अब ये कार कंपनी रूस में बंद करेगी कारोबार, युद्ध के बाद वाहनों का उत्पादन हुआ मुश्किल

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद कार कंपनियों का रूस में कारोबार बंद करने का सिलसिला जारी है। निसान के बाद अब कार निर्माता किया मोटर्स ने भी रूस के बाजार में कारोबार को पूरी तरह बंद करने की तैयारी कर रही है। दक्षिण कोरियाई कार निर्माता किया मोटर्स काफी सालों से रूस में वाहनों की बिक्री कर रही है। कंपनी रूस के बाजार में दूसरी सबसे बड़ी कार विक्रेता है और रूस की ही कंपनी एव्टोवाज को बिक्री में कड़ी टक्कर दे रही है। कंपनी रूस के कार बाजार में 12.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखती है।

अब ये कार कंपनी रूस में कारोबार करेगी बंद, युद्ध के बाद कारों को बनाना हुआ मुश्किल

पिछले साल किया ने रूस में 80,000 से ज्यादा कारों की बिक्री कर शीर्ष 25 कार निर्माताओं में अपनी जगह बनाई थी। किया ने बताया कि युद्ध के कारण रूस में आपूर्ति पूरी तरह बाधित थी जो युद्ध के समाप्त होने के बाद भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। किया ने कहा कि वह रूस के बाजार में अपने ग्राहकों को केवल आफ्टर सेल्स सर्विस ही दे पाएगी, क्योंकि रूस में वाहनों की सप्लाई करना संभव नहीं है।

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रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान रूसी बाजार में किया की कारों की बिक्री में 65 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई थी। किया रूस में हुंडई मोटर द्वारा संचालित सेंट पीटर्सबर्ग में एक संयंत्र में कार बनाती है। हुंडई की वेबसाइट के अनुसार, इस फैक्ट्री की वार्षिक क्षमता 2,00,000 कारों की है और इसमें लगभग 2,200 कर्मचारी कार्यरत हैं।

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फरवरी के अंत में यूक्रेन पर आक्रमण के बाद रूस के बाजार से कई कार कंपनियां बाहर निकल गई हैं। अब किया मोटर इस सूची में शामिल होने वाली सबसे बाई कंपनी होगी। बता दें कि फॉक्सवैगन समूह कलुगा में अपने कारखाने का अधिग्रहण करने के लिए एक निवेशक की तलाश कर रहा है। युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद इस प्लांट में उत्पादन को रोक दिया गया था।

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टोयोटा भी रूस में उत्पादन बंद करने पर विचार कर रही है। वहीं टोयोटा की सहायक कंपनी माजदा भी स्थाई रूप से रूस के बाजार को छोड़ते की तैयारी कर रही है। निसान ने रूस में अपना कारोबार 1 यूरो ($ 0.97) की कीमत पर सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी को सौंपने वाली है जिसमें निसान को लगभग 100 अरब येन (687 मिलियन डॉलर) का नुकसान होने की उम्मीद है।

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रेनॉल्ट ने एव्टोवाज में अपनी अधिकांश हिस्सेदारी रूसी विज्ञान संस्थान को बेचने का फैसला किया है। हालांकि, सौदे में हिस्सेदारी वापस खरीदने के लिए छह साल का विकल्प शामिल है।

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रूस और चीन में आपूर्ति-श्रृंखला में व्यवधान चौथी तिमाही में जारी रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हुंडई रूस में अपने संयंत्र को बेचने की योजना बना रही है, हालांकि कंपनी ने इसपर टिप्पणी करने से मन कर दिया है। सैमसंग सिक्योरिटीज के अनुसार, साल 2021 में किया ने रूस में अपने कुल उत्पादन का लगभग 6 प्रतिशत वाहनों की बिक्री की थी।

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मॉस्को स्थित एईबी के आंकड़ों के मुताबिक, किआ पिछले साल रूस में नंबर 2-बिकने वाला ब्रांड था, जिसके मॉडल में 12.3 प्रतिशत की हिस्सेदारी थी, जो स्थानीय प्रतिद्वंद्वी एव्टोवाज से 21 प्रतिशत की हिस्सेदारी के साथ पीछे थी। हुंडई 10 प्रतिशत शेयर के साथ तीसरे स्थान पर रही।

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Hindi
English summary
Kia to quit russian car market as business hit by russia ukraine war details
Story first published: Wednesday, October 26, 2022, 15:48 [IST]
 
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