हुंडई ने फेस्टिव सीजन में की 65,000 कारों की डिलीवरी, इस साल हो सकती है रिकॉर्ड बिक्री
हुंडई ने जानकारी दी है कि इस फेस्टिव सीजन में कंपनी ने 65,000 कारों की डिलीवरी की है जो कि नवरात्रि के 26 सितंबर से शुरू होकर भाईदूज 26 अक्टूबर तक चला है। यह पिछले फेस्टिव सीजन के मुकाबले 20% अधिक है। इसके साथ ही कंपनी ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष सबसे अधिक कारों की बिक्री का रिकॉर्ड बना सकती है और वित्तीय वर्ष 2018 के रिकॉर्ड को तोड़ सकती है।

हुंडई ने वित्तीय वर्ष 2018 में 550,002 यूनिट वाहनों की बिक्री की थी और ऐसे में इस साल और अधिक वाहनों की बिक्री की जानी है। कंपनी ने बताया कि चिप की कमी की समस्या कम हुई है जिस वजह से बिक्री बेहतर हो रही है। कंपनी के लोकप्रिय मॉडल्स को शानदार प्रतिक्रिया मिल रही थी लेकिन उसके अनुरूप उत्पादन नहीं हो पा रहा था।

हुंडई ने सितंबर महीने में 63,201 यूनिट वाहनों की बिक्री की थी और पिछले साल के मुकाबले इसमें 38% की बढ़त दर्ज की गयी थी। घरेलू बाजार में 49,700 यूनिट वाहनों की बिक्री की गयी थी जो कि पिछले साल के मुकाबले 50.2% की वृद्धि दर्ज की गयी थी। वहीं महीने दर महीने बड़ी वृद्धि नहीं हुई थी क्योकि अगस्त महीने में कंपनी ने 49,510 यूनिट वाहनों की बिक्री की थी।

सितंबर में कंपनी ने जानकारी दी थी कि उनके पास 1.3 लाख पेंडिंग आर्डर है और हर कार के लिए कम से कम 3-4 महीने का वेटिंग पीरियड है। कंपनी अब अपने वाहनों के वेटिंग पीरियड को कम करने को प्राथमिकता दे रही है और इसके साथ ही कंपनी अपनी दूसरी इलेक्ट्रिक मॉडल आयोनिक 5 को आने वाले महीनों में लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

त्योहारी सीजन में होने वाली कुल बिक्री वार्षिक बिक्री का 40% होता है। नवरात्रि (26 सितंबर) से लेकर दिवाली (24 अक्टूबर) तक पूरे देश में कुल 4 लाख कारों की डिलीवरी की गयी है जो कि पिछले साल 2.75 लाख यूनिट रही थी। कोविड के मुकाबले बिक्री अभी भी कम रही है लेकिन फिर भी पिछले दो वर्षों के मुकाबले बेहतर संकेत है।

पूरी इंडस्ट्री के पास 8.25 लाख यूनिट बुकिंग पेंडिंग है। भारत में खास तीन दिन धनतेरस, छोटी दिवाली व दिवाली के दिन लोग कार खरीदना शुभ मानते हैं और इन तीन दिनों में भारत में 54,000 यूनिट की डिलीवरी की गयी है जबकि 2019 में 70,000 यूनिट की डिलीवरी की गयी है। पिछले दो वर्षों में कारों की बिक्री नवंबर में सबसे अधिक रही है लेकिन त्योहारी सीजन के डिमांड को जानने के लिए अक्टूबर व नवंबर दोनों महीने के डिमांड को देखना होगा।

2019 में दिवाली अक्टूबर में थी लेकिन सबसे अधिक रजिस्ट्रेशन नवंबर में किये गये हैं और इसका कारण बिक्री और रजिस्ट्रेशन में होने वाली देरी है। लेकिन अब वाहन पोर्टल में देश भर के राज्य शामिल हो गये है जिस वजह से देश भर में वाहन खरीदी के कुछ घंटे के भीतर ही वाहन रजिस्टर कर दिए जाते हैं। जिस रजिस्ट्रेशन प्रोसेस में 2-3 महीने लगते हैं और अब सिर्फ 2-3 घंटे लगते हैं।

ड्राइवस्पार्क के विचार
हुंडई को लगातार टाटा मोटर्स से दूसरे नंबर के लिए कड़ी टक्कर मिल रही है और ऐसे में कंपनी ने वाहन उत्पादन को बढ़ाया है जिस वजह से डिलीवरी भी तेजी से हो रही है। कंपनी बिक्री को लेकर आश्वस्त है लेकिन देखना होगा इस साल डिलीवरी रिकॉर्ड बना पाती है या नहीं।


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