फोर्ड ने तमिल नाडु स्थित प्लांट में फिर से शुरू किया उत्पादन, जानें क्या हुआ था बंद
फोर्ड ने तमिल नाडु स्थित प्लांट में फिर से उत्पादन शुरू कर दिया है, कंपनी ने 14 जून 2022 से फिर से उत्पादन शुरू किया है फोर्ड के कर्मचारियों ने 30 मई से धरना शुरू किया था लेकिन अब कंपनी ने उत्पादन शुरू किया है और कहा कि करीब 300 कर्मचारी काम फिर से शुरू करने के लिए तैयार है। वहीं कर्मचारी संघ का कहना है कि सिर्फ कुछ ही कर्मचारी तैयार हुए हैं।

फोर्ड के प्लांट के कर्मचारी बेहतर पैकेज की मांग के चलते काम को बंद कर दिया है और धरना दे दिया था। फोर्ड के प्लांट में करीब 2600 कर्मचारी काम कर रहे हैं लेकिन सिर्फ 100 - 150 कर्मचारी ही काम पर वापस लौटे हैं। वहीं कंपनी का कहना है कि उत्पादन 300 कर्मचारियों के साथ शुरू हो गया है और तेजी से बढ़ रहा है।

फोर्ड का कहना है कि जो कर्मचारी असंवैधानिक रूप से अभी भी धरने पर बैठे हैं उनकी सैलरी में सर्टिफाईड स्टैंडिंग आर्डर के अनुसार 14 जून से कटौती होगी। कुछ कर्मचारियों ने ज्वाइन कर लिया है और जो कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर धरना दे रहे थे वह बाहर आ गये हैं और बाहर धरना दे रहे हैं।

फोर्ड का कहना है कि जो कर्मचारी 14 जून से प्रोडक्शन शुरू कर रहे हैं उन्हें सिविरेंस पैकेज दिया जाएगा और वह प्रोडक्शन शेड्यूल को समय पर पूरा करने में मदद करेंगे। कंपनी का कहना है कि उनके पास सीमित एक्सपोर्ट प्रोडक्शन बाकी है और बाकी नहीं जुड़ेंगे तो प्रोडक्शन बंद करना होगा।

फोर्ड का कहना है कि जो कर्मचारी 14 जून से प्रोडक्शन शुरू कर रहे हैं उन्हें सिविरेंस पैकेज दिया जाएगा और वह प्रोडक्शन शेड्यूल को समय पर पूरा करने में मदद करेंगे। कंपनी का कहना है कि उनके पास सीमित एक्सपोर्ट प्रोडक्शन बाकी है और बाकी नहीं जुड़ेंगे तो प्रोडक्शन बंद करना होगा।

वहीं फोर्ड का कहना है कि जो कर्मचारी अभी भी धरने पर बैठे हुए है उनके ऊपर कार्यवाही की जायेगी। माना जा रहा था कि कंपनी भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उत्पादन करने वाली है और कंपनी ने पीएलआई स्कीम के लिए अप्लाई भी किया था, लेकिन अब कंपनी इससे भी पीछे हट गयी है और गुजरात स्थित प्लांट को टाटा मोटर्स को बेचेगी।

फोर्ड इंडिया ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहन बनाने की अपनी योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। कार निर्माता ने भारत सरकार की उत्पाद लिंक्ड प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के लिए अपने चल रहे व्यापार पुनर्गठन के हिस्से के रूप में आवेदन किया था। पीएलआई योजना के तहत, फोर्ड ने निर्यात और घरेलू बाजारों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए अपनी दो विनिर्माण सुविधाओं में से एक का उपयोग करने की बात कही थी।

ड्राइवस्पार्क के विचार
फोर्ड के लिए भारतीय बाजार में सबकुछ अच्छा नहीं चल रहा है, कंपनी ने घरेलू बाजार में बिक्री बंद कर दी है। इसके साथ ही जहां एक्सपोर्ट के लिए उत्पादन किया जा रहा था वह भी अब रुकी हुई है। कंपनी ऐसे में समय से पहले ही अपने कारोबार को जल्द ही समेत सकती है।


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