मारुति सुजुकी कार निर्यात के मामले में बनी चैम्पियन, जानें हुंडई, निसान और किया मोटर्स का हाल
भारत के पैसेंजर वाहन सेगमेंट घरेलू बाजार में 19.30 लाख यूनिट की बिक्री और साल-दर-साल 40% की वृद्धि के साथ इसका कारोबार उफान पर है। साथ वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में वाहन सेगमेंट में निर्यात के मामले में इसका सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है।

दुनियाभर में बढ़ती महंगाई और डॉलर में लगातार तेजी की वजह से कुल निर्यात कम रहा है और फोर व्हीलर में, केवल पैसेंजर वाहन और कॉर्मर्शियल वाहन सेगमेंट में ही वृद्धि देखने को मिली, जबकि वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में दो और तीन पहिया वाहनों में साल-दर-साल गिरावट देखने को मिली है।

विदेशों में 320,853 यूनिट्स के शिपमेंट के साथ, पैसेंजर वाहन उद्योग ने सालाना 13% की वृद्धि दर्ज की है, जो कि डॉलर की लगातार बढ़ रहे सिलसिले की बीच अच्छा माना जा रहा है। यदि कंपनियां घरेलू बाजार में 750, 000 से अधिक यूनिट्स के अनुमानित बैकलॉग को कम कर पातीं तो यह संख्या और ज्यादा हो सकती थी।

मारुति सुजुकी का बढ़ा दबदबा
सितंबर 2022 के अंत में पैसेंजर वाहन बाजार की लीडर मारुति सुजुकी इंडिया ने निर्यात के मामले में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 में हुंडई मोटर इंडिया के 235,670 यूनिट्स के शिपमेंट को पीछे छोड़ते हुए कुल 131,070 यूनिट्स पीवी का निर्यात किया है। इसमें 97,552 कारें, 33,330 यूटिलिटी वाहन और 188 ईको वैन शामिल हैं। कारों में सबसे ज्यादा बढ़त बलेनो, यूवी निर्यात में जिम्नी और ब्रेजा से मिली है।

हुंडई ने सबसे ज्यादा वर्ना कार का किया निर्यात
वहीं हुंडई मोटर इंडिया ने कुल 74,072 यूनिट्स निर्यात किए हैं और 11% की बढ़त हासिल की, इसमें 53,843 कारें और 20,229 यूटिलिटी वाहन निर्यात किए गए। जबकि ऑरा, i10 और i20 की तिकड़ी का 34,162 यूनिट्स (8% ऊपर) निर्यात किया गया, वर्ना की 19,681 यूनिट्स (30% ऊपर) के साथ सबसे मजबूत निर्यात रहा जो कुल हुंडई निर्यात का 27% हिस्सा था।

हालांकि, क्रेटा और वेन्यू की निर्यात संख्या में गिरावट देखने को मिली। 13,728 यूनिट्स के साथ क्रेटा ने 13% और 2,510 यूनिट्स के साथ वेन्यू में 43% की गिरावट देखने को मिली। प्रीमियम अल्काजार SUV की निर्यात संख्या 3,991 यूनिट्स रही।

किया ने किया दोगुना निर्यात
किया ने 44,564 यूनिट्स (101% की बढ़त) के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। भारत में किआ की सबसे लंबे समय तक बिकने वाली मिड साइज की सेल्टोस एसयूवी 24,541 यूनिट्स (73% की बढ़त) के साथ इसका सबसे लोकप्रिय निर्यात मॉडल रहा, इसके बाद 16,414 यूनिट्स (81% बढ़त) के साथ सॉनेट कॉम्पैक्ट एसयूवी रही। किआ ने 3,609 यूनिट्स कैरेंस एमपीवी का भी निर्यात किया।

निसान मोटर इंडिया को मिली 39% की बढ़त
निसान मोटर इंडिया ने वित्त वर्ष 2023 की पहली छमाही में 39% की वृद्धि के साथ कुल 25,813 यूनिट्स का निर्यात किया। इसमें सनी सेडान की 22,961 यूनिट्स (72% बढ़त) या कुल निर्यात का 89% के साथ इसका सबसे अधिक बिकने वाला मॉडल बना हुआ है। कंपनी ने 2,852 यूनिट्स मैग्नाइट एसयूवी भी (29% गिरावट) निर्यात कीं।

रेनॉल्ट मोटर इंडिया को मिली 19% की बढ़त
रेनॉल्ट मोटर इंडिया 14,733 यूनिट्स और 19% साल-दर-साल वृद्धि के साथ निर्यात रैंकिंग में पांचवें स्थान पर रही। इसके काइगर/ट्राइबर एसयूवी की मांग 34% साल-दर-साल बढ़कर 9,314 यूनिट हो गई, जबकि 5,419 यूनिट्स के साथ क्विड हैचबैक की मामूली बिक्री (0.18%) देखी गई।

ड्राइवस्पार्क के विचार
स्थानीय मुद्राओं की तुलना में अमेरिकी डॉलर में मजबूती जारी है। जिसकी वजह से वाहन सेगमेंट का निर्यात दबाव में रहेगा। इसका मतलब यह है कि एशिया और लैटिन अमेरिका के कई देश, जो भारतीय निर्मित वाहनों के लिए प्रमुख बाजार हैं, विदेशी मुद्रा के बाहर जाने को रोकने या कम करने के लिए उन्हें इस पर मजबूरन प्रतिबंध लगाना पड़ेगा।


Click it and Unblock the Notifications








