हुंडई भारत में हर साल करेगी 5,000 टक्सन एसयूवी की बिक्री
हुंडई ने भारत में टक्सन फेसलिफ्ट एसयूवी को लॉन्च कर दिया है। कंपनी को अपनी नई एसयूवी से काफी उम्मीदें है। कार निर्माता भारत में नई टक्सन एसयूवी की हर साल 5,000 यूनिट की बिक्री की उम्मीद कर रही है। नई जनरेशन टक्सन एसयूवी का मुकाबला जीप कम्पास और सिट्रोन सी5 से होने वाला है। आपको बात दें कि हुंडई ने नई जनरेशन टक्सन को 27.69 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च किया है।

हुंडई नई टक्सन को 3 साल की अनलिमिटेड वारंटी और रोड साइड असिस्टेंस के साथ लॉन्च किया है। इसके अलावा कंपनी 3 साल या 30,000 किलोमीटर की कॉम्प्लिमेंटरी मेंटेनेंस की सुविधा भी दे रही है। नई हुंडई टक्सन के सबसे महत्वपूर्ण अपडेट में नए डिजाइन के साथ एडीएएस लेवल-2 ऑटोनोमस ड्राइविंग तकनीक शामिल है।

इसके कुछ महत्वपूर्ण अपडेट की बात करें तो, इसमें नए ग्रिल के साथ इंटीग्रेटेड एलईडी डीआरएल लाइट, त्रिकोणीय आकार के हेडलैंप, नए 18-इंच के डुअल टोन अलॉय व्हील्स, टू-पीस एलईडी टेल लाइट्स, चौकोर व्हील अर्क, नए डिजाइन का रियर विंडशील्ड शामिल हैं।

नई टक्सन के इंटीरियर को पूरी तरह नया लुक दिया गया है। इसके केबिन में नया 4-स्पोक फ्लैट बॉटम स्टीयरिंग व्हील, फुल डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, 10.25-इंच बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट डिस्प्ले और प्रीमियम अपहोलस्ट्री मिलती है। इन सभी अपडेट के बाद अब हुंडई टक्सन पहले से ज्यादा एडवांस और फीचर्स से भरपूर हो गई है।

नई हुंडई टक्सन में मौजूदा मॉडल के 2.0-लीटर पेट्रोल और डीजल इंजन का उपयोग किया गया है। इसमें पहले के जैसा ही 6-स्पीड मैनुअल और 6-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स दिया गया है। आपको बता दें कि हुंडई टक्सन वैश्विक बाजार में कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली मॉडल है।

2004 में लॉन्च होने के बाद से कंपनी इसकी 70 लाख से ज्यादा यूनिट्स की बिक्री कर चुकी है। नई हुंडई टक्सन को पिछले साल अमेरिका में लॉन्च किया गया था और अब इसे धीरे-धीरे अन्य बाजारों में भी लॉन्च किया जा रहा है।

हुंडई नई जनरेशन टक्सन को स्मार्ट क्रूज कंट्रोल, ब्लाइंड-स्पॉट कोलिजन अवॉइडेंस सिस्टम, पेडिस्ट्रियन डिटेक्शन सिस्टम समेत कई सुरक्षा फीचर्स के साथ पेश करती है। नवीनतम सुरक्षा रेटिंग के साथ, हुंडई टक्सन कोरियाई कार निर्माता की पैलिसेड और नेक्सो के साथ शामिल हो गई है, जिसने यूएस में शीर्ष सुरक्षा रेटिंग हासिल की थी।

कंपनी इसे कम्प्लीटली नाॅक्ड डाउन यूनिट (सीकेडी) के माध्यम से भारत में आयात कर रही है, जिसके बाद इसे स्थानीय प्लांट में असेम्बल किया जाता है। बता दें कि इस महीने हुंडई ने सैंट्रो (Hyundai Santro) और एक्सेंट प्राइम (Xcent Prime) की बिक्री भारत में बंद कर दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इस महीने की शुरूआत में ही इन दोनों मॉडलों का उत्पादन बंद कर दिया था। मॉडलों को बंद करने की वजह कम बिक्री और नए मॉडलों के आगामी लॉन्च को बताया जा रहा है।


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