नई जनरेशन फोर्ड मस्टैंग का होगा खुलासा, क्या भारत में होगी लाॅन्च?
फोर्ड 14 सितंबर को डेट्रायट में होने वाले 2022 नॉर्थ अमेरिकन इंटरनेशनल ऑटो शो में अगली पीढ़ी की मस्टैंग का खुलासा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। नई फोर्ड मस्टैंग पूरी तरह एक नए प्लेटफॉर्म पर आधारित हो सकती है। उम्मीद की जा रही है कि इसमें भी कंपनी मैनुअल गियरबॉक्स को बनाए रखेगी।

फोर्ड के सीईओ जिम फार्ले ने एक ट्वीट के माध्यम से इस खबर की पुष्टि की लेकिन यह नहीं बताया कि इसे कौन सा मैनुअल गियरबॉक्स मिलेगा। नई मस्टैंग की कई बार स्पाई तस्वीरें सामने आ चुकी हैं और लीक हुई तस्वीरों से पता चलता है कि यह मसल कार के आइकॉनिक डिजाइन को बरकरार रखेगी।

आगामी मस्टैंग को ट्राई एलईडी सेटअप के साथ एक परिचित हेडलाइट लेआउट मिलेगा, साथ ही साथ ग्रिल पर प्रतिष्ठित मस्टैंग पोनी बैज, एक बड़े रेडियेटर ग्रिल से घिरा होगा। लीक हुई तस्वीरों के मुताबिक, नई मस्टैंग में 12.3 इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर और 13.2 इंच का इंफोटेनमेंट डिस्प्ले दिया जा सकता है, जिसमें सेंटर कंसोल में कम से कम फिजिकल बटन होंगे।

फोर्ड नई मस्टैंग के साथ दो हाइब्रिड पावरट्रेन पेश कर सकती है, जिसमें 2.3-लीटर इकोबूस्ट 4-सिलेंडर इंजन और प्रसिद्ध 5.0-लीटर कोयोट वी8 इंजन शामिल है। पावर आउटपुट अभी तक सामने नहीं आया है, लेकिन पिछले वी8 वैरिएंट में 450 बीएचपी पॉवर और 556 एनएम का टार्क मिलता है। फोर्ड इसमें समान 6-स्पीड मैनुअल और 10-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन को बनाए रख सकती है।

हालांकि मस्टैंग को कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया है। मस्टैंग उन फोर्ड मॉडलों में से एक हो सकती है जिन्हें सीबीयू आयात के माध्यम भारत में बेचा जा सकता है। समयरेखा को देखते हुए, यह हो सकता है कि फोर्ड मस्टैंग की सातवीं-जनरेशन मॉडल को भारत में भी बेचा जाए।

फोर्ड ने छोड़ा भारतीय बाजार
आपको बता दें कि फोर्ड ने भारत में अपनी कारों का उत्पादन बंद कर दिया है। कंपनी ने भारत में पिछले एक दशक से लगातार हो रहे घाटे के कारण कारोबार बंद करने का फैसला लिया। फोर्ड की भारत में दो प्लांट है जो सानंद और चेन्नई में है। कंपनी सानंद में छोटी कारों जैसे फिगो, फ्रीस्टाइल, एस्पायर का उत्पादन करती थी जबकि चेन्नई प्लांट में ईकोस्पोर्ट व एंडेवर का उत्पादन किया जाता था।

कई मुश्किलों के बाद भी कंपनी एक्सपोर्ट के लिए कारों व इंजन का उत्पादन कर रही थी। अब इस सफर का अंत हो गया है। फोर्ड ने ईकोस्पोर्ट को 2013 के मध्य में लाया गया था, यह देश की पहली 4-मीटर से छोटी कॉम्पैक्ट एसयूवी थी। इसे शानदार प्रतिक्रिया मिली थी और कंपनी भारतीय बाजार में अच्छी पकड़ बना रही थी। इसके बाद एक-एक करके फिगो, एस्पायर, फ्रीस्टाइल जैसे मॉडल लाए गए लेकिन यह ग्राहकों को लुभाने में कामयाब नहीं हो पाए।

कारों की लगातार घट रही बिक्री से कंपनी को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था और आखिरकार कंपनी ने भारतीय बाजार को छोड़ने का फैसला किया। अब तक शेवरले, दैटसन, हार्ले डेविडसन, फिएट, जनरल मोटर्स जैसी कंपनियां भी भारत छोड़ कर जा चुकी हैं।


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