एनसीआर में 10 साल पुराने डीजल वाहन हैं बैन, लेकिन सिर्फ इस वाहन को दी जाएगी छूट, जानें क्यों
प्रदूषण को कम करने के लिए जहां एक ओर केंद्र सरकार अपने प्रयास कर रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य सरकारें भी इस मुहीम को आगे बढ़ा रही है। ताजा खबरों की बात करें तो हरियाणा सरकार ने सोमवार को राज्य विधानसभा एक बिल किया है, जो एनसीआर में मौजूद ट्रैक्टरों को लेकर है। हालांकि देखा जाए तो यह बिल किसानों के हक में दिखाई देता है।

ऐसा इसलिए क्योंकि यह बिल ट्रैक्टरों को उस नियम से छूट देता है, जो एनसीआर क्षेत्रों में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगाता है। हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) संशोधन विधेयक, 2022, हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2019 में संशोधन के लिए परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा द्वारा सदन में पेश किया गया था।

इसके बाद इस बिल को बजट सत्र में चर्चा के लिए लिया जाएगा। परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि "किसानों की आर्थिक स्थिति और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध को देखते हुए मूल अधिनियम की वैधता को जून 30, 2025 तक बढ़ाना आवश्यक है।"

क्या हैं इस बिल के उद्देश्य और कारण
हरियाणा के एनसीआर के अंतर्गत आने वाले जिलों में रहने वाले किसानों और अन्य प्रभावित लोगों को निर्दिष्ट कृषि प्रयोजन वाहनों के संचालन के संबंध में अस्थायी राहत प्रदान करने के लिए, हरियाणा कानून (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 2019 को राज्य सरकार द्वारा मार्च 18, 2019 में अधिसूचित किया गया था।

बता दें कि इस कानून को इसके प्रारंभ होने की तारीख से एक वर्ष की वैधता के साथ पेश किया गया था। अब राज्य सरकार का मानना है कि किसानों की वित्तीय स्थिति और एनसीआर में निर्दिष्ट कृषि वाहनों सहित 10 वर्षीय (पुराने) डीजल वाहनों के संचालन पर निरंतर प्रतिबंध को देखते हुए, उक्त अधिनियम की वैधता को 30 जून, 2025 तक बढ़ाना आवश्यक है।

परिवहन मंत्री मूल चंद शर्मा ने कहा कि "इस अवधि में, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र से निर्दिष्ट कृषि वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए विभिन्न नीतिगत मुद्दों और समर्थन को अंतिम रूप दिए जाना भी संभव है।"

जानकारी के लिए बता दें कि 7 मार्च को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने विधानसभा में कहा था कि सरकार ट्रैक्टरों को प्रतिबंध से छूट देने वाला कानून लाएगी।

जानकारी के अनुसार एनजीटी ने एक स्टैंड लिया है, जिसके तहत एनसीआर क्षेत्र में क्रमशः 10 और 15 साल से ज्यादा पुराने डीजल और पेट्रोल वाहनों को चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस बारे में राज्य के मुख्यमंत्री ने पहले सदन को बताया था। इसके अलावा सोमवार को सदन में छह अन्य विधेयक भी पेश किए गए।


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