टाटा मोटर्स की इस कंपनी की हालत हुई खराब, कारों का उत्पादन करेगी कट
वैश्विक ऑटोमोबाइल उद्योग में सेमीकंडक्टर का संकट समाप्त नहीं हुआ है। आज भी दुनिया की कई बड़ी कार कंपनियां सीप की कमी से जूझ रही हैं। जिसके चलते उन्हें उत्पादन में कटौती करनी पड़ रही है। हाल ही में टाटा मोटर्स की स्वमित्व वाली जगुआर लैंड रोवर (Jaguar Land Rover) ने चिप की कमी के चलते उत्पादन में कमी करने का फैसला किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जगुआर लैंड रोवर ने कथित तौर पर जनवरी 2023 से यूनाइटेड किंगडम के सोलिहुल और हेलवुड कारखानों में उत्पादन में कटौती करेगी। उत्पादन में यह कटौती मार्च तक जारी रहेगी।

जगुआर लैंड रोवर (जेएलआर) ने इस महीने 2,05,000 से अधिक कारों के रिकॉर्ड ऑर्डर प्राप्त किया है। हालांकि चल रही चिप की कमी के चलते रेंज रोवर और रेंज रोवर स्पोर्ट का उत्पादन बढ़ाने का प्रयास धीमा पड़ गया है।
सोलीहुल फैक्ट्री के कुछ हिस्सों में दो शिफ्ट के जगह एक शिफ्ट में कारों को बनाया जाएगा। इस प्लांट में कंपनी रेंज रोवर वेलार और जगुआर एफ-पेस का उत्पादन करती है। इस प्लांट में रेंज रोवर के बॉडी पैनल को बनाने के लिए एक अतिरिक्त शिफ्ट को जोड़ने की योजना बनाई गई है।

मर्सीसाइड में हेलवुड प्लांट भी एक शिफ्टकम किया जाएगा। यह फैक्ट्री डिस्कवरी स्पोर्ट और छोटे रेंज रोवर इवोक का उत्पादन करती है। जेएलआर के प्रवक्ता ने कहा, "हम अपने विनिर्माण संयंत्रों के परिचालन पैटर्न को सक्रिय रूप से प्रबंधित कर रहे हैं। कंपनी सेमीकंडक्टर की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में बाधा का सामना कर रही है।"
आपको बता दें कि इसी सप्ताह जगुआर लैंड रोवर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थियरी बोलोर ने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए पद से इस्तीफा दे दिया है। टाटा मोटर्स लिमिटेड ने चालू वित्तीय वर्ष के दूसरे तिमाही में ₹898.35 करोड़ के शुद्ध घाटा दर्ज किया है। कंपनी ने कहा कि समान अवधि में उसने ₹78,846.92 करोड़ का परिचालन राजस्व अर्जित किया।


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