FAME-2 के क्लेम में हो सकती है देरी, 21 मार्च से चल रही पोर्टल में खराबी
भारत में इलेक्ट्रिक व हाइब्रिड वाहन के प्रमोशन के लिए FAME-2 स्कीम लाया गया है लेकिन इसकी वेबसाइट 21 मार्च 2022 से मेंटेनेंस चल रही है। यह वेबसाइट इलेक्ट्रिक वाहन की सब्सिडी के लिए व खरीदी व बिक्री के लिए बहुत जरूरी है लेकिन मेंटेनेंस की वजह से इसमें देरी हो सकती है। वेबसाइट के अनुसार यह अपग्रेड हो गया है और अभी टेस्टिंग व मॉनिटर हो रही है।

देश में इलेक्ट्रिक वाहन के प्रमोशन के लिए सरकार मदद करती है और इसके लिए FAME स्कीम लाया गया है। पहले संस्करण की सफलता के बाद FAME-2 लाया गया है और इसके लिए वेबसाइट तैयार किया गया है, यहां पर जाकर इलेक्ट्रिक वाहन की जानकारी देकर सब्सिडी का लाभ लिया जा सकता है। लेकिन कुछ समय से ईवी का क्लेम नहीं हो पा रहा है।

वेबसाइट में मेंटेनेंस के चलते किसी भी तरह की मदद के लिए fame।indiagov।in पर मेल कर सकते हैं। भारी उद्योग मंत्रालय ने कंपनियों को इसकी जानकारी एक हफ्ते पहले दी थी, हालांकि मंत्रालय ने यह जानकारी नहीं दी है कि यह कब तक अपडेट हो जाएगा। ऐसे में कुछ ग्राहक अपनी शिकायत सोशल मीडिया पर जाहिर कर रहे हैं।

इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है, सरकार के वाहन पोर्टल के अनुसार 2021 में देश में 311,000 यूनिट बैटरी ऑपरेटड वाहन रजिस्टर किये गये हैं जो कि 2020 में 119,000 यूनिट रजिस्टर किये गये थे। सरकार लगातार ईवी को बढ़ावा दे रही है, बजट 2022-2023 के अनुसार फेम के तहत 2023 वित्तीय वर्ष में 2,908 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जायेगी।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है और इसके लिए चार्जिंग स्टेशनों के नेटवर्क का भी विकास किया जा रहा है। केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य सभा को एक लिखित उत्तर में सूचित किया कि देश में 10.60 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण किया जा चुका है। उन्होंने चार्जिंग नेटवर्क के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि देश में 1,742 चार्जिंग स्टेशन परिचालन मे हैं।

गडकरी ने कहा कि कॉन्ट्रैक्टरों को हाईवे पर चार्जिंग स्टेशन, सड़क किनारे मिलने वाली सुविधा के तौर पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ऐसी 39 परियोजनाओं का विकास कर रहा है जहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए हाईवे के किनारे फास्ट चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध होगी।

उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि केंद्रीय सड़क एवं आधारभूत ढांचा फंड (सीआरआईएफ) और अंतर्राज्यीय सड़क परियोजनाओं (सीआरआईएफ) के तहत परियोजनाओं के लिए क्रमशः 20,268.45 करोड़ और 1,189.94 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं को तीन वर्षों के भीतर पूरा किया जाएगा।

दिल्ली परिवहन विभाग की एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में पंजीकृत नए वाहनों में 8.2 फीसदी इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या है। वहीं गुजरात की बात करें तो यहां इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पिछले दो सालों में 950 प्रतिशत बढ़ी है। गुजरात में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री के आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो, 2019 के अंत तक पंजीकृत ईवी की संख्या मुश्किल से 950 से अधिक थी जो 2020 में बढ़कर 1,119 हो गई।

ड्राइवस्पार्क के विचार
फेम-2 की मदद से इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी मिलती है और ऐसे में इस वेबसाइट की वापसी जल्द से जल्द होनी चाहिए ताकि ग्राहकों को लाभ मिल सके। अब देखना होगा कब तक यह वेबसाइट वापस आती है और राहत मिलती है।


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