नए Covid-19 प्रतिबंधों के चलते प्रभावित होगी वाहनों की बिक्री-FADA, जानें क्या है कारण
जहां एक ओर कोरोना वायरस महामारी का संक्रमण एक बार फिर से पूरी दुनिया में तेजी से फैलना शुरू हो रहा है, वहीं दूसरी ओर कोरोना वायरस का वेरिएंट ओमीक्रोन भी अपने पैर पसार रहा है। इनके तेजी से फैलते संक्रमण का असर भारत में भी दिखाई देने लगा है और कुछ राज्यों ने तो वीकेंड कर्फ्यू तक लगा दिया है और संक्रमण को रोकने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

अब चूंकि कोरोना संक्रमण के चलते राज्यों में कई तरह के प्रतिबंध लगाए जाएंगे, तो ऐसे में इन प्रतिबंधों का असर व्यापार पर भी पड़ेगा। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार भी इन प्रतिबंधों से अछूता नहीं रहेगा और इसका असर ऑटोमोबाइल बाजार में भी देखने को मिलने वाला है।

फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) ने पहले ही कहा था कि कई राज्यों में कोरोना वायरस के नेतृत्व वाले प्रतिबंधों और घर से काम करना शुरू करने वाले लोगों से खुदरा ऑटोमोबाइल बिक्री पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।

एसोसिएशन द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि "विभिन्न राज्य सरकारों ने एक बार फिर कोविड प्रतिबंधों की घोषणा की है। वर्क फ्रॉम होम फिर से शुरू हो गया है और ऑटो रिटेल पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। हेल्थ केयर खर्च फिर से बढ़ने के डर से, ग्राहक अपने खरीद निर्णयों अंतिम रूप देने से कतरा रहे हैं।"

साथ ही कहा कि एसोसिएशन अगले दो-तीन महीने तक सतर्क रहेगी। दिसंबर में साल दर साल ऑटोमोबाइल की बिक्री में गिरावट पर प्रतिक्रिया देते हुए एसोसिएशन ने कहा कि "दिसंबर के महीने को आमतौर पर एक उच्च बिक्री महीने के रूप में देखा जाता है।"

एसोसिएशन कहा कि "जहां मूल उपकरण निर्माता वर्ष के परिवर्तन के कारण इन्वेंट्री को खाली करने के लिए सर्वोत्तम छूट की पेशकश करना जारी रखते हैं। हालांकि इस बार ऐसा नहीं था, क्योंकि खुदरा बिक्री लगातार निराश करती रही और इस तरह एक अंडरपरफॉर्मिंग कैलेंडर वर्ष समाप्त हो गया।"

दिसंबर में बिक्री में गिरावट का कारण सेमीकंडक्टर्स की कमी भी है। दिसंबर में भारत में कुल खुदरा ऑटोमोबाइल बिक्री 16.1 प्रतिशत गिरकर लगभग 1.6 मिलियन इकाई रह गई। हालांकि कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट ने दिसंबर में अपेक्षाकृत अच्छा प्रदर्शन किया।

एसोसिएशन ने जानकारी दी है कि "कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में बिक्री 13.7 प्रतिशत बढ़कर 58,847 इकाई हो गई। बुनियादी ढांचे पर खर्च के लिए सरकार का जोर, विशेष रूप से सड़क के बुनियादी ढांचे, बेहतर माल ढुलाई दरों, जनवरी में कीमतों में बढ़ोतरी की घोषणा और कम आधार ने ओवरऑल सेगमेंट को सकारात्मक दोहरे अंकों में समाप्त करने में मदद की है।"

बीते महीने कार कंपनियों ने कुल 2.54 लाख वाहन डीलर्स को डिस्पैच किये गये हैं, जो कि पिछले दिसंबर के 2.76 लाख यूनिट के मुकाबले 8% कम है। चिप की कमी की वजह से सभी कंपनियां प्रभावित हुई है, लेकिन Tata अपने सहयोगी कंपनी से मिलकर इस समस्या को दूर करने में लगी हुई है।

वहीं दोपहिया सेगमेंट की स्थिति पहले जैसे ही बनी हुई है। बीते महीने इस सेगमेंट में 6,87,028 यूनिट डीलर्स को भेजे गये हैं, जो कि पिछले साल के मुकाबले 13% कम है। इस सेगमेंट की सभी बड़ी कंपनियों की बिक्री में भारी कमी दर्ज की गयी है और इसका सीधा कारण मांग में कमी है।


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