ये हैं वो 5 कारण, जिनकी वजह से SUVs हैचबैक्स से मानी जाती हैं ज्यादा बेहतर, क्या आपको लगता है ऐसी
SUVs भारतीय कार बाजार की एक बहुत ही अहम उत्पाद बन गई हैं। छोटी हैचबैक अब तक का सबसे अधिक बिकने वाला सेगमेंट रहा है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब इनका स्थान कॉम्पैक्ट SUVs ने ले लिया है और धीरे-धीरे छोटी हैचबैक्स पीछे होती जा रही हैं। बाजार में एसयूवी की मांग मजबूत है और रिपोर्ट्स बताती है कि पिछले वित्त वर्ष 2012 के पहले 11 महीनों में 600,000 से अधिक एंट्री-लेवल एसयूवी बिकी थीं।

इन एंट्री-लेवल SUVs में Maruti Brezza और Hyundai Venue की बिक्री की गई थी। लेकिन ऐसे क्या कारण हैं, जिनकी वजह से भारतीय कार ग्राहक छोटी हैचबैक्स को छोड़कर SUVs की ओर रुख कर रहे हैं। तो चलिए आपको बताते हैं कि इसके पीछे का कारण क्या हैं।

किफायती और कम्फर्ट
प्रीमियम हैचबैक और एंट्री-लेवल कॉम्पैक्ट एसयूवी का प्राइस बैंड लगभग एक जैसा ही है। लेकिन एंट्री-लेवल कॉम्पैक्ट SUVs की बात करें तो उसी कीमत पर जाने पर ग्राहकों को ज्यादा फायदा होता है, क्योंकि इसमें ज्यादा बड़ा बूट स्पेस और बेहतर कीमत पर एक बेहतर पैकेज मिलता है। इसके अलावा यह हैचबैक्स तुलना में ज्यादा कम्फर्टेबल रहती हैं।

उपयोगिता
SUV का मतबल होता है, Sport Utility Vehicle। नाम में युटिलिटी होने के साथ, यह एक ऐसा गुण है, जिसे SUVs बहुत ही बेहतर तरीके से पूरा करती है। चाहे वह अतिरिक्त रूम हो या खराब सड़कों से बेहतर तरीके से निपटने की क्षमता, SUVs हमेशा से ही एक बेहतर विकल्प रहे हैं। कॉम्पैक्ट एसयूवी में अपग्रेड करने वाले बहुत से हैचबैक मालिकों की राय एक जैसी है, क्योंकि ये अधिक व्यावहारिक हैं।

हाई ग्राउंड क्लीयरेंस
भारतीय सड़कों की बात करें तो ग्राउंड क्लीयरेंस एक आवश्यक फीचर है। भारत में नई सड़कें तो बनती हैं, लेकिन पहले से बनी हुई सड़कों की मरम्मत नहीं की जाती है। देश भर में सबवे, रेलवे ट्रैक और फ्लाईओवर के निर्माण और संबंधित परियोजनाओं के साथ सड़कों पर आपको बहुत सारे पैच वर्क देखने को मिलते हैं, जिनके लिए पर्याप्त ग्राउंड क्लीयरेंस होनी चाहिए।

इस मामले में एसयूवी कभी भी आपको निराश नहीं करती है और खराब सड़कों से निपटने के लिए पर्याप्त ग्राउंड क्लीयरेंस प्रदान करती है। हैचबैक्स के विपरीत केबिन को ज्यादा प्रभावित किए बिना सुचारू रूप से स्पीड बम्प्स से गुजर जाती है। वे अधिक चुनौतीपूर्ण भी हैं और छोटी हैचबैक से अधिक का सामना कर सकती हैं।

रोड प्रेजेंस
भारत में कारें परिवहन के साधन से कहीं ज्यादा हैं और उन्हें स्टेटस सिंबल के तौर पर भी देखा जाता है। ऐसे में आपके पास जितनी बड़ी कार होगी, समाज में आपकी स्थिति उतनी बेहतर होगी। बेहतरीन रोड प्रेजेंस के साथ SUVs इस विशेषता को पूरा करती हैं। Thar और Scorpio या Harrier जैसी SUVs आपको रोड के बादशाह का एहसास दिलाती हैं।

स्पोर्टीनेस
एसयूवी को अधिक शक्तिशाली और स्पोर्टी के रूप में जाना जाता है और उनके पास छोटी हैचबैक की तुलना में अधिक शक्तिशाली इंजन और शक्ति होती है। इन कॉम्पैक्ट SUVs में कम से कम 100 बीएचपी पावर होती है, जो टर्बो वेरिएंट के साथ बढ़ती जाती है, वहीं डीजल वेरिएंट में टॉर्क ज्यादा मिलता है। इन सभी कारणों के चलते कॉम्पैक्ट एसयूवी को हैचबैक से बेहतर डील माना जाता है।


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