Hyundai Ioniq 5 इस साल भारत में हो सकती है लाॅन्च, 450 KM की होगी रेंज
Hyundai Ioniq 5 इलेक्ट्रिक कार को कंपनी ने पिछले साल वैश्विक स्टार पर पेश किया था, जिसके बाद से ही इसे दुनिया भर के कई बाजारों में लॉन्च करने की बात कही जा रही है। भारत दुनिया के सबसे बड़े कार बाजारों में से एक है। हालांकि, इलेक्ट्रिक कारों के मामले में भारत, अमेरिका और यूरोप के कई देशों से पीछे हैं। हुंडई अपनी इलेक्ट्रिक कार Hyundai Ioniq5 को भारत में भी लॉन्च कर सकती है। एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि कंपनी Ioniq5 को इसी साल भारत में लॉन्च कर सकती है।

हालांकि, रिपोर्ट में Ioniq5 को लॉन्च करने की सटीक समय सीमा की जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन यह दावा किया गया है कि इसे कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट (सीबीयू) के रूप में भारत में लाया जाएगा। भारत में लॉन्च होने के बाद यह Audi eTron को टक्कर देगी। यह कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार है जिसे मॉडुलर प्लेटफॉर्म पर बनाया जा रहा है। हुंडई ने संकेत दिया है कि कंपनी भविष्य में इलेक्ट्रिक इसी प्लेटफॉर्म पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

हुंडई ने पिछले खुलासा किया था कि वह अपने फ्यूचर प्लान के 2022 में आयोनिक 6 और 2023 में आयोनिक 7 को भी वैश्विक बाजारों में लॉन्च करेगी। हुंडई आयोनिक 5 में बेहतर रेंज और पॉवर देने का दावा किया जा रहा है।

कंपनी इस प्लेटफॉर्म पर सबसे बेहतर इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण का दावा कर रही है। उम्मीद की जा सकती है कि आयोनिक रेंज के इलेक्ट्रिक कारों में बेहतर रेंज देखने को मिलेगी।

कंपनी ने आयोनिक 5 को लेकर कुछ शुरूआती जानकारियों का भी खुलासा किया है। बताया जाता है कि इस कार में 3.5 kW की लिथियम आयन बैटरी का इस्तेमाल किया जा रहा है जो केवल 5 मिनट के चार्ज में 100 किलोमीटर की रेंज प्रदान कर सकती है।

इस कार में एंटरटेनमेंट के लिए हाई एन्ड ऑडियो स्पीकर और म्यूजिक सिस्टम दिया जायेगा। यह कार 0-100 किलोमीटर की रफ्तार केवल 5 सेकंड में पकड़ सकती है। यह कार सिंगल चार्ज पर 450 किलोमीटर की रेंज प्रदान करेगी।

हुंडई मोटर ग्रुप ने घोषणा की है कि कंपनी 2025 तक वैश्विक बाजार में 10 लाख इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री करेगी। कंपनी ने वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में 10 प्रतिशत की हिस्सेदारी बनाने का लक्ष्य रखा है।

जापान और यूरोपीय यूनियन ने 2030 के बाद केवल इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री करने का कानून बना दिया है। इससे आने वाले समय में इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ने से इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रकार बढ़ेंगे साथ ही कीमत में भी गिरावट आएगी।

भारत में भी केंद्र सरकार ने राज्यों को इलेक्ट्रिक वाहन नीति बनाने की छूट दी है। फेम (FAME) जैसे स्कीम से देश में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने वाली कंपनियों और ग्राहकों को टैक्स में छूट मिल रही है। इसके साथ देश में बड़े स्तर पर डिजिटलीकरण और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जा रहा है।


Click it and Unblock the Notifications








