी पिछले 8 सालों में रेलवे से 11 लाख कारों का डिस्पैच कर चुकी है जिससे 4,800 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन कम हुआ है।

मौजूदा समय में मारुति अपने 15 फीसदी वाहनों को रेल नटवर्क के जरिये डिस्पैच कर रही है। कंपनी ने बताया है कि आने वाले समय में ये हिस्सेदारी और भी बढ़ सकती है। मारुति सुजुकी पहली कंपनी है जो गुजरात और हरियाणा सरकार की मदद से अपने प्लांट तक रेलवे लाइन बिछा रही है, ताकि रेलवे से वाहनों के डिस्पैच आसान हो सके।

मारुति सुजुकी भारत में पहली वाहन निर्माता है जिसने 2013 में अपने वाहनों के लिए ऑटोमोबाइल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर का लाइसेंस प्राप्त किया था। कंपनी को हाई स्पीड और हाई कैपेसिटी रेलवे वैगन का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई है। मौजूदा समय में रेलवे ने मारुति को 41 रेक उपलब्ध किये हैं जिसमें एक बार में कुल 300 कारों को डिस्पैच किया जा सकता है।

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी चालू वित्तीय वर्ष (FY 2023) में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 20 लाख कारों का उत्पादन करेगी। यह कंपनी का अब तक की सबसे ज्यादा वार्षिक उत्पादन होगा। इसके लिए कंपनी ने अलग-अलग सेगमेंट में नई कारों को भी लॉन्च करने की योजना तैयार की है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मारुति इस वित्तीय वर्ष में हैचबैक, क्रॉसओवर और मिड-साइज एसयूवी कारों के लॉन्च के साथ बाजार में वापस एक बड़े हिस्से पर दावा करेगी।

नए मॉडलों को लॉन्च करने का अलावा, मारुति तेजी से बढ़ रही सीएनजी कारों की मांग को पूरा करने के लिए अपने कुछ और मॉडलों को भी सीएनजी में पेश कर सकती है। कार निर्माता ने चालू वित्त वर्ष (2022-23) में 20 लाख कारों के उत्पादन का लक्ष्य रखा है। यह वित्त वर्ष 2022 में बनाए गए 16.50 लाख यूनिट की तुलना में 26% अधिक है।

मारुति की सीएनजी कारों की बिक्री भी तेजी से बढ़ रही है। मारुति सुजुकी की कुल कार बिक्री में सीएनजी कारों की हिस्सेदारी 1/5 है और इस वित्तीय वर्ष (2022-2023) में सीएनजी कारों की बिक्री 5 लाख यूनिट्स को पार कर जाएगी। मारुति सुजुकी के पास वर्तमान में 1,30,000 सीएनजी कारों का आर्डर लंबित है और कंपनी इन कारों की डिलीवरी करने के लिए उत्पादन बढ़ा रही है। मारुति की पॉपुलर अर्टिगा एमपीवी के सीएनजी मॉडल का वेटिंग पीरियड 8-9 महीने तक पहुंच चुका है।

मारुति सुजुकी वर्तमान में ऑल्टो, एस-प्रेसो, वैगनआर, ईको, टूरएस, अर्टिगा और सुपर कैरी में सीएनजी संस्करण पेश करती है। कंपनी ने नई सेलेरियो हैचबैक को भी सीएनजी संस्करण में लॉन्च कर दिया है। मारुति सुजुकी वर्तमान में सीएनजी सेगमेंट में 85 प्रतिशत से अधिक की हिस्सेदारी के साथ देश में सीएनजी कारों की सबसे बड़ी निर्माता है।


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