Maruti Suzuki ने दिसंबर 2021 में किया 1,52,029 वाहनों का उत्पादन
Maruti Suzuki ने दिसंबर के उत्पादन आंकड़ें जारी कर दिए हैं, कंपनी ने बीते महीने कुल 1,52,029 वाहनों का उत्पादन किया है जिसमें 1,48,767 पैसेंजर वाहन है। कंपनी ने अपनी उत्पादन क्षमता का 85 प्रतिशत प्राप्त किया है। कंपनी का उत्पादन चिप की कमी की के चलते लगातार प्रभावित हो रहा था लेकिन अब कंपनी ने स्थिति में सुधार किया है। जिस वजह से उत्पादन बेहतर हुई है।

मिनी सेगमेंट के अल्टो व एस-प्रेसो व कॉम्पैक्ट कारों के सेगमेंट का उत्पादन पिछले साल के मुकाबले इस दिसंबर 6 प्रतिशत कम 1,06,090 यूनिट का उत्पादन किया गया है। यूटिलिटी व्हीकल्स व ईको वैन की बात करें तो इस सेगमेंट में दिसंबर महीने में 40,839 यूनिट का उत्पादन किया गया। वहीं मिड साइज़ सेगमेंट के सियाज का बीते महीने 1,838 यूनिट उत्पादन किया गया है।

कंपनी हरियाणा के गुरुग्राम व मानेसर में कारों का उत्पादन करती है और दोनों ही फैक्ट्री से प्रति वर्ष 15 लाख कारों का उत्पादन किया जा सकता है। इसके अलावा सुजुकी मोटर गुजरात में भी कंपनी के कारों का उत्पादन किया जाता है जिसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता 7.50 लाख यूनिट है। यहां से मारुति सुजुकी के कारों की सप्लाई होती है। कंपनी ने दिसंबर महीने में ही अपने सप्लायर्स को पर्याप्त उपकरण तैयार रखने के निर्देश दिए थे.

मारुति सुजुकी ने सूचित किया था कि कंपनी का अक्टूबर और नवंबर का उत्पादन सेमीकंडक्टर की किल्लत के वजह से प्रभावित हुआ था। मारुति सुजुकी ने पहले कहा था कि चिप की कमी के चलते उत्पादन बाधित है इसलिए डिलीवरी की समय-सीमा को आगे बढ़ाना पड़ेगा। वहीं कंपनी ने यह भी कहा था कि ग्राहकों का इंतजार लंबा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

एमएसआईएल के अध्यक्ष आरसी भार्गव ने कंपनी के वित्तीय परिणाम की घोषणा के दौरान कहा कि सेमीकंडक्टर की कमी हमारे नियंत्रण में नहीं है और भविष्य की स्थिति का अनुमान लगाना कठिन है, फिर भी मैं कारों की डिलीवरी में हो रही देरी के लिए माफी मांगता हूं। बता दें कि वाहन कंपनियों के लिए नया साल भी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। जानकारों का मानना है कि 2022 में पूरे साल चिप की वैश्विक कमी जारी रहेगी।

बाजार पर नजर रखने वालों का यह भी अनुमान है कि अगर कोविड-19 वायरस का नया संस्करण भारत में दस्तक देता है, तो यह मोटर वाहन क्षेत्र के लिए एक और मुसीबत लेकर आएगा। मारुति ने सितंबर में 40 फीसदी, अक्टूबर में 60 फीसदी जबकि नवंबर में 85 फीसदी उत्पादन लक्ष्य हासिल किया है। बहरहाल, मारुति की सीएनजी कारों की बिक्री में पिछले कुछ महीन में भारी वृद्धि देखी गई है। साल 2023 में उत्सर्जन मानदंडों का नया चरण आएगा, जिससे लागत बढ़ने की संभावना है।

मारुति सुजुकी वर्तमान में इस सेगमेंट में 85 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ देश में सीएनजी कार सेगमेंट में सबसे आगे है। पिछले वित्त वर्ष में देश में बेची गई सीएनजी वाहनों की 1.9 लाख यूनिट में से 1.6 लाख से ज्यादा मारुति सुजुकी की सीएनजी कारें बिकीं। कंपनी को उम्मीद है कि अगले कुछ सालों में देश भर में सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट का तेजी से विस्तार होगा जिससे सीएनजी कारों के बाजार का तेजी से विस्तार होगा।

Maruti Celerio CNG इस साल कंपनी की पहली लॉन्च होने वाली है, खबर है कि इस सीएनजी मॉडल को 20 जनवरी को बाजार में उतारा जा सकता है। Maruti Celerio CNG अब तक की सबसे अधिक माइलेज वाली मॉडल हो सकती है, नवंबर में इसके पेट्रोल वर्जन को लाया गया था और यह अब तक की सबसे अधिक माइलेज वाली पेट्रोल कार बन चुकी है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
मारुति सुजुकी का उत्पादन धीरे-धीरे बेहतर हो रहा है लेकिन दुनियाभर में तेजी से कोविड फिर से बढ़ रहा है और ऐसे में फिर से चिप की कमी हो सकती है। अब देखना होगा कंपनी अपने वाहन उत्पादन को किस तरह से अच्छी बनाये रखती है।


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