देश के हर 10 में से एक पेट्रोल पंप पर मिल रहा इलेक्ट्रिक चार्जिंग, सीएनजी का विकल्प
भारत में तेजी से वैकल्पिक फ्यूल की मांग बढ़ रही है और ऐसे में वर्तमान में देश के हर दसवें पेट्रोल पंप पर इलेक्ट्रिक चार्जिंग, सीएनजी या ऑटो एलएनजी का विकल्प उपलब्ध है। तेल मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार वतर्मान में देश में 84,600 पेट्रोल पंप जिसमें से 8,900 पेट्रोल पंप पर वैकल्पिक फ्यूल की सुविधा उपलब्ध है। जो कि इनके तेजी से हुए विस्तार को दर्शाता है।

देश के 4100 पेट्रोल पंप पर ईवी चार्जिंग की सुविधा, 4000 पेट्रोल पंप पर सीएनजी की सुविधा, 700 पेट्रोल पंप पर एलएनजी भरवाने की सुविधा उपलब्ध कराई गयी है। हालांकि इसमें देश के दसवें हिस्से के पेट्रोल पंप प्राइवेट मालिकों द्वारा चलाए जाते हैं उनमें 200 से भी कम जगहों पर वैकल्पिक फ्यूल उपलब्ध कराया गया है। इसमें सरकार का बड़ा योगदान है।

तेल कंपनियों को सरकार व अन्य शेयरहोल्डर्स से यह लगातार प्रेशर बना हुआ है कि वह पेट्रोल पंप में आने वाले ग्राहकों को ईवी चार्जिंग, सीएनजी तथा एलएनजी जैसे वैकल्पिक फ्यूल की सुविधा उपलब्ध कराए। तेल कंपनियों को कहा गया है कि जब पेट्रोल व डीजल मुख्य फ्यूल नहीं रह जायेंगे तो ऐसे समय के लिए तैयार रहे और इसी के तहत अभी से वैकल्पिक फ्यूल उपलब्ध कराए जाए।

इंडियन आयल, भारत पेट्रोलियम व हिन्दुस्तान पेट्रोलियम जैसे कंपनियों ने नेचुरल गैस को तेजी से अपनाया है। कंपनियों ने देश के बड़े हिस्से में सिटी गैस लाइसेंस प्राप्त कर लिया है और जहां लाइसेंस प्राप्त नहीं कर पायी है वहां लाइसेंस प्राप्त बॉडी के साथ साझेदारी करके अपने पेट्रोल पंप पर सीएनजी पंप लगाये है। इस वजह से सीएनजी का तेजी से विस्तार हो रहा है।

सीएनजी स्टेशन की बात करें तो वर्तमान में भारत में कुल 4700 स्टेशन मौजूद है जिसमें सिर्फ सीएनजी स्टेशन भी शामिल है। पांच साल पहले देश में सिर्फ 1270 सीएनजी स्टेशन हुआ करते थे और माना जा रहा है कि अगले 7 वर्षों में सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़कर 10,000 पहुंच जायेगी। इसके मुकाबले ईवी चार्जिंग स्टेशन का तेजी से विस्तार होगा।

बड़ी तेल कंपनियां अगले कुछ वर्षों में देश में 22,000 पंप में इलेक्ट्रिक वाहन की चार्जिंग की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य लेकर चल रही है। भारत सरकार ने पहले ही कह दिया है कि आने वाले समय में हर पेट्रोल पंप पर ईवी चार्जिंग स्टेशन लगाये जायेंगे। ईवीकॉन इंडिया 2022 की रिपोर्ट के अनुसार, भारत को इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए 2030 तक देश भर में 46,000 चार्जिंग स्टेशनों का निर्माण करना होगा।

भारत में 13 लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन पंजीकृत हैं। सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक वाहन उत्तर प्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में पंजीकृत हैं। भारत में सबसे ज्यादा दोपहिया और तीनपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को खरीदा जा रहा है। फेम फेज- II योजना के तहत, 68 शहरों में 2,877 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन और 9 एक्सप्रेसवे और 16 हाईवे पर 1,576 ईवी चार्जिंग स्टेशनों को स्थापित करने की योजना को स्वीकृति दी गई है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार को बेहतर करना है तो ईवी चार्जिंग इन्फ्रा को भी तेजी से बेहतर करना होगा नहीं तो रफ्तार धीमी पड़ सकती है। वर्तमान में भारत में 1 चार्जिंग स्टेशन पर 135 इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने का भार है जो कि दुनिया में सबसे अधिक में से एक है।


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