तैयार रहें, हुंडई लाने जा रही एक छोटी व सस्ती इलेक्ट्रिक कार, जानें कैसी होगी यह नई मॉडल
हुंडई भारतीय बाजार के लिए एक छोटी इलेक्ट्रिक कार भी तैयार कर रही है, कंपनी का कहना इसके लिए उन्होंने तैयारी शुरू कर दी है। छोटी इलेक्ट्रिक कार लाने से पहले कंपनी बाजार को पूरी तैयार करना चाहती है, जिसमें उत्पादन से लेकर बिक्री व चार्जिंग इन्फ्रा भी शामिल है। इसके साथ ही लोकलाइजेशन पर भी जोर रहेगा।

हुंडई वर्तमान में कोना ईवी जैसी प्रीमियम इलेक्ट्रिक कार की बिक्री करती है तथा कंपनी प्रीमियम इलेक्ट्रिक कारों पर ध्यान देगी लेकिन इसके साथ हो छोटी इलेक्ट्रिक कार को भविष्य में लाने पर भी काम चलेगा। कंपनी इस साल के अंत से कई प्रीमियम ईवी लाने वाली है जिसमें आयोनिक 5 पहली मॉडल हो सकती है और उसके बाद इसके आयोनिक 6 मॉडल को अगले साल के मध्य में लाया जा सकता है।

इस पर बोलते हुए हुंडई इंडिया के सेल्स व मार्केटिंग के डायरेक्टर, तरुण गर्ग ने कहा, कई विभाग कई चीजों जैसे चार्जिंग ईकोसिस्टम, सेल्स नेटवर्क, निर्माण व जिस तरह की असेम्बली प्रोसेस होने चाहिए, उस पर काम कर रही है। ऐसे में कंपनी पहले से ही इन समस्याओं से निपटना चाहती है जो कि आमतौर पर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं की सबसे बड़ी समस्या होती है।

इस पर बोलते हुए हुंडई इंडिया के सेल्स व मार्केटिंग के डायरेक्टर, तरुण गर्ग ने कहा, कई विभाग कई चीजों जैसे चार्जिंग ईकोसिस्टम, सेल्स नेटवर्क, निर्माण व जिस तरह की असेम्बली प्रोसेस होने चाहिए, उस पर काम कर रही है। ऐसे में कंपनी पहले से ही इन समस्याओं से निपटना चाहती है जो कि आमतौर पर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं की सबसे बड़ी समस्या होती है।

हालांकि गर्ग ने छोटी इलेक्ट्रिक कार को लाये जाने के समय का खुलासा नहीं किया है लेकिन यह कहा कि इसके लिए समय सही रहना चाहिए। ऐसे में वह देश में चार्जिंग इन्फ्रा की कमी, लोगों में इलेक्ट्रिक वाहन के प्रति जागरूकता की कमी की ओर संकेत कर रहे हैं। भारतीय सरकार इसे बेहतर करने पर काम कर रही है, जहां शहर के साथ हाईवे पर चार्जिंग इन्फ्रा लगाया जा रहा है वहीं लोगों को ईवी खरीदने पर छूट दी जा रही है।

बतातें चले कि यह छोटी इलेक्ट्रिक कार कंपनी की भारत में 2028 तक छह इलेक्ट्रिक कार लॉन्च करने की योजना में शामिल है, इसके लिए कंपनी 4000 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है। यह कंपनी की तरफ से उपमहाद्वीप पर एक प्रदूषण रहित ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

गर्ग ने बताया कि जब आईसीई इंजन की बात थी थो हमनें नीचे-से-ऊपर योजना पर काम किया और अब इलेक्ट्रिक कारों के लिए ऊपर-से-नीचे योजना पर काम कर रहे हैं। छोटी ईवी के आने के पहले देश में पर्याप्त चार्जिंग इन्फ्रा होना चाहिए व बैटरी की कीमत कम होना चाहिए।
ज्ञात हो कि ईवी में बैटरी की लगात कार की कीमत के करीब आधी होती है।

वर्तमान में भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री कुल बिक्री का 1% से भी कम है लेकिन सरकार इसे 2030 तक इसे 30% तक करने का लक्ष्य लेकर चल रही है ताकि प्रदूषण व फ्यूल के इम्पोर्ट पर निर्भरता को कम किया जा सके। अभी इलेक्ट्रिक कार सेगमेंट में टाटा मोटर्स की सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखती है, कंपनी की नेक्सन ईवी देश की सबसे अधिक बिकने वाली इलेक्ट्रिक कार है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
हुंडई पहले भारतीय बाजार में प्रीमियम ईवी लाकर एक भरोसेमंद ग्राहक बेस तैयार करना चाहती है ताकि छोटी इलेक्ट्रिक कार लाने पर भी प्रीमियम ईवी की बिक्री निरंतर बनी रहे। अब देखना होगा कंपनी की छोटी ईवी लाने का लक्ष्य कब पूरा हो पाता है लेकिन जिस तेजी से बाजार व प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, कंपनी को थोड़ी तेजी दिखानी होगी।


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