लेम्बोर्गिनी ने छह महीनों में बेची 5000 से ज्यादा लग्जरी कारें, इस माॅडल के दीवाने हुए लोग
लेम्बोर्गिनी की 2022 में अब तक की सबसे अच्छी अर्ध-वार्षिक बिक्री हुई है। कंपनी ने इस साल के पहले छह महीनों में 5,090 यूनिट्स की बिक्री के साथ 4.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कराई है। कंपनी का कारोबार पहले छह महीनों में 1.33 बिलियन यूरो तक पहुंच गया, जो कि 2021 के पहले छह महीनों के मुकाबले 30.6 प्रतिशत की वृद्धि है।

वहीं कार निर्माता का परिचालन लाभ भी 69.6 प्रतिशत ऊपर रहा, जो 251 मिलियन यूरो से बढ़कर 425 मिलियन यूरो तक पहुंच गया। पिछले वर्ष की अवधि में 24.6 प्रतिशत के बाद संगत ऑपरेटिंग मार्जिन 31.9 प्रतिशत था।

ऑटोमोबिली लेम्बोर्गिनी के अध्यक्ष और सीईओ स्टीफन विंकेलमैन ने कहा कि भू-राजनीतिक स्थिति के कारण चल रही अनिश्चितता के बावजूद, इस साल की पहली छमाही कंपनी के लिए असाधारण रही। इस दौरान कंपनी का दृष्टिकोण समान रूप से सकारात्मक रहा। कंपनी ने अगले साल बनाए जाने वाली कारों के लिए भी बुकिंग प्राप्त कर ली है।

बाजार योगदान के संदर्भ में, अमेरिका, एशिया प्रशांत और ईएमईए (यूरोप, मध्य पूर्व और अफ्रीका) का वैश्विक मात्रा में क्रमशः 34 प्रतिशत, 25 प्रतिशत और 41 प्रतिशत का योगदान है। संयुक्त राज्य अमेरिका नंबर एक बाजार रही जहां कंपनी ने 1,521 यूनिट्स बेचीं, इसके बाद चीनी, हांगकांग और मकाऊ में 576 यूनिट्स, जर्मनी में 468 यूनिट्स, यूनाइटेड किंगडम 440 यूनिट्स और मध्य पूर्व में 282 यूनिट्स बेचीं गईं।

मॉडलों की बात करें तो, उरुस एसयूवी का 61 प्रतिशत बिक्री पर दबदबा रहा, जबकि हुराकैन और एवेंटाडोर सुपर कारों की बिक्री में 39 प्रतिशत का योगदान है। इस साल के नए उत्पादों के बीच, हुराकैन टेक्निका का बहुत गर्मजोशी से स्वागत किया गया, जिसका अप्रैल 2022 में पेश किया गया था।

सुपरकार निर्माता कंपनी लेम्बोर्गिनी की उरुस एसयूवी दुनिया भर में कंपनी की सबसे अधिक बिकने वाली कार है। कंपनी ने अपनी अन्य सभी कारों के मुकाबले दुनिया भर में इस कार की सबसे ज्यादा बिक्री की है। इतना ही नहीं भारत में भी इसकी बिक्री बहुत अच्छी रही है। कंपनी ने भारतीय बाजार में लेम्बोर्गिनी उरुस के 200 यूनिट्स की डिलीवरी पूरी कर ली है।

कंपनी ने भारत में इस उपलब्धि को लॉन्च के साढ़े चार सालों में हासिल किया है। मार्च 2021 में इस एसयूवी ने 100-यूनिट की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया था। लैंबॉर्गिनी इंडिया ने खुलासा किया है कि भारत में पहली बार लेम्बोर्गिनी खरीदने वालों में उरुस की हिस्सेदारी 80 प्रतिशत है।

कंपनी इस एसयूवी को भारत में 3.1 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर बेच रही है। आपको बता दें कि यह कार पांच लोगों और उनके सामान के लिए बहुत ही ज्यादा स्पेस प्रदान करती है और इसके साथ ही इसका प्रदर्शन भी शानदार रहता है। लेम्बोर्गिनी उरुस के इंजन की बात करें तो इस शानदार कार में 4.0 लीटर, 8-सिलिंडर ट्विन-टर्बो वी8 इंजन दिया गया है जो 641 बीएचपी की पॉवर के साथ 850 न्यूटन मीटर का अधिकतम टॉर्क उत्पन्न करता है। यह इंजन लेम्बोर्गिनी की सबसे पॉवरफुल इंजनों में शुमार करता है।


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