मारुति सुजुकी की 800सीसी इंजन जल्द ही हो जायेगी बंद, जाने क्या है इसका कारण
मारुति सुजुकी की मौजूदा आइकॉनिक 800सीसी इंजन मार्च 2023 तक बंद हो जायेगी। वर्तमान में इस इंजन का उपयोग अल्टो 800 में किया जा रहा है और ऐसे में यह मॉडल भी बंद हो जायेगी। इस 800सीसी इंजन को बंद किये जाने का कारण अगले साल आने वाले उत्सर्जन मानक है, इसके साथ ही इस इंजन वाले मॉडल की मांग भी कम हो रही है।

मारुति सुजुकी ने सबसे पहले इस इंजन को मारुति 800 में 1983 में लाया था और अब इसे 40 साल पूरे हो चुके है। वर्तमान में इसे अल्टो में उपयोग में लाया जा रहा है जिसे जल्द ही बंद कर दिया जाएगा। कंपनी की यह मॉडल बीते कई दशकों से ग्राहकों की लोकप्रिय कार रही है लेकिन बीते कुछ वर्षों में इसकी लोकप्रियता में कमी आई है तथा ग्राहक इससे प्रीमियम कारों का चुनाव कर रहे हैं।

मारुति सुजुकी ने हाल ही में अल्टो के10 को वापस लाया है जिसमें 1.0-लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है, इसके साथ ही मौजूदा अल्टो 800 को भी साथ-साथ बेचा जा रहा है। ऐसे में सवाल उठ थे कि 800सीसी इंजन का विकल्प नए मॉडल में क्यों नहीं दिया गया है लेकिन कंपनी ने आगामी उत्सर्जन मानकों को ध्यान में रखकर इसे नए मॉडल के लिए फिर से तैयार करना वाजिब नहीं था।

भारत सरकार ने बीएस6 उत्सर्जन मानक अप्रैल 2020 में लागू किया था और अब अगले साल मार्च 2023 से रियल ड्राइविंग एमिशन लागू करने जा रही है। इस नियम के तहत कार का उत्सर्जन ना सिर्फ टेस्टिंग के दौरान बल्कि ड्राइविंग के दौरान भी मानक स्तर पर ही रहना चाहिए। इस मानक के आने के बाद मारुति के 800सीसी के साथ-साथ छोटी क्षमता वाले डीजल इंजन भी बंद हो सकते है।

वहीं बिक्री के लिहाज से मारुति अल्टो 800 उतनी लोकप्रिय नहीं रही है। पहली बार भी कार खरीदने वाले ग्राहक स्विफ्ट, डिजायर व वैगन आर जैसे मॉडल्स का चुनाव कर रहे हैं जबकि अल्टो 800 अभी कंपनी की लाइनअप में सबसे सस्ती कार है। वहीं अल्टो के10 को लाये जाने के बाद इसकी मांग और भी कम हो गयी है, ऐसे में कम मांग वाले मॉडल को जारी रखना कंपनी के लिए सही नहीं होगा।

मारुति सुजुकी ने एफ8 इंजन को भले ही भारत में 1983 में लाया हो लेकिन इसकी शुरुआत 1970 के दशक में जापान में हुई थी। भारत में एफ8बी इंजन 39 एचपी का पॉवर व 59 न्यूटन मीटर का टार्क प्रदान करता था लेकिन 2000 में इस इंजन को अपडेट किया गया और तब यह इंजन 48 एचपी का पॉवर व 69 न्यूटन मीटरका टार्क प्रदान करने लगा।

उसी समय इसमें फ्यूल इंजेक्शन व चार वाल्वस प्रति सिलेंडर का भी अपडेट दिया गया था जिस वजह से यह ना सिर्फ बीएस2 बल्कि बीएस6 के आने तक उपयुक्त थी। वर्तमान में यह मारुति अल्टो 800 में 24।5 किमी/लीटर का माइलेज प्रदान करता है। पहले यह 4-स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स उसके बाद 5-स्पीड मैन्युअल गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
मारुति सुजुकी ने इसी इंजन की वजह से भारतीय बाजार में सफलता हासिल की, लेकिन अब अंततः नए मानकों की वजह से इसे बंद किया जाएगा। इसकी जगह अब मारुति के लाइनअप में 1.0-लीटर इंजन ने ले ली है।


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