Tesla की भारत में एंट्री पर Elon Musk ने क्या कहा, जानें
Tesla लंबे समय से भारत में एंट्री करने का इंतजार कर रही है लेकिन कंपनी ने अभी तक प्रवेश करने की कोई तारीख तय नहीं की है। इसी विषय पर जब कंपनी के सीईओ Elon Musk से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अभी भी सरकार के साथ बहुत सारी चुनौतियों पर काम चल रहा है। ऐसे में बहुत जल्द टेस्ला की एंट्री होती हुई नई दिख रही है, सरकार ने कंपनी को भारत में लोकल रूप से उत्पादन करने को कहा है।

Tesla लगातार भारत सरकार से कारों पर लगने वाले अधिक टैक्स को कम करने को कह रही है लेकिन सरकार ने इस बात से साफ मना कर दिया है और कंपनी को सलाह दी है कि भारत में वाहनों का उत्पादन करें। इससे टेस्ला को कार निर्माण के लिए कम टैक्स देना होगा, हालांकि वर्तमान में कंपनी भारतीय बाजार में प्रवेश तो करना चाहती है लेकिन लोकल रूप से उत्पादन नहीं करना चाहती है।

कंपनी ने इस बात से पूर्ण रूप से इंकार भी नहीं किया है और कहा है कि ग्राहकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिलती है तो कंपनी भारत में कार निर्माण पर विचार कर सकती है। Tesla को भारत में 3 और नए मॉडल्स को लाने की अनुमति मिल गयी है, कंपनी के पास अब कुल 7 नए मॉडल लाने की अनुमति हो चुकी है। हालांकि यह अलग अलग कार ना होकर मॉडल 3 व मॉडल वाय के अलग-अलग वैरिएंट हो सकती है।

Tesla के जिस मॉडल वाय को मनाली में देखा गया था अब उसे भी वापस मुंबई लाया जा चुका है और कंपनी टाटा के सीसीएस2 चार्जर से इस कार को चार्ज कर रही है जो कि 25 kW की क्षमता रखता है। अभी तक टेस्ला ने इन कारों के बारें में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है, कंपनी के यह दोनों ही वाहन एंट्री लेवल है जिस वजह से भारतीय बाजार में इन्हें पहले लाया जा रहा है।

Tesla वर्तमान में विदेशी बाजार में मॉडल एस व एक्स की भी बिक्री करती है लेकिन यह दोनों ही बड़े और प्रीमियम वाहन है जो कि भारतीय बाजार के लिहाज से बहुत ही महंगे और आम लोगों की पहुंच से बाहर हो सकते हैं। इसके साथ ही इन कारों पर और भी अधिक इम्पोर्ट टैक्स लगने वाला है जो कि वाहनों की कीमत को और भी अधिक कर देगी।

भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी समान इम्पोर्ट टैक्स वसूल करती है जिस वजह से एलोन मस्क लगातार सरकार से टैक्स कम करने की आग्रह कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि अगर मांग पर्याप्त होती है तो कंपनी भारत में फैक्ट्री भी स्थापित कर सकती है। हालांकि नीति आयोग ने टेस्ला के मांग को खारिज कर दिया है और कहा है कि टैक्स कम चाहिए तो उन्हें भारत में कारों का उत्पादन करना होगा।

टेस्ला भारत में अपने डीलरशिप भी खोलने वाली है, सबसे पहले कंपनी मेट्रो शहरों में दस्तक देने वाली है। इन डीलरशिप को दिल्ली, बैंगलोर, मुंबई जैसे शहरों में खोला जाएगा, कंपनी ने भारत में अपना रजिस्ट्रेशन बैंगलोर में टेस्ला इंडिया मोटर्स एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कराया है। कंपनी सबसे पहले भारत में वाहनों कम्प्लीटली बिल्ट यूनिट के रूप में लाने वाली है।

भारत में 40,000 डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60% का आयात शुल्क और 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाले वाहनों पर 100% आयात शुल्क लगाया जाता है। इन दरों पर टेस्ला कारें भारत में खरीदारों के लिए बहुत महंगी हो जाएंगी जिससे उनकी बिक्री सीमित हो जाएगी। बता दें कि टेस्ला ने जुलाई, 2021 में परिवहन मंत्रालय और उद्योग मंत्रालय को एक चिट्ठी लिखी थी, जिसमें कंपनी ने इलेक्ट्रिक कारों पर आयात शुल्क (Import Duty) को घटाकार 40 फीसदी करने का आग्रह किया था।

ड्राइवस्पार्क के विचार
टेस्ला की भारत में एंट्री में लगातार देरी हो रही है और कंपनी सरकार के साथ मिलकर इस पर लगातार बातचीत कर रही है, हालांकि अभी तक कोई सार्थक उपाय नहीं मिल पाया है। अब देखना होगा कि कंपनी कितनी जल्दी भारतीय बाजार में एंट्री करती है।


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