Hyundai Motor देश में सबसे ज्यादा SUV बेचने वाली ब्रांड बनी, इन कारों ने मचाया धमाल
Hyundai Motor India लगातार दूसरे साल भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली SUV ब्रांड बनी हुई है। कंपनी ने 2021 में 2.52 लाख से अधिक एसयूवी बेचीं। नई पीढ़ी की क्रेटा न केवल कार निर्माता की लाइन-अप में सबसे अधिक बिकने वाली एसयूवी बनी हुई है, बल्कि पूरे भारत में पिछले साल 1.25 लाख से अधिक यूनिट्स की बिक्री हुई। 2021 में 1.08 लाख यूनिट्स से अधिक की बिक्री के साथ Hyundai Venue कंपनी के मॉडल रेंज में दूसरी सबसे अधिक बिकने वाली SUV बनी रही। यहां तक कि Hyundai Alcazar का भी 2021 में 17,700 यूनिट्स से अधिक की बिक्री के साथ एक स्थिर योगदान रहा है।

हालांकि, एसयूवी और एमपीवी की कुल बिक्री को देखें तो यहां मारुति सुजुकी आगे निकलते हुए दिख रही है। कंपनी ने जनवरी 2021 से दिसंबर 2021 की अवधि में 2,90,661 यूनिट्स बेचीं, जिसमें Vitara Brezza और S-Cross के साथ अर्टिगा और Ertiga दोनों की बिक्री शामिल है।

मारुति सुजुकी एसयूवी की बिक्री में दूसरे नंबर पर है लेकिन अगर हम पूरे यूटिलिटी व्हीकल सेगमेंट (UV) को देखें तो यह बेस्ट सेलर बनी हुई है। भारत में पिछले कुछ सालों से एसयूवी और कॉम्पैक्ट एसयूवी कारों की मांग में भारी वृद्धि हुई है। कोरोना महामारी के दौर से निकलने के बाद भारत जैसे प्राइस सेंसिटिव बाजार में एसयूवी की बढ़ती मांग आश्चर्यजनक रूप से बढ़ रही है।

यही नहीं, पिछले साल सेमीकंडक्टर चिप की कमी के बावजूद आपूर्ति श्रृंखला को बनाए रखने के लिए उद्योग की क्षमता एक सकारात्मक संकेत है। इसके अलावा, यूटिलिटी वाहन सेगमेंट पिछले कुछ वर्षों में सबसे अधिक मांग और प्रतिस्पर्धा वाला सेगमेंट रहा है। पिछले साल Mahindra XUV 700, Tata Punch, Volkswagen Taigun और Skoda Kushaq कारों के लॉन्च ने ग्राहकों की रुचि को अच्छी तरह से बरकरार रखा है।

हुंडई मोटर इंडिया (Hyundai Motor India) ने दिसंबर 2021 की सेल्स रिपोर्ट (Sales Report) जारी कर दी है। कंपनी ने बताया कि 2021 के आखिरी महीने में उसकी कुल (घरेलू + निर्यात) 48,933 यूनिट वाहनों की बिक्री हुई। जबकि दिसंबर 2020 में कंपनी ने 66,750 यूनिट की बिक्री की थी। पिछले साल के मुकाबले दिसंबर 2021 की बिक्री में 26.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि, पिछले साल नवंबर 2021 की बिक्री से तुलना करें तो दिसंबर की बिक्री में इजाफा हुआ है। नवंबर 2021 में हुंडई की कुल (घरेलू + निर्यात) 46,910 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। बता दें कि हुंडई ने दिसंबर 2021 में घरेलू बाजार में 32,312 यूनिट की बिक्री की थी जो कि दिसंबर 2020 में हुई 47,400 यूनिट्स के मुकाबले 31.8 फीसदी कम रही। वहीं, कंपनी ने बीते दिसंबर महीने में भारत से 16,621 यूनिट कारों का निर्यात किया जबकि दिसंबर 2020 में 19,350 यूनिट कारों का निर्यात किया गया था। कंपनी का निर्यात 14.1 फीसदी घट गया है।

बात दे कि पिछले कुछ महीनों में हुंडई की सीएनजी कारों की मांग में भारी इजाफा हुआ है। ज्यादातर राज्यों में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये की करीब पहुंच चुकी है। जिसके चलते ग्राहक ज्यादा किफायती सीएनजी कारों की मांग कर रहे हैं।

भारत में कंपनी से ही फिट की गई फैक्ट्री फिटेड सीएनजी कारों की बिक्री में महत्वपूर्ण वृद्धि देखी गई है। अप्रैल और सितंबर 2021 के बीच, सीएनजी कारों की बिक्री में सालाना आधार पर 96% की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई थी। बिक्री की संख्या के हिसाब से भारत की दूसरी नंबर कार निर्माता हुंडई अपने तीन मॉडलों- सैंट्रो, ग्रैंड आई10 निओस और औरा को फैक्ट्री फिटेड सीएनजी में पेश करती है। कंपनी ने ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी के बाद इन तीनों मॉडलों की बिक्री में वृद्धि दर्ज की है।

हुंडई का कहना है कि कंपनी की सीएनजी कारों की पैठ बढ़ रही है। औरा कॉम्पैक्ट सेडान के मामले में 70% मॉडल सीएनजी की बिक रही है तो वहीं ग्रैंड आई10 निओस के 25-30% मॉडल अब सीएनजी में बिक रहे हैं।

कंपनी का कहना है कि एंट्री लेवल कार सेगमेंट में माइलेज बहुत महत्वपूर्ण होती है। ईंधन की कीमत में उतार-चढ़ाव एंट्री लेवल कारों की बिक्री को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। हुंडई के अनुसार, लोग दैनिक आवागमन के लिए सीएनजी कारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो पेट्रोल कार के मुकाबले 90-100 प्रतिशत तक ज्यादा माइलेज देती हैं।


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