महिंद्रा खरीद सकती है इस अमेरिकी कार कंपनी का प्लांट, उत्पादन बढ़ाने की तैयारी शुरू
महिंद्रा ने पिछले कुछ साल में भारतीय बाजार में कई नई कारों को लॉन्च किया है। हालांकि, बाजार की मांग के अनुसार कंपनी कारों का उत्पादन नहीं कर पा रही है। ऐसे में उत्पादन को बढ़ाने के लिए कंपनी कथित तौर पर अमेरिकी कार निर्माता जनरल मोटर्स के तालेगांव प्लांट का अधिग्रहण करने पर विचार कर रही है।
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एक रिपोर्ट में कहा गया है कि बातचीत अभी शुरुआती चरण में है। महिंद्रा के अधिकारियों ने जीएम की सुविधा के कई दौरे किए हैं जो महिंद्रा के चाकन प्लांट से केवल 20 किमी दूर स्थित है।

जनरल मोटर्स साल 2017 में भारतीय बाजार से बाहर हो गई थी और तब से अपने कारखाने को बेचना चाह रही है। इस प्लांट में निर्यात इकाइयों का उत्पादन 2020 में बंद कर दिया गया था।

जीएम की तालेगांव प्लांट शुरू में चीन की ग्रेट वॉल मोटर्स द्वारा अधिग्रहित की जानी थी, लेकिन भारत सरकार के द्वारा अधिग्रहण की अनुमति नहीं मिलने के कारण यह सौदा रद्द हो गया। ब्रिटिश ब्रांड एमजी मोटर भी कथित तौर पर संयंत्र का अधिग्रहण करने की दौड़ में है, लेकिन इसके चीनी स्वामित्व के कारण इसे और अधिक जांच का सामना करना पड़ सकता है, जिससे अधिग्रहण की प्रक्रिया और भी लंबी हो जाएगी।

हाल ही में फोर्ड ने अपना साणंद प्लांट भी टाटा मोटर्स को 725.70 करोड़ रुपये में बेच दिया है। जीएम के कार प्लांट का अधिग्रहण एक भारतीय निर्माता द्वारा भारत में एक अमेरिकी वाहन निर्माता की संपत्ति खरीदने का दूसरा उदाहरण होगा। जानकारी के अनुसार, महिंद्रा एंड महिंद्रा इस प्लांट को करीब 600 करोड़ रुपये में खरीद सकती है, जो कंपनी के लिए एक फायदे का सौदा साबित हो सकता है।

महिंद्रा इस प्लांट को ईवी निर्माण इकाई में बदलने पर भी विचार कर सकती है क्योंकि कंपनी का लक्ष्य प्रति वर्ष 2,00,000 इलेक्ट्रिक वाहनों बेचना है। इस लक्ष्य को कंपनी 2027 तक प्राप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आपको बता दें कि महिंद्रा की कुछ एसयूवी मॉडलों पर काफी लंबा वेटिंग पीरियड चल रहा है। महिंद्रा थार और एक्सयूवी 700 का वेटिंग पीरियड 10 महीने से एक साल तक पहुंच गया है।

हाल ही में लॉन्च हुई महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन ने पहले 30 मिनट के भीतर 1 लाख से अधिक बुकिंग हासिल करके भारत में हर एसयूवी को पछाड़ दिया था। एक रिपोर्ट के मुताबिक महिंद्रा के पास लगभग 1.25 लाख कारों की डिलीवरी पेंडिंग है। महिंद्रा अपनी एसयूवी की मांग को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही है। ऐसे में उत्पादन क्षमता में विस्तार से कार का इंतजार कर रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिल सकती है।

इसके अलावा, महिंद्रा भारत में बॉर्न इलेक्ट्रिक रेंज के तहत इलेक्ट्रिक पांच कारों का खुलासा कर चुकी है। इन कारों को कंपनी 2024 तक लॉन्च करने की तैयारी कर रही है। कहा जा रहा है कि जीएम का यह प्लांट महिंद्रा की इलेक्ट्रिक कारों के लिए उत्पादन का केंद्र हो सकता है।


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