Mumbai: बढ़ते फ्यूल के दाम के बीच सीएनजी की कीमत में आई कमी, 6 रुपये/किग्रा कम पड़ेगा बोझ
मुंबई में सीएनजी की कीमत में 6 रुपये/किग्रा की कमी कर दी गयी है। ऐसे में 1 अप्रैल से मुंबई में सीएनजी 60 रुपये/किग्रा पर मिलेगी जो कि पहले 66 रुपये/किग्रा पर बेचीं जा रही थी। कुछ समय पहले महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में सीएनजी पर वैट को 13.5% को 3% कर दिया गया है, ऐसे में आज से सीएनजी की कीमत राज्य भर में कम हो गयी है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच सीएनजी की कीमत घटना एक शानदार निर्णय है।

यह किसी भी तरह का अप्रैल फूल मजाक नहीं है, लेकिन यह ग्राहकों के लिए शानदार खबर है। देश में सीएनजी कारों की मागं पिछले एक साल में बहुत बढ़ी है और इस वजह पिछले 6 महीने में सीएनजी की कीमत में 27% की वृद्धि हुई है और ऐसे में यह एक बड़ी राहत है। ऐसे में कम कीमत की वजह से पेट्रोल व डीजल के मुकाबले ग्राहकों की सेविंग क्रमशः 65% व 41% होगी।

इस छूट से सबसे अधिक लाभ ऑटोरिक्शा व टैक्सी वालों को होने वाला है जो सीएनजी मॉडल का उपयोग करते हैं। यह यूनियन वाले फरवरी से किराये में वृद्धि की मांग कर रहे हैं क्योकि सीएनजी की कीमत 49।40 रूपये से बढ़कर इस स्तर पर आ गयी थी। बतातें चले कि डीजल की कीमत 100।94 रुपये/लीटर व पेट्रोल की कीमत 116।72 रुपये/लीटर हो चुकी है।

जल्द आ रही नये प्रकार की फ्यूल
कंपनी का दावा है कि ई-फ्यूल पर यदि यह प्रोजेक्ट सफल होता है तो इससे पर्यावरण में वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में बड़ी सफलता मिल सकती है। हुंडई का कहना है कि दुनिया भर में इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाया जा रहा है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की अधिक कीमत और चार्जिंग नेटवर्क के आभाव से कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार धीमी है। ऐसे में ई-फ्यूल का उपयोग न केवल मौजूदा वाहनों के उपयोग को बनाए रखेगा बल्कि इसे प्रदूषण भी कम होगा।

हुंडई मोटर कंपनी ने अपनी कार्बन न्यूट्रैलिटी 2045 परियोजना का खुलासा पहले ही कर दिया है। कंपनी का दावा है कि वह 2045 तक विश्वभर में पूरी तरह कार्बन न्यूट्रल कंपनी हो जाएगी। कंपनी ने क्लीन ट्रांसपोर्टेशन और स्वच्छ ऊर्जा के श्रोतों को विकसित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

कंपनी का कहना है कि हाइब्रिड कारों में पारंपरिक ईंधन के जगह ई-फ्यूल का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे ग्रीन हाउस गैसों का उत्सर्जन कम होगा। हुंडई के अनुसार, ई-फ्यूल को भविष्य के ईंधन के तौर पर देखा जा रहा है। परिवहन प्रणाली में इस ईंधन के इस्तेमाल से कई देशों में गंभीर वायु प्रदूषण की समस्या कम हो सकती है।

अगले दो वर्षों में, हुंडई मोटर ग्रुप, अरामको, और किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी एक नए तरह के उन्नत ईंधन पर अनुसंधान और संभावित रूप से विकसित करने के लिए सहयोग करेंगे। हुंडई मोटर समूह, अपने ऑटोमोटिव और प्रौद्योगिकी नेतृत्व के साथ, अनुसंधान दल द्वारा उपयोग के लिए एक अत्याधुनिक, अल्ट्रा-लीन-बर्न गैसोलीन इंजन प्रदान करेगा।

स्वच्छ ईंधन पर यह परीक्षण किंग अब्दुल्ला यूनिवर्सिटी के क्लीन कम्बशन रिसर्च सेंटर (CCRC) में किया जाएगा। परीक्षण के सफल होने पर ई-फ्यूल के उत्पादन पर घ्यान केंद्रित किया जाएगा। कंपनियां बेहतर और अधिक टिकाऊ भविष्य प्राप्त करने के लिए स्वच्छ परिवहन और हरित ऊर्जा समाधान में निवेश करेंगी।

ड्राइवस्पार्क के विचार
यह सीएनजी वाहन चालकों के लिए एक शानदार खबर है और इससे मुंबई में ऑटोरिक्शा के किराये भी कम हो सकते हैं. अब देखना होगा पेट्रोल व डीजल वाले ग्राहकों को कब राहत मिलती है।


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