की-लेस एंट्री और पुश बटन स्टार्ट/स्टॉप के फायदे पता हैं आपको, क्या जानते हैं इनके नुकसान?
आज की आधुनिक कारों में कंपनियां एक से बढ़कर एक बेहतरीन फीचर्स प्रदान करती हैं। ऐसे ही लगभग हर आधुनिक कार में की-लेस एंट्री और पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप फ़ंक्शन जैसे फीचर्स दिए जा रहे हैं। बाजार में मौजूद एंट्री-लेवल की कारों को छोड़कर, ग्राहक हर सेगमेंट की कारों में इन फीचर्स को देख सकते हैं। कारों में ये फीचर्स क्यों होने चाहिए, इसके कई कारण हैं।

लेकिन कुछ कारण ऐसे भी हैं जो बताते हैं कि इन फीचर्स को कारों में नहीं होना चाहिए। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कि कार में मिलने वाले इन फीचर्स का क्या उपयोग है, इन फीचर्स से जुड़े फायदे क्या हैं और ऐसे कौन से मुद्दे हैं, जिनकी वजह से इन फीचर्स को कार में नहीं होना चाहिए।

क्या है की-लेस एंट्री और पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप?
जैसा कि नाम से ही पता चलता है, की-लेस एंट्री फीचर का इस्तेमाल दरवाजे को अनलॉक करने के लिए किया जाता है और इसके लिए मैन्युअल रूप से चाबी डालने की जरूरत नहीं होती है। पहले कार मालिकों को चाबी डालने और फिर यात्रियों के लिए अन्य डोर लॉक खोलने की आवश्यकता होती थी।

अब आप समझ ही सकते हैं कि यह काम काफी असुविधाजनक है। की-लेस एंट्री का फीचर आपको बिना चाबी के एक बटन के प्रेस के साथ सभी चार डोर को अनलॉक करने की अनुमति देता है। कार में प्रवेश करने के बाद आपको इग्निशन शुरू करने के लिए चाबी डालने की भी आवश्यकता नहीं होती है।

आप अपनी चाबी जेब में रख सकते हैं और एक बटन दबाकर कार को स्टार्ट या बंद कर सकते हैं। ये फीचर्स कार मालिकों को काफी कम्फर्ट का अहसास देती हैं। इन फीचर्स के होने का एक फायदा कार के बूट ट्रंक का ऑपरेशन है। कई बार खरीदारी के बाद जब आपके हाथ व्यस्त होते हैं, तो सिर्फ एक बटन दबाकर आप बूट खोल सकते हैं।

कार के पास पहुंच कर आपको सामान नीचे रखने की भी जरूरत नहीं होगी, सिर्फ एक बटन के दबाते ही आपका बूट खुल जाएगा और आप आसानी से उसमें अपना सामान रख सकते हैं। इसके अलावा आधुनिक चाबियां एक प्रमाणीकरण आईडी के साथ आती हैं जिसे आपकी कार के कंप्यूटर द्वारा पढ़ा जाता है।

इसके बाद ही कार स्टार्ट होने के लिए अनलॉक होती है। चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए यह एक बढ़िया उपाय है क्योंकि कार तब तक नहीं चलेगी जब तक कि कार के अंदर सही चाबी मौजूद न हो और कंप्यूटर द्वारा उसे पढ़ा न जाए। हर समय इतनी सारी चोरी की घटनाएं होने के कारण, ऐसे परिदृश्यों से बचने का यह एक अधिक सुरक्षित तरीका है।

की-लेस एंट्री और पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप के हैं कुछ नुकसान
कीलेस एंट्री और पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप फंक्शन के कई फायदे हैं, वहीं कुछ नुकसान भी हैं। उदाहरण के लिए इस तकनीक की लागत अधिक है और इसे वाहन की खरीद की प्रारंभिक लागत में जोड़ा जाता है। इसके अलावा अगर खराब हो जाता है या रिप्लेस की जरूरत होती है तो मरम्मत, सर्विस और पार्ट्स बदलने की लागत महंगी है।

यदि यह किसी कारण से काम नहीं कर रहा है, तो आप इसे मैकेनिक के पास नहीं ले जा सकेंगे क्योंकि कार बिना चाबी के नहीं चलेगी। जबकि पारंपरिक चाबियों के मामले में आपको सिर्फ एक नई चाबी बनवानी होती है। इसके साथ ही कई हैकर एक नई चाबी प्रोग्राम भी कर सकते हैं।

नई चाबी प्रोग्राम करके वह इसे आपके कंप्यूटर से जोड़ सकते हैं जो कार को चोरी कर सकते हैं। यह व्यक्ति को कार के कंप्यूटर को देखे बिना कार को अनलॉक और ड्राइव करने की अनुमति देता है। ये तकनीक के कुछ नुकसान हैं क्योंकि ज्यादातर लोग प्रौद्योगिकी के इस पक्ष को नहीं समझ पाते हैं।


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