अगले साल तक इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल कारों जितने होंगे सस्ते, नितिन गडकरी ने कही यह बड़ी बात
नितिन गडकरी ने हाल ही में कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन पेट्रोल वाहन जितने सस्ते हो जायेंगे। गडकरी ने जानकारी दी है कि सभी कैटेगरी में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 800% की वृद्धि हुई है और अब तक भारत में कुल 17 लाख इलेक्ट्रिक वाहन रजिस्टर है। उन्होंने भारत में पब्लिक बसों को भी इलेक्ट्रिक अवतार में लाने की बात कही ताकि उत्सर्जन को शून्य किया जा सके।

इससे पहले नितिन गडकरी ने इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत को पेट्रोल कारों के बराबर लाने की बात कही थी। भारत में कुल 1.5 लाख ट्रांसपोर्ट बसें है और इसमें से 93% बसें डीजल है और उसमें भी आउटडेटेड व अनफिट है। भारत सरकार इन बसों को इलेक्ट्रिक अवतार में लाने की तैयारी कर रही है। अब देखना होगा कि यह कब तक संभव हो पाता है।

नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार ने निकट भविष्य में हाइड्रोजन पॉवर वाली कार उत्पादन करने की तैयारी शुरू कर चुकी है। नितिन गडकरी ने हाल ही में घोषणा की है कि नए ग्रीन एक्सप्रेसवे की मदद से सड़क से नागपुर से पुणे पहुंचने में सिर्फ 8 घंटे लगने वाले हैं। वर्तमान में इस सफर को पूरा करने में 15 घंटे का समय लगता है क्योकि दोनों शहरों की दूरी 716 किमी है।

दोनों शहर को जोड़ने का काम राष्ट्रीय हाईवे 753सी करता है और नए एक्सप्रेसवे से सफर का समय आधा हो जाएगा। देश में तेज-स्पीड वाले बढ़ते एक्सप्रेसवे के नेटवर्क के बारें में कहते हुए नितिन गडकरी ने नागपुर व पुणे को जोड़ने की बात कही, जो कि महाराष्ट्र की दो बड़े शहर है। उन्होंने कहा कि इस एक्सप्रेसवे के आने के बाद यात्री सिर्फ 8 घंटे में यह सफर पूरा कर पायेंगे।

इस एक्सप्रेसवे को नागपुर-छत्रपति संभाजी (औरंगाबाद) एक्सेस कंट्रोल ग्रीन एक्सप्रेसवे नाम दिया जाएगा। इस एक्सप्रेसवे को नागपुर-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा जो कि 701 किमी लंबी है। गडकरी ने जानकारी दी है कि इस प्रोजेक्ट को नेशनल हाईवेस अथॉरिटी ऑफ इंडिया पूरा करने वाली है। यह एक्सप्रेसवे पुणे-बैंगलोर एक्सप्रेसवे से भी कनेक्ट करने वाली है।

वहीं अक्टूबर महीने में टोयोटा ने पूरी तरह हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली कार टोयोटा मिराई को लॉन्च किया था। टोयोटा कोरोला अल्टिस की बात करें तो यह देश की पहली ऐसी कार है जो पेट्रोल, इथेनॉल और इलेक्ट्रिक से चलेगी। इस कार में 1.8-लीटर का पेट्रोल-हाइब्रिड इंजन लगाया गया है 20 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग पर चल सकता है।

यह फ्लेक्स इंजन 75.3 kW पॉवर और 142 एनएम पीक टॉर्क जनरेट करता है। कार के इंजन को 1.3 kWh के बैटरी पैक से भी जोड़ा गया है जिसका आउटपुट 53.7 kW पॉवर और 162.8 एनएम टॉर्क है। इसके इंजन को सीवीटी हाइब्रिड ट्रांसएक्सेल गियरबॉक्स से जोड़ा गया है।

देश के पहले फ्लेक्स-फ्यूल कार को पेश करते हुए केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि, "एक तरह के ईंधन से चलने के बजाय फ्लेक्स फ्यूल कार 83 प्रतिशत तक इथेनॉल मिश्रित फ्यूल से चल सकती है। आपको बता दें कि केवल टोयोटा ही नहीं बल्कि अन्य कंपनियां भी भारत में फ्लेक्स इंजन वाहनों को पेश कर चुकी हैं। टोयोटा के पहले टीवीएस, बजाज और हीरो ने इथेनॉल से चलने वाले फ्लेक्स इंजन दोपहिया वाहनों को पेश किया था।


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