हुंडई मोटर की बिक्री में आई बड़ी गिरावट, कंपनी को लगातार दूसरे महीने हुआ घाटा
हुंडई मोटर इंडिया ने मार्च 2022 की बिक्री के आंकड़ों को जारी कर दिया है। कंपनी ने साल-दर-साल के हिसाब से 15.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज करते हुए मार्च 2022 में 44,600 यूनिट्स की बिक्री की है। पिछले साल इसी महीने कंपनी ने 52,600 यूनिट वाहनों की बिक्री थी। मार्च 2022 में हुंडई का वाहन निर्यात 11.09 प्रतिशत गिर कर 10,687 यूनिट्स रह गया, जो पिछले साल इसी महीने 12,021 यूनिट्स था।

कुल मिलाकर, हुंडई की संचयी बिक्री में 14.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 55,287 यूनिट्स रह गई, जो पिछले साल इसी महीने में 64,621 यूनिट्स थी। कंपनी ने घरेलू बाजार में 1.24 प्रतिशत की मामूली मासिक (महीने-दर-महीने) की वृद्धि दर्ज की, फरवरी 2022 में कंपनी ने 44,050 यूनिट्स बेची थीं।

वित्तीय वर्ष 2022 की बात करें तो, इस दौरान कंपनी ने घरेलू बाजार में 4,81,500 यूनिट्स की बिक्री के साथ 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कराई। वित्तीय वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 4,71,535 यूनिट्स की बिक्री का था। इसी वित्तीय वर्ष में हुंडई का निर्यात 23.9 प्रतिशत बढ़कर 1,29,260 यूनिट्स हो गया, जो वित्तीय वर्ष 2021 में की समान अवधि में 1,04,342 यूनिट था।

वित्त वर्ष 2022 में कार निर्माता की संचयी बिक्री 6.1 प्रतिशत बढ़कर 6,10,760 यूनिट हो गई, जो एक साल पहले इसी अवधि में 5,75,877 यूनिट थी। हुंडई ने कहा कि सेमीकंडक्टर की कमी के चलते कुछ प्रमुख मॉडलों के उत्पादन पर प्रभाव पड़ा है जिसके चलते बिक्री में कमी देखी गई है।

बिक्री के पिछले आंकड़ों को देखें तो, कंपनी ने फरवरी 2022 में बिक्री में 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की थी। कंपनी ने फरवरी 2022 में 53,159 यूनिट्स की बिक्री की थी, जबकि एक साल पहले इसी महीने 61,800 यूनिट्स की बिक्री हुई थी।

हुंडई मोटर तैयार करेगी ई-फ्यूल
हुंडई मोटर कंपनी सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको (Aramco) और किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी के सहयोग से एडवांस ई-फ्यूल के शोध और विकास पर काम कर रही है। इस शोध का मुख्य लक्ष्य कम कार्बन उत्सर्जन वाले ईंधन को विकसित करना है। हुंडई मोटर ने इस प्रोजेक्ट पर रिसर्च के लिए अपने स्टेट ऑफ द आर्ट फैसिलिटी और किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी फ्यूल रिसर्च पावरहाउस को चुना है।

कंपनी का दावा है कि अगर यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो इससे पर्यावरण में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में बड़ी सफलता मिलेगी। हुंडई का कहना है कि दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जा रहा है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिक कीमत और चार्जिंग नेटवर्क के आभाव से कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार धीमी है। ऐसे में ई-फ्यूल का उपयोग न केवल मौजूदा वाहनों के उपयोग को बनाए रखेगा बल्कि इसे प्रदूषण भी कम होगा।


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