मारुति सुजुकी चालू वित्तीय वर्ष में करेगी 6 लाख सीएनजी कारों की बिक्री, ईंधन की बढ़ती कीमतों से मांग में उछाल
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता, मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki India) ने चालू वित्तीय वर्ष में 4-6 लाख सीएनजी कारों की बिक्री का लक्ष्य रखा है। कंपनी का कहना है कि यह आंकड़ा आवश्यक घटकों की आपूर्ति की स्थिति के आधार पर तय किया गया है। कंपनी ने 2021-22 में करीब 2.3 लाख यूनिट सीएनजी कारों की बिक्री की। मारुति सुजुकी वर्तमान में अपने 15 मॉडलों में से नौ को सीएनजी पावरट्रेन के साथ बेचती है और आने वाले दिनों में ऐसी तकनीक के साथ और अधिक मॉडलों को पेश करने की योजना बना रही है।

एक रिपोर्ट में एमएसआई के कार्यकारी निदेशक शशांक श्रीवास्तव ने बताया कि कंपनी की कुल बिक्री में सीएनजी कारों की हिस्सेदारी बढ़ रही है। ऐसे में कंपनी वैकल्पिक ईंधन प्रौद्योगिकी के साथ और अधिक मॉडल लाने की योजना बना रही है। मारुति के सीएनजी वाहनों की मात्रा कुल बिक्री का लगभग 17 प्रतिशत है। कंपनी नौ सीएनजी मॉडलों की बिक्री कर रही है और उन मॉडलों में उनका योगदान लगभग 32-33 प्रतिशत है।

श्रीवास्तव ने कहा कि ईंधन की बढ़ती कीमतों के चलते ग्राहकों का झुकाव सीएनजी मॉडलों के तरह बढ़ रहा है। भारत में कार का परिचालन लागत उसकी बिक्री पर प्रभाव डालता है। उन्होंने सीएनजी वाहनों की बिक्री के आंकड़ों को बताते हुए कहा कि कंपनी ने 2016-17 में 74,000 यूनिट्स, 2018-19 में लगभग 1 लाख यूनिट, 2019-20 में 1.05 लाख यूनिट और 2020-21 में 1.62 लाख यूनिट सीएनजी कारों की बिक्री की है।

मारुति सुजुकी वर्तमान में ऑल्टो, एस-प्रेसो, वैगनआर, ईको, टूरएस, अर्टिगा और सुपर कैरी में सीएनजी संस्करण पेश करती है। कंपनी ने नई सेलेरियो हैचबैक को भी सीएनजी संस्करण में लॉन्च कर दिया है। मारुति सुजुकी वर्तमान में इस सेगमेंट में 85 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सेदारी के साथ देश में सीएनजी कार सेगमेंट में सबसे आगे है। पिछले वित्त वर्ष 2019-2020 में देश में बेची गई सीएनजी वाहनों की लगभग 1.9 लाख यूनिट में से 1.6 लाख यूनिट मारुति सुजुकी की थीं।

देश में सीएनजी वाहनों की वृद्धि के बारे में विस्तार से बताते हुए, श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय ग्राहक अपनी कार को चलाने की लागत के प्रति बहुत संवेदनशील हैं। उन्होंने बताया कि इसी वजह के कारण देश में ईंधन की बढ़ती कीमतों के साथ सीएनजी कारों की मांग में वृद्धि हुई है।

उन्होंने कहा कि सीएनजी कारों की बिक्री इसलिए भी बढ़ रही है क्योंकि सीएनजी गैस वितरण नेटवर्क में नए शहर जुड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, "केवल 1,400 फिलिंग स्टेशन हुआ करते थे, अब यह आंकड़ा 3,300 को पार कर गया है और अगले 1.5 वर्षों में फिलिंग स्टेशनों की संख्या 8,700 के पार जाने की उम्मीद है। 2025 तक यह आंकड़ा 10,000 का आंकड़ा छू सकता है।"

श्रीवास्तव ने कहा कि कच्चे माल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के चलते कार मॉडलों की कीमत में वृद्धि की जा सकती है। कच्चे माल की कीमतों में पिछले डेढ़ साल से लगातार वृद्धि हो रही है जिसके चलते वाहनों का निर्माण लागत बढ़ गया है। उन्होंने यह भी बताया कि कार में 6 एयरबैग देने के ने नियम के चलते कीमत में 12,000 रुपये से 13,000 रुपये की वृद्धि हो सकती है।


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