ऑटो पार्ट्स सप्लायर कंपनी Sona BLW भारत में करेगी 130 मिलियन का निवेश, EVs पर है दांव
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एक बड़ा बाजार बनता जा रहा है, इसी के चलते देशी ही नहीं, बल्कि विदेशी वाहन निर्माता कंपनियां भी भारत में निवेश करने के रास्ते खोज रही हैं। इसी क्रम में भारतीय ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनी Sona BLW Precision Forgings को उम्मीद है कि अगले कुछ वर्षों में उसके राजस्व का दो-तिहाई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) घटकों से आएगा।

कंपनी को ऐसा इसलिए लगता है क्योंकि वाहन निर्माता अधिक स्वच्छ कारों का निर्माण करने की ओर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। इस बात की जानकारी कंपनी के अध्यक्ष ने रायटर को दी है। संजय कपूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि Sona BLW, मोटर और गियर जैसे ड्राइवट्रेन घटकों का उत्पादन करती है।

उन्होंने कहा कि कंपनी अगले तीन सालों में अपने विद्युतीकरण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 130 मिलियन डॉलर का निवेश करेगी। कार निर्माता ईवी बनाने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं, ऑटो पार्ट आपूर्तिकर्ता भी अपने व्यवसाय को नई और स्वच्छ तकनीकों की ओर बढ़ा रहे हैं।

इसके साथ ही ऑटो पार्ट्स निर्माता कंपनियां गैसोलीन-निर्भर आपूर्ति श्रृंखलाओं से दूर जा रहे हैं। संजय कपूर ने कहा कि "हमारे सभी नए निवेश विद्युतीकरण की ओर जाएंगे। अगले कुछ वर्षों में Sona BLW की 2.4 बिलियन डॉलर की ऑर्डर बुक का बड़ा हिस्सा ईवी घटकों के लिए है।"

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि Sona BLW ने साल 2015 में EV पार्ट्स में निवेश करना शुरू किया और मुख्य रूप से कंपनी उत्तरी अमेरिका, यूरोप और चीन में कार निर्माताओं को आपूर्ति करती है। बता दें कि कंपनी ने इलेक्ट्रिक मोटर्स के निर्माण के लिए वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की है।

इसके अलावा कंपनी कम आपूर्ति वाले प्रमुख कच्चे माल पर निर्भरता को कम करने के लिए चुंबक-रहित मोटर्स विकसित करने पर इज़राइल के IRP के साथ भी काम कर रही है। कपूर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर EV पर शुरुआती दांव ने कंपनी को भारत में अपनी मैनुफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने में मदद की है।

उन्होंने बताया कि इससे कंपनी को देश में लागत और प्रौद्योगिकी के मामले में एक हेडस्टार्ट दिया गया है। भारत अपने जलवायु और कार्बन कटौती लक्ष्यों को पूरा करने के लिए EVs के लिए एक पुश देना चाहता है और पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार स्वच्छ कारों और उनके कम्पोनेंट्स के निर्माण के लिए कंपनियों को अरबों डॉलर के प्रोत्साहन की पेशकश कर रही है।

केंद्र सरकार का लक्ष्य आज से साल 2030 तक कुल कारों की बिक्री का 30% इलेक्ट्रिक होना है। संजय कपूर ने कहा कि "यदि आप इलेक्ट्रिक वाहनों, बुनियादी ढांचे और कम्पोनेंट्स (भारत में) में निवेश करना चाहते हैं, तो आपको बड़े बाजारों को देखने की जरूरत है। हम भारत के बाहर के बाजारों को देखते हैं और उस ज्ञान को हम यहां विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत वापस लाते हैं।"


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