कार डीलरों ने धनतेरस के लिए रोकी तत्काल बुकिंग, जानें वजह
धनतेरस पर यदि आपने एक सपनों की कार खरीदने का सोचे तो थे हो सकता है यह पूरा न हो पाए! दरअसल डीलरों ने ज्यादा मांग की वजह से 23 अक्टूबर यानी धनतेरस के दिन की तत्काल बुकिंग रोक दी है।

सूत्रों के मुताबिक इस दिन चार लाख से अधिक लोगों ने अपनी पसंदीदा कारों की बुकिंग की है। 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2022 के बीच नवरात्रि के दौरान कुल 5,39,227 वाहनों की बिक्री हुई। इस त्योहार के दौरान 1,10,521 यात्री वाहनों और 3,69,020 दोपहिया वाहनों की बिक्री हुई।

आलम यह है कि सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से ज्यादातर का वेटिंग पीरियड 65 हफ्ते से अधिक का है। यानि यदि आप किश्मत वाले होंगे तो ही आपको कार डिलीवर हो सकेगी। टाटा मोटर्स और रेनो इंडिया के शोरूम के मालिक अजय अग्रवाल ने मीडिया को बताया कि बिक्री साल दर साल दोगुनी हो रही है। "नवरात्रि हमारे लिए बहुत शानदार रही है और हमें उम्मीद है कि धनतेरस बहुत बेहतर होगा।"

कार कंपनियों ने अपने शोरूम में सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों की वेटिंग पीरियड की लिस्ट लगा दी हैं। इसमें महिंद्रा की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार एक्सयूवी7OO की वेटिंग पीरियड लगभग 66-68 हफ्ते है। एक्सयूवी5OO में 7-27 हफ्ते का वेटिंग पीरियड वहीं थार डीजल में 23-25 हफ्ते का है जबकि बोलेरो डीजल में 10 हफ्ते तक है।

मॉडल के अलग-अलग वैरिएंट के आधार पर टाटा नेक्सन की वेटिंग पीरियड 16 से 20 हफ्ते है जबकि टाटा पंच की 24 से 26 हफ्ते है। निसान मैग्नाइट की वेटिंग पीरियड 10-12 हफ्ते है। वहीं हाल ही में लॉन्च हुई ग्रैंड विटारा और किआ मोटर्स की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार - सेल्टोस और किआ, मारुति ब्रेजा की भी यही बुरी स्थिति है।

जो ग्राहक बुकिंग करने जा रहे हैं या अपनी पसंदीदा कारों के बारे में पूछताछ कर रहे हैं, उन्हें वेटिंग पीरियडके बारे में स्पष्ट रूप से बताया जा रहा है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के अध्यक्ष मनीष राज सिंघानिया ने कहा कि इस त्योहारी सीजन के दौरान पैसेंजर वाहन की बिक्री एक दशक के उच्च स्तर पर होगी।

उन्होंने कहा कि इस नवरात्रि में कुल खुदरा बिक्री में 2021 नवरात्रि की तुलना में 57% की भारी वृद्धि हुई है। सभी सेगमेंट में दोपहिया (2W), तिपहिया (3W), कॉमर्शियल वाहन, यात्री वाहन और ट्रैक्टर की खरीद में भी उच्च वृद्धि देखने को मिली है। जो क्रमशः 52%, 115%, 48%, 70% और 58% की दर से बढ़ रही है।

इस साल नवरात्रि-दशहरा और धनतेरस-दिवाली के त्योहारी सीजन के दौरान लगभग एक दशक में भारत के वाहन निर्माताओं का डिलीवरी के मामले में सबसे खराब प्रदर्शन है। नवरात्रि से दिवाली तक का त्योहारी सीजन में लोग सबसे ज्यादा वाहन खरीदते हैं लेकिन, इस बार मांग धीमी रही, खासकर उत्तर भारत में जहां दिवाली ऐतिहासिक रूप से एक भावना बूस्टर रही है।

30 दिनों की अवधि के दौरान वाहन पंजीकरण में पिछले साल के त्योहारी सीजन की अवधि की तुलना में दहाई अंकों में भारी गिरावट आई है। इस संख्या में वृद्धि होने की वजह निश्चित रूप से विभिन्न तरह के मटेरियल की कमी, वैश्विक आपूर्ति व्यवधान और नए लॉन्च भी हैं।


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