लोन पर कार खरीदना हुआ महंगा, आरबीआई ने एक महीने में दूसरी बार बढ़ाई रेपो रेट
अगर आप नई कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो अब आपको कार लोन पर ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 8 मई से रेपो दर में 50 बेसिस पॉइंट का इजाफा कर दिया है जिससे अब रेपो दर 4.9 प्रतिशत हो गया है। आपको बता दें कि इससे पहले आरबीआई ने 4 मई को रेपो दर में 0.4 प्रतिशत का इजाफा किया था। एक महीने में बेसिस पॉइंट में दूसरी बार इजाफा हुआ है जिससे रेपो दर 4.4 प्रतिशत से बढ़कर 4.9 प्रतिशत हो गया है।

बढ़ जाएगी कार की ईएमआई
रेपो दर में बढ़ोतरी का सीधा असर लोन लेने वाले लोगों पर पड़ेगा जो निकट भविष्य में कार लोन, होम लोन, व्यक्तिगत लोन या गोल्ड लोन लेने की योजना बना रहे हैं। इससे लोन पर भुगतान की जाने वाली ईएमआई या ब्याज दर बढ़ जाएगा। हालांकि पहले से ईएमआई का भुगतान कर रहे लोगों पुराना ब्याज दर ही लागू होगा। आइये विस्तार से जानते हैं कि रेपो रेट में बढ़ोतरी से कार की ईएमआई पर क्या असर पड़ेगा।

कितनी बढ़ेगी ईएमआई?
रेपो दर में वृद्धि से कार लोन लेने वालों को अब ज्यादा ब्याज का भुगतान करना होगा। मान लीजिये कि किस व्यक्ति ने इस महीने की शुरुआत में कार खरीदने का मन बनाया हो लेकिन किसी वजह से वह कार नहीं खरीद पाया, तो अब उसे ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ेगा।

अगर वह व्यक्ति इस महीने की शुरुआत में Maruti Alto की VXI वेरिएंट खरीदता जिसकी कीमत 4.28 लाख रुपये एक्स-शोरूम है, तो उसे 8 फीसदी की दर से 7 साल के लिए हर महीने 7,295 रुपये के ईएमआई का भुगतान करना पड़ता। लेकिन अगर वह अब कार खरीदने की सोच रहा है तो उसे 8.5 फीसदी के ब्याज दर का भुगतान करना होगा। इस हिसाब से उसे 8.9 फीसदी की दर से हर महीने 7,412 रुपये की ईएमआई का भुगतान करना होगा। इस तरह एक महीने में उसे 117 रुपये और 12 महीने में 1,404 रुपये अधिक देने होंगे। वहीं, सात साल में उसे कुल 9,828 रुपये ज्यादा का भुगतान करना होगा।

क्या है रेपो दर?
जिस दर पर आरबीआई कमर्शियल बैंकों को कर्ज देती है उसे रेपो दर (रेट) कहते हैं। रेपो रेट बढ़ने का अर्थ यह है कि आरबीआई अब बैंकों को कर्ज देने के लिए ज्यादा ब्याज लेगी। इसके प्रभाव से बैंक भी अपने ग्राहकों को दिए जाने वाले कर्ज पर अब ज्यादा ब्याज दर लगाएंगे। इससे होम लोन, कार लोन, पर्सनल लोन समेत बैंकों द्वारा दिए जाने वाले सभी तरह के कर्ज पर ब्याज दर बढ़ेगा। इससे लोन लेने वाले लोगों को ज्यादा ईएमआई का भुगतान करना पड़ेगा। आपको बता दें, बाजार में नकद के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए आरबीआई समय-समय पर रेपो दर में बदलाव करती रहती है।

कर्ज लेते समय इन बातों का रखें ध्यान
बैंकों से किसी भी तरह के लोन लेने से पहले आपको हर महीने कितनी किस्त देनी होगी, यानी आपकी ईएमआई कितनी आएगी, इसकी कैलकुलेशन पहले कर लें। इससे आप यह जान सकेंगे की आपको लोन लेने की क्षमता कितनी है। अगर आप कार लोन लेने जा रहे हैं, तो आप इसकी प्लानिंग पहले से कर सकते हैं।

अगर आप कार खरीदने से पहले लोन अमाउंट, टेन्योर और टोटल रिपेमेंट अमाउंट पहले से जान जाएंगे तो आपको लोन लेने में सुविधा होगी और अपने खर्च को बेहतर तरीके से प्लान कर सकेंगे। आप कार की आधी कीमत का डाउन पेमेंट कर सकते हैं या फिर प्री-पेमेंट का भी प्लान बना सकते हैं।


Click it and Unblock the Notifications