अगर सही समय पर नहीं बेचेंगे अपनी Used Car, तो उठानी पड़ सकती हैं ये परेशानियां
जब Car खरीदने की बात आती है तो Pre-Owned Cars को चुनना शायद अधिक व्यावहारिक और किफायती विकल्प होता है। ये बिल्कुल नई कारों के मुकाबले काफी सस्ती होती हैं, साथ ही इसे खरीदते समय कोई अतिरिक्त लागत भी लगाने की जरूरत नहीं होती है।

साथ ही ज्यादातर मामलों में आप अपनी मनपसंद कार खरीद सकते है, जो कि नई कार की तौर पर आपकी जेब पर काफी भारी पड़ सकती है। हालांकि एक नई कार के बजाय पुरानी कार का मालिक होना वास्तव में एक बुद्धिमान वाला विकल्प नहीं है।

असल में जानकार लोग वास्तव में यह सलाह देते हैं कि आप कार की उम्र और उसकी स्थिति के आधार पर अपनी पुरानी कार को 3 से 5 साल के भीतर ही बदल दें। और यहां हम आपको 5 ऐसे कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको पता चलेगा कि आपको ऐसा क्यों करना चाहिए।

1. पुरानी कार, कम कीमत
एक पुरानी कार एक नई से सस्ती होती है, क्योंकि यह अपने पहले 3-4 सालों के अंदर अपनी कीमत का एक बड़ा हिस्सा खो देती है और इसे डेप्रिसिएशन कहा जाता है। आदर्श रूप से 2 से 3 साल पुरानी कार खरीदना और उसे अगले 3 साल तक चलाना आपको अपने पैसे का सर्वोत्तम मूल्य प्राप्त करने की अनुमति देगा।

2. कार और ज्यादा पुरानी होती जाएगी
Pre-Owned कार को 3-5 साल के भीतर बदलने का दूसरा कारण यह है कि वह लगभग पुरानी हो जाती है। मान लें कि आपने 4 या 5 साल पुरानी कार खरीदी है, अब आप भी इसे करीब 3-5 साल तक चलाते हैं, लेकिन अब यह पुरानी होने लगती है और इसमें बार-बार यांत्रिक समस्या होने लगती हैं।

3. मैकेनिक को भुगतान क्यों करें?
जब तक आप और आपकी कार के पिछले मालिक ने वाहन के रख-रखाव में उच्चतम स्तर की सावधानी नहीं बरती है, 7 या 8 साल पुरानी कार आपको समस्या देना शुरू कर देगी। इसमें माइलेज में गिरावट, इंजन का अधिक गर्म होना, इंजन में कम तेल का स्तर और रेडिएटर की समस्या जैसी समस्याएं होंगी।

4. नई कार, बेहतर फीचर्स
कार जितनी नई होगी, आपको इसके साथ बेहतर क्रीचर कम्फर्ट मिलेगा। 5 साल पहले अगर आपकी इस्तेमाल की गई कार में केवल हैलोजन हेडलैंप, 2-DIN ऑडियो सिस्टम और एक मैनुअल एयर-कॉन सिस्टम है तो अब नई कारों में ज्यादा LED हेडलैंप, टच-स्क्रीम जैसे नए फीचर्स मिलने लगे हैं।

5. नई कार ज्यादा सुरक्षित
अब नई कारों में एयरबैग, ईबीडी के साथ एबीएस, पार्किंग सेंसर, सीटबेल्ट रिमाइंडर, हाई-स्पीड अलर्ट और यहां तक कि आईएसओफिक्स चाइल्ड सीट माउंट जैसे कई सेफ्टी फीचर्स मिल रहे हैं, जो 3-4 सालों में कारों में स्टैंडर्ड तौर पर आने लगे हैं। तो अगर आप पुरानी कार लेते हैं, तो यह फीचर्स आपको नहीं मिलेंगे।


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