होंडा भारत में बंद कर सकती है डीजल कारों की बिक्री, जानें कंपनी के सीईओ ने क्या कहा
होंडा कार्स भारत में डीजल कारों की बिक्री बंद कर सकती है। कंपनी वर्तमान में डीजल कारों की व्यवहार्यता का मूल्यांकन कर रही है क्योकि वर्तमान में लगातार कड़े उत्सर्जन मानक लाये जा रहे है तथा क्लीन व सस्टेनेबल मोबिलिटी पर जोर दिया जा रहा है। कंपनी के सीईओ ने इस पर कहा है कि वह डीजल वाहनों के बारें में उतना नहीं सोच रहे हैं।

भारतीय बाजार सहित वैश्विक बाजार में डीजल कारों को बंद किया जा रहा है। भारत में इसकी शुरुआत देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी ने शुरू की थी, उसके बाद टाटा मोटर्स व हुंडई जैसी बड़ी कंपनियों ने भी छोटे डीजल इंजन बंद कर दिए है। वर्तमान में यह कंपनियां सिर्फ चुनिंदा मॉडल्स में ही डीजल इंजन का विकल्प उपलब्ध करा रही है।

होंडा कार्स इंडिया के सीईओ, ताकुया सुमुरा ने कहा कि "हम अभी डीजल कारों के बारें में नहीं सोच रहे है। डीजल के साथ आरडीई (रियल ड्राइविंग एमिशन) को क्लियर करना बहुत मुश्किल होता है। यहां तक कि यूरोप में भी अधिकतर ब्रांड्स डीजल के साथ आगे नहीं बढ़ पाए।" यहां वह डीजल कारों की घटती लोकप्रियता की ओर संकेत कर रहे थे।

होंडा एक ओर जहां अपने लाइनअप के इलेक्ट्रिफिकेशन योजना पर काम कर रही है, उसके साथ ही कंपनी डीजल फ्यूल वाले इंजन को बंद करने पर काम कर रही है। इसका बड़ा कारण यह भी है कि अगले साल से देश में रियल ड्राइविंग एमिशन मानक लागू कर दिए जायेंगे। इसके बाद कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल इकॉनमी 2 मानक लाया जाएगा, जिसके तहत असल दुनिया में भी उत्सर्जन मानक के लक्ष्य को प्राप्त करना होगा।

डीजल मॉडल्स की घटती लोकप्रिय
बतातें चले कि होंडा के डीजल मॉडल भारतीय बाजार में खूब लोकप्रिय हुआ करते थे लेकिन अब ग्राहक पेट्रोल मॉडल्स को पसंद कर रहे है. कंपनी की सबसे लोकप्रिय मॉडल अमेज ने हाल ही में 5 लाख यूनिट बिक्री आंकड़ा पार किया है और इस कार की बेची जा रही 100 कारों में 93 कारें पेट्रोल मॉडल होती है। इससे ही पेट्रोल मॉडल की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

यह कार 1.2 लीटर आई-वीटेक पेट्रोल इंजन और 1.5 लीटर आई-डीटेक डीजल इंजन में ऑटोमेंटिक और मैनुअल गियरबॉक्स के साथ उपलब्ध है। होंडा अमेज कंपनी की कारों की कुल बिक्री में 40% का योगदान देती है। कंपनी ने यह भी बताया कि होंडा अमेज के 40% ग्राहक पहली बार कार खरीद रहे होते हैं।

इस आंकड़ें को देखकर माना जा सकता है कि डीजल इंजन बंद करने पर कंपनी की बिक्री बहुत ही मामूली तौर पर प्रभावित होने वाली है. हालांकि इसकी जगह पर कंपनी को हाइब्रिड का विकल्प लाना होगा, या फिर कंपनी अन्य फ्यूल विकल्प को अपनाने का रास्ता ढूंढ सकती है। वर्तमान में वैकल्पिक फ्यूल विकल्पों को भारत सरकार भी बढ़ावा दे रही है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
होंडा के कारों के डीजल मॉडल उतने लोकप्रिय नहीं है, साथ ही इनका खर्च भी अधिक होता है; ऐसे में कंपनी इन्हें बंद करने पर विचार कर रही है। कंपनी डीजल बंद करने के बाद पेट्रोल के साथ-साथ अन्य फ्यूल विकल्प की तलाश कर सकती है।


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